*गेमिंग ऐप्स पर होने वाले आर्थिक नुकसान का सबसे बड़ा कारण है उपयोगकर्ता का लालच।*
ये ऐप बड़ी रकम जीतने का झांसा देकर दांव लगवाते हैं और शुरुआती जीत दिखाकर मोटी कमाई का लालच देते हैं।
गेमिंग ऐप्स के बड़े दावों के झांसे में न आएं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें।
_#RajasthanPolice
सुतली बम की तरह ही फोड़ते है डोटासरा🔥💣
पीसीसी चीफ हो तो गोविन्द डोटासरा जैसा
राजस्थान 2028 में 160+ सीटों से फतेह करेंगे ✊
वीडियो बाद में सुनना पहले ठोको रिट्वीट 😎😎
जनजातीय अस्मिता के प्रतीक, मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए आदिवासी आंदोलन में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले लोकनायक बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आदिवासी समाज को स्वाभिमान एवं आत्मगौरव से सम्पन्न बनाने और उनके अधिकारों की रक्षार्थ हेतु आपके द्वारा किए गए संघर्ष, अदम्य साहस और योगदान युगों-युगों तक याद किए जाएंगे।
@AadeshRawal सचिन पायलट ने कब कहा है कि वो राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे क्योंकि एक गरीब किसान परिवार से निकालकर कांग्रेस ने राजेश पायलट और सचिन पायलट को केंद्रीय मंत्री, विधायक, उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव सब कुछ बनाया है।
यह महाशय @SachinPilot ji अपने निजी स्वार्थ के लिए युवाओं की आड में कांग्रेस की सरकार के समय अजमेर से जयपुर पैदल यात्रा और युवाओं से छालो की कसम खाकर गये थे कि RPSC का पुनर्गठन करवा के मानूंगा।
परन्तु जैसे ही भाजपा सरकार बनी ओर विपक्ष की भूमिका आंदोलन की जगह AC में सो रहे हैं
यह महाशय @SachinPilot ji अपने निजी स्वार्थ के लिए युवाओं की आड में कांग्रेस की सरकार के समय अजमेर से जयपुर पैदल यात्रा और युवाओं से छालो की कसम खाकर गये थे कि RPSC का पुनर्गठन करवा के मानूंगा।
परन्तु जैसे ही भाजपा सरकार बनी ओर विपक्ष की भूमिका आंदोलन की जगह AC में सो रहे हैं
ये पत्रकार हैं, पहले खुद अफवाह फैलाते हैं फिर पकड़े जाएं तो अपनी नीचता छुपाने के लिए अपनी दलाली का भार भी नेताओं पर डाल देते हैं।
जनता सब देख रही है और पत्रकारिता भी इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है जिसकी चोटी जनता के हाथ में ही है।
इसी से सीख लेकर खुद को राजकुमार मान बैठे नोएडा के किसान परिवार में जन्मे सचिन पायलट जी को भी बीजेपी में शामिल होने वाली अफवाहों पर लगाम लगानी चाहिए और खुलकर NEET पेपर लीक पर कांग्रेस, युवा कांग्रेस और NSUI के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत करनी चाहिए।
सचिन पायलट कांग्रेस में ही राजकुमार वाली फिलिंग ले सकते हैं, भाजपा में शामिल होने के बाद तो वो जानते हैं कि असली राजपरिवारों के राजकुमारों को भी बीजेपी कैसे ट्रीट करती है, सचिन पायलट तो फिर किसान परिवार से निकले राजनेता हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ (झूठे और गुप्त सूत्रों के हवाले से):
पश्चिमी यूपी से आने वाले कांग्रेस के एक बड़े नेता ने छालों की कसम खाते हुए BJP आलाकमान को दी सीधी धमकी, अगर उन्हें बीजेपी में शामिल कर राजस्थान का मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है, तो वो 2027 UP चुनाव में अपने गांव वैदपुरा की दादरी विधानसभा समेत पूरे पश्चिमी UP में कांग्रेस के लिए अथाह मेहनत कर भाजपा को हरा कर सबक सिखा देंगे।
उन्होंने राजस्थान मुख्यमंत्री बनकर 2028 में बीजेपी की सरकार रिपीट करने की गारंटी भी दी है।
कृषि विभाग में करोड़ों का भ्रष्टाचार!
कृषि मंत्री @DrKirodilalBJP जी, जवाब दीजिए
जो लोग आपके साथ छापेमारी में कार्रवाई करते दिखते थे, वही आज 2.43 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए हैं। अगर आपके साथ चलने वाले लोग करोड़ों की सौदेबाज़ी कर रहे थे, तो आखिर यह पैसा कहां जा रहा था?
क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी? या फिर आपके नाम पर कार्रवाई का डर दिखाकर उगाही का खेल चल रहा था?
मंत्री जी, राजस्थान की जनता को जवाब चाहिए। ये भ्रष्टाचार आपकी नाक के नीचे हो रहा था या आपके संरक्षण में?
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी.. जांच करवाइए और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजिए।
भाजपा सरकार के संरक्षण में डकैती...
कल मैंने कहा था कि कृषि विभाग में छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा है। आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी को 2.43 करोड़ की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है।
चौंकाने वाली बात ये है कि ये रिश्वतखोर बीकानेर व सीकर के अलावा जोधपुर, भीलवाड़ा और श्रीगंगानगर में भी छापेमारी के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी के साथ थे। जोधपुर और सुजानगढ़ में भी कार्रवाई के नाम पर करोड़ों रुपए ऐंठने की बात सामने आ रही है।
अब स्पष्ट हो गया है कि कृषि मंत्री के साथ और उनका आदेश लेकर जो लोग कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमते थे, वही करोड़ों की सौदेबाज़ी करते पकड़े गए हैं।
सीकर से बीकानेर और श्रीगंगानगर तक भ्रष्टाचार के मामलों के उजागर होने के बाद ये भी साफ प्रतीत हो रहा है कि कृषि विभाग की छापेमारी का असल मकसद कार्रवाई का डर दिखाकर उगाही करना था। राजस्थान में कार्रवाई, डर और धमकी के नाम पर छापेमारी की आड़ में 500 करोड़ रुपए की उगाही किए जाने के गंभीर आरोप हैं।
कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई करने वाले अधिकारी करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने का साहस कर रहे थे, तो ये पैसा आखिर कहां तक पहुंच रहा था? क्या इसकी डोर ऊपर तक जुड़ी हुई है? या फिर मंत्री जी इस भारी भ्रष्टाचार से बेखबर थे?
तस्वीर साफ हो चुकी है… पहले मंत्री जी के साथ छापेमारी, फिर सेटिंग और उगाही! कृषि मंत्री @DrKirodilalBJP जी, आखिर भ्रष्टाचार का ये खेल किसके संरक्षण में चल रहा था?
किसानों को नकली खाद बांटकर, व्यापारियों से सौदेबाज़ी करने वालों को राजस्थान कभी माफ़ नहीं करेगा। यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि अन्नदाता के विश्वास के साथ किया गया विश्वासघात है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराइए। जनता जानना चाहती है कि इस भ्रष्टाचार के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। @RajCMO
उम्मीद है कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट अब बीजेपी में शामिल होने, बीजेपी से मिले हुए होने वाली सभी अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सड़कों पर उतरेंगे और नीट पेपर लीक पर इसी तरह से बीजेपी की केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी को घेरेंगे।