आरएसएस को योगी आदित्यनाथ से यही चिढ़ है।
-ब्राह्मण शिरोमणि पंडित भजनलाल शर्मा कन्हैयालाल के हत्यारों को खोज नहीं पाए।
-यहाँ यूपी में 24-48 घंटे में पुलिस को मिल जा रहे हैं।
समस्या यहाँ यह है कि मुसलमान के लिए इस्लाम ही सबकुछ है। हर मदरसा, हर मस्जिद प्लान कर रही है। तो चारा ही क्या है?
बाकी चीजें साइड में रखनी ही होंगी।
#यूपी_2027_राजनीति_राग_जनतंत्र
भारतीय सेना में सिपाही परिवार नहीं रख सकता है, और नए अफसर साहेब प्रेमिका प्रपोज करके सोशल मीडिया की हवाबाजी कर रहे हैं।
पहले ही से ही अग्नीवीर की मार झेल रहा, आम सैनिक क्या माने इसे? कि पहले सेना में अफसर जवान के बीच वही ब्रिटिश वाला अंतर था, और अब यह साहब की छिनरई का अड्डा है?
उतर प्रदेश मे योगी आदित्य नाथ को किनारे करने की कोशिश बहुत हुई थी…
वो तो योगी आदित्य नाथ की लोकप्रियता इतनी ज़्यादा बढ़ चुकी थी..
इसलिए आलाकमान का बस नहीं चला…
वरना आज उतर प्रदेश में भी वही फ़ज़ीहत होती…
जो राजस्थान, बिहार और मध्यप्रदेश में हो रही है…
Raja Gulab Singh refused to join the quest of Maharani Jind Kour and Wazir Lal Singh after his Son, Nephew Hira Singh Dogra and Pandit Jhalla were murdered by Jind Kour and Lal Singh. Raja Gulab Singh told Jind Kour not to cross River Satluj abd confront Britishers as there was an agreement signed by Maharaja Ranjit Singh with Britishers not to cross River Satluj. She went ahead against the wise advice and lost.
Jind Kour and Dalip Singh were protected by Raja Suchet Singh(Brother of Raja Dhyan Singh) which she wanted to be a Wazir by replacing Hira Singh Dogra. Raja Suchet Singh was murdered by Pandit Jhalla.
After loosing two sons, two brothers and a nephew to Lahore Darbar even britishers wrote in their books that Maharaja Gulab Singh was loyal to Lahore Darbar.
The real betrayal came from Lal Singh Wazir who gave land between River Ravi and River Jehlum to Britishers in lieu of the war indemnity of 100,000 Sterlings asked by Britishers. This land was the Difra region and Jigirs of Raja Hira Singh, Raja Gulab Singh, Raja Dhyan Singh and Raja Suchet Singh. All Dogra land was given.
Maharaja Gulab Singh who was a a great leader requested Britishers to give him Dogra land and he will pay for it. It was not a Gift but he paid 75 Lakh Nanakshahi to buy back his ancestral land. Read this book to know more about how Dogras were the strongest pillars of Lahore Darbar which tumbled the moment Dogras were eliminated from Lahore Darbar.
Maharaja Ranjit Singh raj was the combined Raj of Punjabis and Dogras.
This article is equating Magaraja Ranjit Singh Raj as Sikh Raj is completely wrong.
Look at the list of the Wazirs in the Lahore Darbar you will understand the powerful Dogra brothers as the strongest pillars of Lahore Darbar. Raja Dhyan Singh Dogra was the longest serving Wazir for 26 years followed by Maharaja Gulab Singh, Hira Singh Dogra etc
I agree that infighting is the bane of our fall but at the same time we need to careful how the fake history is paddled and used against us.
राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट,भजन वही है,पर मतलब बदल गया क्यूंकि आज राम मंदिर ट्रस्ट क्षत्रिय विहीन है, उन सभी लोगों को शर्म आनी चाहिए जो राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े थे,सरकार एस आई टी रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करे , यह राम भक्तों का अधिकार है
भगवान परशुराम भूमिहारों, त्यागियों के देवता हैं। और ब्राह्मण उन्हें चुराकर परशुराम का प्रतीक हथिया रहे हैं। इससे दो लाभ है पहला कि वे अपने को वीर दिखाने का नैरेटिव सेट होगा।
दूसरा वह छतरियों को नीचा दिखाएँ��े, खास तौर पर योगी को।
और तीसरा भगवान परशुराम पर कोई उंगली उठाएगा, तो भूमिहार, त्यागी समाज लड़ लेगा। वे केवल अपनी सेटिंग करके माल खाएँगे।
यानी जब उनकी जरूरत है, तब वह तैसा इस्तेमाल कर लेते हैं। नहीं तो राम इमाम हैं। जातिवाद समाप्त हो गया है। लेकिन चित्रा त्रिपाठी मुसहर को धमका सकती हैं। पर मुसहर सवाल नहीं पूछ सकता है।
गजब का ब्राह्मणवाद है, इसे, उसे इस्तेमाल करो फिर कूड़े में डालकर नया सेट हो।
#नैरेटिव_के_किस्से
Hindus abuse Maharaja Jayachandra day× night n branding him a traitor... And see... now, those very same Hindus r committing an act of betrayal against shree Ram at Maharaja Jayachandra's Ram Tirath !
Ishwar himself is showing who is his real devotee and who r traitors
कुल मिलाकर भरत तिवारी का परिवार सेट कर दिया गया।
एक क्रिमिनल माइंड के लड़के को शाहिद बना दिया गया।
Usके एनकाउंटर वाली जगह पर 2- 4 ईंट रखकर बरहम पुजवाने की शुरुआत हो गई।
उसके भाई को भी किसी न किसी पार्टी से टिकट मिला जाएगा।
दलितों से अकूत संपत्ति जमा करने वाले कथावाचक भारत तिवारी के घर जाकर उसे करोड़ों की मदद करे��गे।
Yaनी भरत तिवारी जिंदा था तो परिवार के लिए सिरदर्द था। पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द था। मर गया तो परिवार को करोड़पति बना गया।
अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं?
अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए?
तो पढ़िए!
अखिलेश जी! एमपी कैडर के आईएएस भरत यादव जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपन��� रिश्ता छिपा लिया। अखिलेश जी भरत यादव आपके "कुबेर" चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं। उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा।
अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के नाम पर हुए एक फर्जी खुलासे से आप डर गए? मध्य प्रदेश में हाईवे का रास्ता कहां से जाएगा- यह भरत यादव तय करते हैं या उन्हें इस बात की जानकारी होती है। जो आपके हैं, अप���े हैं, खास हैं।
इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है। और जमीन 'खाने' के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है। इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में सैफई परिवार ने यही किया था। फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया।
निजी फायदे के लिए सैफई तक अनावश्यक रूप से रूट का मार्ग घुमाकर एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किमी और ज्यादा बढ़ा दी गई। औने-पौने दाम में जमीनों को खरीदकर भारी भरकम मुआवजा वसूला गया।
सपाई लोडरों!
गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट जारी करने के बाद अखिलेश को डर बैठ गया है कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट जारी न हो जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाए।
जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं।
@yadavakhilesh
@DrMohanYadav51
@ThePuneMirror Why these Jetas can't say No before fixing a marriage? It's a lot easier than planning a murder. And how can men not sense if the girl is uncomfortable or being pressured into it?