- पंचर वाला तो आतंकी बना
- वो प्रोफेसर बना तो आतंकी बना
- वो डॉक्टर बना तो आतंकी बना
- HR बना/बनी तो जिहादी बना
- वो TCS में गया तो जिहादी बना
वो चाहे अनपढ़ रहे, चाहे टॉप क्लास पढ़ जाए लेकिन वो काफिरों को लेकर अपना मजहबी मकसद नहीं भूलता
Writers & actors built careers on propaganda, and the industry stayed quiet like cats. Now the same clan mock Dhurandhar. You don’t get to call yourself liberal if your first instinct is to Mock.
Don’t know when truth started getting labeled as propaganda...... strange times.
COMING TO THE POINT.....
I want to tell @AdityaDharFilms & @RanveerOfficial yeh kaala drishti aise nahi jaayega... Muthi bhar ke laal mirch se kaam nahi chalega.... poora khet jalana padega 🔥
Watched #Dhurandhar2TheRevenge last night.... Outstanding film 🙏
टीम खुरपेंच ने अब सीधे तौर पर FSSAI के उन अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो अपने क���्तव्य से भाग रहे हैं , आँख मूँदकर मंज़ूरी दे रहे हैं और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने दे रहे हैं। यह लड़ाई औपचारिक शिकायतों की नहीं , जवाबदेही तय करने की है।
अब आपकी भागीदारी अनिवार्य है।
अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ नकली पनीर , मिलावटी घी , ज़हरीली मिठाइयाँ , पॉम ऑयल से भरी चीजे , दूषित सब्ज़ियाँ और मसाले खाकर बीमार होती रहेंगी।
👉 देश तेज़ी से कैंसर की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है और सिस्टम चुप है।
टीम खुरपेंच लगातार रिकॉर्ड , लाइसेंस , सैंपल रिपोर्ट, बजट और मंज़ूरी के कागज खंगाल रही है।
👉 सारा डेटा सार्वजनिक किया जाएगा ,
👉 हर जिम्मेदार अफसर और फैसले की जवाबदेही तय कराने की भरकस कोशिश होगी।
पैसा लेकर मुहर लगाने वाले ,
काग़ज़ पर सुरक्षा और जमीन पर ज़हर बेचने देने वाले अधिकारियों को बेनकाब किया जाएगा।
यह साफ किया जाएगा कि किसने क्या साइन किया, किस कीमत पर किया और उसके नतीजे में कितनी ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ीं।
> यह चेतावनी है , अपील नहीं।
या तो आज सवाल उठेंगे या कल लाशें गिनी जाएँगी।
अब लगभग तय माना जा रहा है कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास गाड़ी में हुआ ब्लास्ट एक आत्मघाती हमला था।
और यह भी साफ हो चुका है कि जिस i20 गाड़ी में धमाका हुआ उसे उमर मोहम्मद अकेले चला रहा था -जो कि फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी नेटवर्क का ही सदस्य था।
इस नेटवर्क का भंडाफोड़ जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस को फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान हुआ। इस छापेमारी में डॉ. मुज़म्मिल शकील और कुछ अन्य के कि��ाए के घरों से 2,500 किलो IED बनाने की सामग्री, हथियार, टाइमर और अन्य सामान बरामद किया गया था।
यहीं से इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ शुरू हुआ और कुछ सदस्य पकड़े भी गए।
इसी जांच में सामने आया कि पुलवामा का रहने वाला उमर मोहम्मद भी इसी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। पेशे से यह भी डॉक्टर था।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मॉड्यूल से जुड़े लगभग सभी आतंकी पेशे से डॉक्टर थे।
इसी बीच, दिल्ली में लाल क़िला मेट्र�� स्टेशन के पास एक सफेद Hyundai i20 में विस्फोट हो गया।
CCTV फुटेज से पुलिस को यह पता चला कि गाड़ी उमर चला रहा था।
इससे यही समझ आता है कि मॉड्यूल के भंडाफोड़ होने के बाद, पकड़े जाने के डर से उसने हड़बड़ी में यह आत्मघाती विस्फोट किया।
धमाके में इस्तेमाल हुई i20 कार का मालिकाना रिकॉर्ड भी इस क्रम में मिला: सलमान - देवेंद्र - तारिक (उमर का भाई)
मतलब, कार ��ख़िरी बार उमर ने ही खरीदी थी।
फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि क्या कार चलाने वाला व्यक्ति सही में उमर था? और क्या वह धमाके में मारा गया या भागने में सफल हुआ?
सोचिए -अगर यह पूरा मॉड्यूल समय रहते पकड़ा न जाता, तो वे किस स्तर की आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा की संयुक्त पुलिस टीम एवं जांच एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जानी चाहिए।
@s_afreen7 जब तक इस देश में तुम्हारे जैसे चुस#%लाम जिंदा है तब तक इ�� देश में हमला आतं@@कवादी होते रहेगा। जिस देश में 25 करोड़ दे%%शद्रोही रहते हो उसे देश में आतं==/कवादी हमला कैसे ना होगा वहां 350kg क्या 5000kg आरडीएक्स आ जाएगा।