जो विवेकशील है, विवेकी हैं एवं संभवतः नाम से भी विवेक है, विवेकपूर्ण निर्णय करके, विवेक से ही, भावी पीढ़ी को भी विवेकपूर्ण मार्ग दिखायें, विवेकशील भारत की नींव रखे। यह आपका विवेक होगा।
मैं, 145 करोड़ देशभक्तों (अंधभक्तों को छोड़कर) से, 2014 से चले आ रहे अघोषित आपातकाल के दौरान, अपने ऊपर हुए अत्याचार, अनाचार और भ्रष्टाचार के अनुभवों को साझा करने के लिए विनती करता हूँ!! 🙏🇮🇳⚖️
रूह कँपाने वाली अमानवीय यातना से गुज़रे इस मज़दूर का बयान सुनिए.
इनके जैसे तमाम मजदूरों को उत्��र प्रदेश के मुजफ़्फ़र नगर के कारखाने में बंधक बनाकर रखा गया था.
24 घंटे में एक बार सूखी नमक रोटी देकर लगातार काम कराया जाता था. सोने नहीं दिया जाता था, कुत्तों से कटवाया जाता था.
@myogiadityanath @myogioffice
दरिन्दो पर क्या कार्रवाई की गई, कौन है वे इतने प्रभावशाली, जिनको किसी का डर नहीं है।
पुलिस ने उसको पकड़ कर कहाँ रखा है, किस जेल में है, इसका जबाब कौन देगा।
हम कौनसी सदी पहुँच गये हैं।
��ुजफ़्फ़रनगर में मज़दूरों को बंधक बनाकर, हथौड़े, पेचकस और बेल्ट से पीट-पीटकर, कुत्तों के कटवाकर, भूखा रखकर लंबे समय से काम करवाया जा रहा था.
मजदूरों का दर्द सुनकर कलेजा काँप जाएगा.
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है.
मुजफ़्फ़रनगर में मज़दूरों को बंधक बनाकर, हथौड़े, पेचकस और बेल्ट से पीट-पीटकर, कुत्तों के कटवाकर, भूखा रखकर लंबे समय से काम करवाया जा रहा था.
मजदूरों का दर्द सुनकर कलेज�� काँप जाएगा.
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है.
बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, महिलाएँ और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए। राजस्थान की भजनलाल सरकार बताए कि घर तोड़ने से पहले इन परिवारों के रहने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
क्या अब मान लिया जा�� कि भारत में आदिवासियों के कोई अधिकार नहीं है।
Country as a whole is getting ready to go to hell!
Sanghi dont be happy. Its hindu families home getting bulldozed.
Brutality must end.
This serve no purpose
एक बात समझ नहीं आई पेपर लीक का श्रेय मोदी जी ने क्यों नहीं लिया जब प्रधान जी के सारे काम वो ही देखते है तो । @ndtvindia@ndtv
जब सारे काम मोदी जी खुद ही बहुत बढ़िया तरीके से कर लेते है बाकी मंत्रियों की फौज रखने से क्या फायदा ?
इसी लिए जिस प्रधान का का काम भी हमारे मोदी जी को करना पड़े सबसे पहले उस प्रधान को बाहर निकाल देना चाहिए।
मुंबई येथे संजय दीना पाटील यांनी एका पत्रकाराला मारण्याची धमकी दिली. आज पत्रकारसुद्धा सुरक्षित राहिलेले नाहीत, ही चिंताजनक बाब आहे. माहिती जनतेसमोर मांडण्याचे काम करणाऱ्या पत्रकारांना केवळ बातमी दिल्याच्या कारणावरून धमक्या दिल्या जात असतील किंवा त्यांच्यावर हल्ल्याचा प्रयत्न होत असेल, तर ही घटना अत्यंत संतापजनक आहे. त्यामुळे या घटनेच��� दखल घेऊन संबंधित प्रकरणाबाबत तातडीने निवेदन करावे अशा सूचना द्याव्यात, ही मागणी सभागृहात केली.
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उज्जैन में परिवार और स���बंधित कंपनियों द्वारा 335 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप लगाया है. वहीं पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, 'PM मोदी विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके CM जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे. यही तो इनकी पार्टी का काम ��ै'
As the world recoils in horror at yet another independent UN finding that Israel has committed genocide, deliberately targeted children, and perpetrated atrocity crimes against the Palestinian people, India can take pride that the Chair of this inquiry is our own Justice Dr. S. Muralidhar.
The irony, however, is impossible to miss.
A judge honoured globally for speaking truth to power and defending human rights was hounded and transferred by the RSS-BJP regime because he became too inconvenient at home.
Israel's shame is the genocide and brutalisation of an entire people. India's shame is that those who speak for justice are persecuted, while those who preach and perpetrate violence are celebrated and glorified.
History has a long memory. It remembers both the perpetrators of injustice and those who had the courage to name it.
More power to Justice Dr. S Muralidhar.
Dear @dpradhanbjp ji, this is a lie.
There was a full chapter on the Emergency in the NCERT textbook since 2007.
I was involved in writing it and ensuring that the ugly truth was not hidden from students of Political Science.
Here’s the story of how Emergency made it to school textbooks during Congress raj
https://t.co/q8505gIoEk via @theprintindia
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें अ��त्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों ने सब लूट लिया।
इन चोरों ने खुद के घर भर लिए, अपने बच्चों को विदेश में सेटल कर दिया और अयोध्या वासियों का घर उजाड़ दिया।
ये प्रभु श्री राम का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शख्स का फूटा गुस्सा