इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस एवं हॉस्टल शुल्क वृद्ध��, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 10 जुलाई से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के विरुद्ध पहले एफआईआर दर्ज करना, उन्हें निलंबित करना, विश्वविद्यालय परिस��� में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना तथा उसके बाद आंदोलन के दौरान उनके साथ लगातार मारपीट और हमले की घटनाएं अत्यंत पीड़ादायक व चिंताजनक हैं।
2 अगस्त को दर्शनशास्त्र विभाग में प्रवेश लेने वाले एक छात्र के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा अभद्रता और मारपीट की घटना भी सामने आई। इसके बाद, 3 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हमला हुआ, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। घायल छात्रों की शिकायत ���िए जाने के बावजूद समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। साथ ही, घटना लगभग दोपहर 3 बजे हुई, लेकिन अधिकांश घायल छात्र-छात्राओं को रात लगभग 11 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद ही उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया। घायलों को समय पर उपचार न म���लना तथा शिकायतों पर विलंब से कार्रवाई होना अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।
हम @EduMinOfIndia से मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, हमले और मारपीट की सभी घटनाओं की सत्यता सामने लाई जाए, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, घायल छात्र-छात्राओं को समुचित चिकित्सा, सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही, छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमों, निलंबन तथा परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की निष्पक्ष समीक्षा कर लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। छात्र प्रतिनिधियों के साथ तत्काल सार्थक संवाद स्थापित कर फीस वृद्धि, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े सभी मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रयागराज की स्थानीय टीम घटना के बाद मौके पर पहुंची और पीड़ित छात्र-छात्राओं के साथ मौजूद रही।
@mygovindia
@UoA_Official
@JoshiPralhad
#AllahabadUniversity
��ध्य प्रदेश के सागर जिले की बेटियों की यह तस्वीर भाजपा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की सच्चाई उजागर करती है।
रहली विकासखंड के बेरखेड़ी कल्ला और चेनपुरा गांव की छात्राओं को हर दिन स्कूल पहुंचने के लिए उफनती कोपरा नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। जिस पुलिया के सहारे वे स्कूल जाती थीं, वह चार वर्ष पहले टूट गई थी, लेकिन आज तक उसका न तो पुनर्निर्माण कराया गया और न ही मरम्मत की गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस गंभीर समस्या से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह बेहद शर्मनाक है। सोचने को मजबूर हूं कि आखिर सत्ताधारियों को चैन की नींद कैसे आती है?
उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को पानी जैसी सब्ज़ी और जली हुई रोटियाँ परोसा जाना बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है।
बच्चों की थाली में भ्रष्टाचार किसी भी सभ्य समाज के माथे पर सबसे बड़ा कलंक होता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, समय रहते अपनी शासन व्यवस्था सुधारिए। नहीं तो बच्चों को ��ुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ देने के बजाय आपकी सरकार ��र घटना में, फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की तरह, यही तलाश करती रह जाएगी कि “कहीं इसके पीछे भीम आर्मी का हाथ तो नहीं है?”
सरकारी स्कूलों की बदहाली ही शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी सच्चाई है।
आगरा के महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज में पिछले नौ वर्षों से न बिजली का कनेक्शन है और न ही पे��जल की व्यवस्था। छात्र और शिक्षक भीषण गर्मी में हाथ से पंखा झलकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह किसी एक विद्यालय की नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, करोड़ों रुपये के प्रचार से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के पोस्टर चमक रहे हैं, सरकारी स्कूल नहीं।
शर्मनाक!
23 जुलाई को दिल्ली के कृष्णा नगर क्षेत्र में 40 वर्षीय दलित कैब चालक विजय कुमार वाल्मीकि की निर्मम हत्या अत्यंत दुखद और दण्डनीय है।
हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदन��एँ व्यक्त करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @DelhiGovDigital से मांग करते हैं कि इस मामले के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया ज���ए। साथ ही परिवार को सुरक्षा और समुचित मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की दिल्ली टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय की लड़ाई में हरसंभव साथ देने का भरोसा दिया।
@gupta_rekha
@DelhiPolice
उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाएँ रोज़गार का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन चुकी हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) भर्ती इसका स्पष्ट उदाहरण है। 28 जून 2022 को विज्ञापन जारी हुआ, अक्तूबर 2022 में PET हुई, अप्रैल 2025 में मुख्य परीक्षा आयोजित हुई और अब मुख्य परीक्षा को भी एक वर्ष से अधिक बीत चुका है, लेकिन अंतिम परिणाम आज तक घोषित नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर आपकी सरकार किस बात का इंतज़ार कर रही है? क्या यही भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की डबल इंजन सरकार की रफ़्तार है, जहाँ भर्त���याँ वर्षों तक फाइलों में अटकी रहती हैं और युवा अपने भविष्य के लिए दर-दर भटकते हैं?
