Starting a new chapter in my social media journey. I’m excited to release my first-ever Podcast soon.
I hope you’ll continue to encourage, support and stand by me. 🙏
@TelanganaMaata
జరిగింది ఎక్కడో కదా.. మాకెందుకులే అని ఇప్పుడు మీరు వదిలేస్తే, రేపు మీరు కష్టపడి సంపాదించిన ఆస్తులను మాత్రమే కాదు… అంతకంటే విలువైన మీ కుటుంబాన్ని కూడా అదే కబళించి వేస్తుంది.. ఆ.. అది ఏంటో మీకు తెలుసు కదా..🐑🐖 ఇప్పుడే మేల్కోండి… జాగో హిందూ!🚩
विवाद ये कतई नहीं है कि महिला क्या पहनें... दिक्कत दोगलेपन से है और हिंदू त्योहारों पर लोगों को उनकी परंपराओं से प्रभावित करने वाले हथकंडों से है।
क्योंकि ऐसा नहीं है कि कृति सेनन ने कोई पहली बार कुछ ऐसा पहना है और विवाद हो गया।
कब क्या पहनना चाहिए इसका एक सलीका होता है। उदाहरण के लिए गु��ुद्वारे में जाने से सिर ढंकने की परंपरा है, मंदिर में आप भरे-पूरे कपड़े पहनते हैं। बहुत से मंदिरों में पुरुषों के हॉफपैंट पहनने तक पर रोक है, लेकिन वहां तो कोई कपड़ा पहनने की आजादी का तबला नही बजा रहा है।
इसलिए विक्टिम कार्ड खेलने की जगह लोकतांत्रिक देश में हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात करना बंद करें। हिंदू सहनशील है इसका यह अर्थ नहीं है कि आप बार-बार उसके संयम की परीक्षा लेते रहें।
GIVA ने ये ���ड हटा दिया है, इस हेतु धन्यवाद।
"Terrorism has no religion... but Patriarchy suddenly does". Why is it that whenever major crimes or global issues are discussed, we are constantly reminded that “crime has no religion,” yet the moment traditional Hindu festival instantly labeled, targeted, and blamed on it.