Before the elections: “I’m Bihar’s daughter. I’ll work for you and bring development to my constituency.”
After the elections: “Poor people drowning in floods? Anyway, I’m off to the Netherlands. Don’t forget to feel proud.” 😏✈️
China, Japan, South Korea etc have 0 reservation, in any field.
And they have good sports budget.
While in India SC/ST budget is 75 times sports budget 👇
सरकार के लोग अजीत भारती के दमदार पत्रकारिता से अंदरखाने में बहुत बैचेन है। आपस मे सुगबुगाहट करते है इसको बैल की तरह नाथना बहुत जरूरी हो गया है।
अरे सुनो जी महाराज हलुआ समझा है क्या? जो किसी को नाथ दोगे? Ajeet Bharti को फ्लावर समझा था, फ्लावर नही , वह फायर है 🔥
एक तो बिहार ,उसपर से बेगुसरिया , साथ मे सैनिक स्कूल का बंदा , 72 इंच का कलेजा तो by डिफ़ॉल्ट सिस्टम से मिलता है,
सुनो सरकार, जमानत रिजेक्ट करवा दो, जेल भेजवा दो, उस बंदे को नही झुका पाओगे, बेगूसराय के मिट्टी का है, इतिहास बना देगा वह
शिवपुरी का 113 करोड़ का सीवर प्रोजेक्ट फेल! सिंधिया बोले, "भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया!" यदि @CMMadhyaPradesh के उसूलों पर आंच नहीं आ रही हो, तो तुरंत जवाब दे!
पटवारी राजेश मंडलोई ने स्वामित्व योजना का असली मतलब समझ लिया—गांव का चबूतरा, कुआं और रास्ते तक अपने व पत्नी के नाम कर दिए। 51 पट्टे परिवार में! अब निलंबित
📍खंडवा
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के कोल गांव के पटवारी राजेश मंडलोई ने सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ,
ग्रामीण परिवारों के घरों,जमीनों के 51 पट्टों को खुद के और अपनी अर्धांगिनी के नाम करवा दिया! 🤡
Look at the condition of our roads, highways and basic public infrastructure and then we wonder why people leave India for the US or Canada.
Quality of life isn’t just about salary. Basic infrastructure matters.
दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर “नरेंद्र मोदी हाय हाय” के नारे लग रहें हैं। खास बात ये है कि ये कोई नेता या एक्टिविस्ट नहीं बल्कि आम लोग ये नारा लगा रहें हैं। देश का गुस्सा आसमान छू रहा है।
ये जंतर मंतर 2.0 की आहट है।
अभिनव सर की लाइव क्लास में एक स्टूडेंट का कमेंट आया कि आप पढ़ाना छोड़ कर विधायक जाइये,
जवाब में अभिनव सर ने कहा कि,
"उत्तर प्रदेश में 400 से ज्यादा विधायक हैं, आप दस के भी नाम नहीं बता पाओगे,
लेकिन देश के लाखों टीचर में से 10 का नाम पूछा जाए तो उसमें मेरा नाम आ जाएगा।
विधायक बनते हैं कि साल में 5 करोड़ मिलेगा तो उसमें से कुछ बचा लेंगे, फॉरच्यूनर खरीद लेंगे,
मैं विधायक क्यों बनू ? फॉरच्यूनर खरीदने के लिए, मेरे पास 2017 में मर्सिडीज थी।
आपने किसी विधायक को देखा हैं जो मुख्यमंत्री से जाकर कभी कहा हो कि महाराज जी ये भर्ती निकाल दीजिए,
जबकि मैं तो जहां प्रदर्शन होता हैं वहां पहुंच जाता हूं , सरकार के खिलाफ बोल लेता हूं।"
सवर्ण समाज को सरकारी आवास योजना से बाहर क्यों कर रही है भाजपा सरकार?
मध्य प्रदेश के बाद अब हमारे बिहार में भी आवासीय योजनाओं से सामान्य वर्ग के लोगों को बाहर रखा गया है।
"अभियान बसेरा योजना" सिर्फ SC/ST/OBC/EBC के लिए है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा को वोट देने से पहले यह सोच लेना कि,
"भाजपा अन्य राज्यों में कैसा जातिवाद कर रही है।"
📍शासकीय प्राथमिक स्कूल पुजाराफलीया, अलीराजपुर, मध्यप्रदेश
स्कूल भवन को पक्की बिल्डिंग में तब्दील इसलिए भी नहीं किए ,ताकि बच्चों की जान सुरक्षित रहे।
आए दिन देख रहे हो कैसे पक्की बिल्डिंग के नीचे बच्चे दबे मिलते हैं।।