मुख्य जिले गोरखपुर में छेड़खानी के मामले में पीड़ित छात्रा को स्कूल से बाहर करना और उसे प्रायोगिक व लिखित परीक्षा से वंचित करना अत्यंत निंदनीय है। सुरक्षा के नाम पर पीड़िता की शिक्षा छीनना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, अपराध का दंश झेलने के बाद भी सज़ा पीड़िता को ही भुगतनी पड़ रही है। ��ह शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों की गंभीर विफलता है। सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर छात्रा का शैक्षणिक अधिकार बहाल करे।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के सभी खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त कर देश का गौरव बढ़ाया है। इस शानदार उपलब्धि के लि�� सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी दल को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
ग्लास्गो में विशेष रूप से भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से इस अभियान का नेतृत्व किया। भारत के कुल 39 पदकों में से 21 पदक तथा 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण जीतकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि देश की बेटियाँ हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की क्षमता रखती हैं। उनकी यह सफलता पूरे देश के लिए गर���व और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
आप सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक मंगलकामनाएँ।
#CWG2026 #Cheer4Bharat #Glasgow2026
#CommonwealthGames
7 अगस्त, मंडल दिवस के अवसर पर लखनऊ के इको गार्डन से 'मंडल चेतना जन आंदोलन' का आगाज़।
मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू कराने, पिछड़े वर्गों को राजनीतिक आरक्षण दिलाने तथा सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
मंडल कमीशन के बाकी सिफारिशें लागू करो।
वर्ना कुर्सी खाली करो।।
स्थान: इको गार्डन, लखनऊ
तिथि: 7 अगस्त (मंडल दिवस)
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, सीटों में कटौती और छात्र हितों से जुड़े मुद्��ों पर 10 जुलाई से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर एफआईआर दर्ज करना, निलंबन की कार्रवाई करना तथा विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 10 से 15 प्रतिशत तक की फीस वृद्धि वापस लेना, 5,000 से अधिक घटाई गई सीटों को बहाल करना तथा विश्वविद्यालय की लाइब्रेरियों को 24 घंटे संचालित करना शामिल है।
हम @UoA_Official प्रशासन से मांग करते हैं कि छात्रों पर की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयाँ तत्काल वापस ली जाएँ, दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँ, निलंबन एवं परिसर प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध समाप्त किए जाएँ तथा उनकी न्यायसंगत मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।
@mygovindia
@EduMinOfIndia
@JoshiPralhad
प्रशासक के रूप में कार्यरत निर्वाचित ग्राम प्रधानों के अधिकार, मानदेय एवं कल्याणकारी सुविधाएं तत्काल बहाल किए जाने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
कल , लोकसभा में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, भीम आर्मी चीफ एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई Chandra Shekhar Aazad जी ने EWS प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा अपात्र व्यक्तियों को लाभ मिलने की शिकायतों का मुद्दा नियम-377 के अंतर्गत प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने सरकार से वर्ष 2019 से अब तक जारी सभी EWS प्रमाणपत्रों की देशव्यापी निष्पक्ष जांच कराने, राज्यवार विवरण सदन के समक्ष प्रस्तुत करने तथा यह सुनिश्चित करने की म���ंग की कि EWS आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को ही मिले।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो निर्दोष प्रवासी मजदूरों की आतंकवादियों द्वारा की गई निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, कायरतापूर्ण और निंदनीय है। इस अमानवीय हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ निवासी दीपक रात्रे और भूपेंद्र के परिजनों क��� प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवारों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हाल के वर्षों में आतंकियों ने प्रवासी श्रमिकों और पर्यटकों को भी लगातार निश���ना बनाया है। पिछले छह वर्षों में टारगेट किलिंग की घटनाओं में 46 प्रवासियों की जान जा चुकी है। गांदरबल, पहलगाम और अब कुलगाम की घटनाएँ बताती हैं कि आतंकवाद की चुनौती अभी भी बरकरार है। ये घटनाएँ सरकार की सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया तंत्र और “सब सामान्य है” के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सरकार को यह जवाब देना होगा कि आखिर आतंकी बार-बार जम्मू-कश्मीर में घुसकर निर्दोष भारतीयों की जान कैसे ले ��हे हैं। देश केंद्र सरकार से जानना चाहता है कि आखिर कब तक निर्दोष भारतीय आतंकवाद का शिकार होते रहेंगे।
निर्दोष नागरिकों और रोज़ी-रोटी कमाने आए मजदूरों की हत्या मानवता पर हमला है। आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है, लेकिन सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्न पर जवाबदेही से बच नहीं सकती। निर्दोष भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
@mygovindia
ये आज़ादी झूठी है! देश की जनता भूखी है!!
