Her smile makes my day beautiful......and I forget my all pain .....she is a goddess for me ....🙏🙏🙏 @shreyaghoshal#ShreyaGhoshalDay
THE SHREYA GHOSHAL DAY
A Festival of all sgians ....
Thanks @shreyaghoshal .... ma'am ❤️ Lots of love ❤️
नाम: अंकित अवस्थी
Education:
https://t.co/rnq3JPqfMS: Gold Medal
GATE: AIR 41st
https://t.co/hUQFhcCGJP: IIT Kanpur
Jobs:
Bansal Classes के टॉप फैकल्टी
Unacademy पर Top Teacher
First Attempt में RAS में 235वीं Rank
जयपुर में ��बकारी अधिकारी जैसी शानदार पोस्ट
नाम: अमित किल्हौर
UPSC का पहला Attempt: Failed
UPSC का दूसरा Attempt: Failed
UPSC का तीसरा Attempt: Failed
UPSC का चौथा Attempt: Failed
UPSC का पांचवां Attempt: Failed
UPSC का छठवां Attempt: Failed
इसीलिए कहते हैं कि बहस भी बराबरी वालों से करनी चाहिए। अंकित सर और अमित किल्हौर के बीच कंपैरिजन करना ही बेमानी है।
India’s second-longest railway bridge (viaduct) is taking shape in Odisha!
The 4.77-km-long viaduct in Nayagarh is being constructed as part of the Khordha-Balangir railway line project.
The train journey on this route will be breathtaking.
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छु���्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच ��्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - ���से 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
Thank you, Hon'ble @PMOIndia, for your greetings. The well-being of our people remains our only goal.
Transcending politics, we shall focus on the State's progress and the welfare of people of Tamil Nadu. We look forward to the Union Government’s support in this endeavor.