देश की आज़ादी के अगले ही दिन समाजहित में क्रांति का पहला नारा लगाने वाले लोकशाहिर, साहित्यरत्न अन्नाभ��ऊ साठे जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
जिला फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के जेन-अल्फा बच्चों ने 28 जुलाई को अपनी मांगों और बेहतर शिक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आ��ाज उठाई थी। मैंने भी इन बच्चों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
जांच इस बात की होनी चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी सरकारी और प्रशासनिक विफलता थी, जिसने छोटे-छोटे बच्चों को साफ़-सफ़ाई, पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन करने पर मजबूर कर दिया। लेकिन उसी प्रदर्शन को ‘फंडिंग’ से जोड़कर पुलिस द्वारा जाँच करना और बच्चों से पूछताछ किया जाना बेहद चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जरा सोचिए तो सही, इन बच्चों के बैनर-पोस्टरों में आखिर कितने रुपये की ‘फंडिंग’ हुई होगी, जिसकी जांच के लिए पुलिस को बच्चों से पूछताछ करनी पड़ रही है?
बच्चों ने अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा के लिए आवाज उठाई थी। उनकी आवाज को फंडिंग और साजिश का नाम देकर दबाने के बजाय उनकी जागरूकता और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए।
जय भीम! जय जेन-अल्फा! ✊
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्र शेखर आजाद जी के निर्देश एवं प्रदेश कमेटी की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैय���रियों के दृष्टिगत निम्नलिखित विधानसभा क्षेत्रों हेतु प्रभारियों की नियुक्ति की जाती है।
नवनियुक्त सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
आप सभी से अपेक्षा है कि पूरी निष्ठा, समर्पण और ��ेहनत के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे तथा सामाजिक न्याय, संविधान और बहुजन हितों की आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाएंगे।
#ASP_K_Mission2027 #UPMaangeChandraShekharAzad
@news24tvchannel @TimesNow
विशेष घटक योजना (Special Component Plan) से निर्मित मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों हेतु विशेष आरक्षण व्यवस्था को पुनः लागू करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पीएसी जवानों ने मुझसे संपर्क कर अपनी समस्याएँ बताई हैं। उनका कह��ा है कि वे आज भी बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और सम्मानजनक आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कई स्थानों पर जवानों को टपकते टेंटों और बदहाल कैंपों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
यह स्थिति किसी भी सभ्य प्रशासन के लिए शर्मनाक है। जो सरकार अपने सुरक्षा कर्मियों को सम्मानजनक सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं करा पा रही, वह कानून-व्यवस्था पर बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रही है?
@UPGovt को तत्काल प्रदेश के सभी पीएसी कैंपों का व्यापक निरीक्षण कराकर बिजली, आवास, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश��चित करनी चाहिए। सुरक्षा देने वाले जवानों के सम्मान और गरिमा से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं ��म्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।
इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था।
जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊
रेलवे में स्टाफ की कमी अब यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है।
सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। एक युवक को प्लेटफॉर्म पर फेंक दिया गया और उसकी बहन के साथ भी बदसलूकी की गई। ऐसी घटनाएँ बताती हैं कि ट्रेनों और स्टेशनों पर पर्याप्त टीटीई, आरपीएफ और अन्य रेलवे स्टाफ की उपलब्धता कितनी आवश्यक है।
रेलवे में लाखों पद रिक्त हैं। एक ओर लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, तो दूसरी ओर इतने बड़े पैमाने पर पद खाली पड़े हैं। यह न केवल बेरोजगारी को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि यात्रियों की ��ुरक्षा और सुविधाओं से भी सीधा समझौता है।
@AshwiniVaishnaw जी रिक्त पदों पर भर्ती न करना सिर्फ बेरोजगारी बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।