Bol Cinemaa: ये हैंडल पूर्णतया भारतीय सिनेमा को समर्पित है। तो बरखुरदार, बाबू मोशाय, ठाकुर, सेनोरिटा, हिंदी भाषा में आनंद लें कभी न खत्म होने वाली इस यात्रा का।
कंगना रनौत अब शबाना आजमी से सिर्फ 1 अवॉर्ड पीछे हैं। शबाना के खाते में सबसे ज्यादा 5 नेशनल अवॉर्ड्स हैं वो भी बेस्ट ऐक्ट्रेस कैटिगरी में। उन्हें अंकुर', 'अर्थ', 'कंधार', 'पार' और 'गॉडमदर' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। #KanganaRanaut
बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता शाहिद कपूर का आज जन्मदिन है। पंकज कपूर जैसे दिग्गज कलाकार का बेटा होने के बावजूद शाहिद को फिल्मों में आने में काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्हो��ें एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पहली फिल्म इश्क विश्क मिलने से पहले 100 बार रिजेक्ट किया गया था। @shahidkapoor
आज बेहतरीन अदाकारा दिव्या भारती का जन्मदिन है, दिव्या ने साल 1990 में तेलुगू फिल्म बॉबली राजा से अपने करियर की ��ुरुआत की। 1992 में उन्होंने पहली हिंदी फिल्म विश्वात्मा से डेब्यू किया, इसी साल उनकी लगातार 10 फिल्में आई और 1993 में उनकी मौत हो गई। 1 साल का करियर और 13 फिल्में.
हिंदी सिनेमा के मशहूर खलनायक अमरीश पुरी ने 1967 में आई मराठी फिल्म 'शांतता! कोर्ट चालू आहे' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में अमरीश ने एक अंधे का किरदार प्ले किया था, ��ो रेलवे कम्पार्टमेंट में गाने गाता रहता है। #IndiaCinemaHistory
हिंदी सिनेमा में सबसे पहले चॉकलेटी हीरो का टैग अपने नाम करने वाले अभिनेता जॉय मुखर्जी का आज जन्मदिन है। झांसी में पैदा हुए जॉय ने 1960 में आई लव इन शिमला से डेब्यू किया, बाद में वो जिद्दी, लव इन टोकियो, शागिर्द और पुरस्कार जैसी फिल्मों में नजर आए। रिश्ते में जॉय काजोल के चाचा हैं
70-80 के दशक में हिंदी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाले मदन पुरी ने साल 1941 में आई खजांची में मिले छोटे से रोल से फिल्मी करियर की शुरुआत की, बाद में 1946 में अहिंसा में इन्हें बेहतर किरदार मिला। ये मशहूर खलनायक 'अमरीश पुरी' जी के बड़े भाई थें। #IndianCinemaHistory
हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा भाग्यश्री का आज जन्मदिन है। साल 1989 में आई फिल्म 'मैने प्यार किया' में सलमान खान के साथ भाग्यश्री ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। राजश्री बैनर तले सुरज बडजात्या के निर्देशन में बनी ये फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर थी। @bhagyashree123
अभिषेक बच्चन ने अपनी आने वाली फिल्म 'दसवीं'
( #Dasvi ) की शूटिंग शुरु की है। इस फिल्म को एक राजनीतिक कॉमेडी बताया जा रहा है। जो तुषार जलोटा के निर्देशन की पहली फिल्म है। फिल्म दिनेश विजान द्वारा निर्मित की गई है, और कथित तौर पर वर्तमतान शिक्षा के महत्व के बारे में एक संदेश देगी।
दिवगंत अभिनेता सुशांत सिंह जी को दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2021 में 'बेस्ट क्रिटिक्स अभिनेता' के पुरस्कार से नवाजा गया। ये अवॉर्ड उनकी आखिरी फिल्म दिल बेचारा के लिए दिया गया है। #SushantSinghRajput#SSR#DpiffAwards2021
भारतीय सिनेमा में सुपरकॉप के तौर पर पहचान बनाने वाले 'सैयदना इफ्तिखार अहमद शरीफ' का आज जन्मदिन है। राज कपूर साहेब की श्री 420 में पहली दफा पुलिस अफ़सर का किरदार निभाने का जो सिलसिला शुरू हुआ वो आखिरी समय तक बदस्तूर जारी रहा। इफ्तिखार ने बॉलीवुड में 400 से भी ज्यादा फिल्में की है।
1918 में आई 'किचका वधम' (Keechaka Vadham) दक्षिण भारत की पहली मूक (साइलेंट) फिल्म थी। आर. नटराज मुदलियार के निर्देशन में महज 37,000 रुपये ���े बजट में बनी इस फिल्म ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री की नींव रखी। इसकी पटकथा, हिंदू महाकाव्य महाभारत के विराट पर्व खंड के एक प्रकरण पर आधारित है।
आंधी (1975): इस फिल्म को इंदिरा गांधी ने प्रतिबंधित कर दिया था। अफवाह थी कि ये फिल्म उनके जीवन पर आधारित थी। बाद में फिल्म में एक दृश्य जोड़ा गया जहां आ��ती (माना जाता है कि गांधी) अपने पिता से कहती है कि इंदिरा गांधी उनकी आदर्श हैं, यह दिखाने के लिए कि फिल्म उन पर आधारित नहीें है
1932 में आई 'इन्द्रसभा' भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे पहली बोलने वाली (टाकीज़) फ़िल्म थी। सबसे पहली भारतीय ध्वनिपूर्ण फ़िल्म 'आलम आरा' थी और 'इन्द्रसभा' ठीक उस से अगले ही वर्ष रिलीज़ हुई। इसमें 71 गाने थे, जो विश्व-इतिहास में किसी भी फ़िल्म में सर्वाधिक है। #IndianCinemaHistory
1946 में आई 'नीचा नगर' बॉलीवुड की पहली फिल्म थी, जिसने कान फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता था। इसका निर्देशन चेतन आनंद जी ने किया और हयातुल्लाह अंसारी की कहानी को फिल्म के लिए ख्वाजा अहमद अब्बास ने लिखा। अंसारी जी ने ही मशहूर फिल्म हिना की कहानी भी लिखी थी।
साल 1995 में आई बॉलीवुड की मशहूर फिल्म दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे (#DDLJ) के लिए आदित्य चोपड़ा की पहली पसंद सैफ अली खान थे. यहां तक कि राज का किरदार निभाने के लिए टॉम क्रूज के नाम पर भी विचार किया गया था। #IndianCinemaHistory
के. आसिफ ने अपने जीवन में सिर्फ दो ही फिल्में बनाईं. उनकी पहली फिल्म 'फूल थी, जो 1945 में रिलीज हुई थी, और सन 1960 में उनकी दूसरी फिल्म आई- 'मुगले-आजम', जिसने बॉलीवुड को नई पहचान दी। इनकी तीसरी फिल्म थी 'लव एंड गॉड', लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी।
#IndianCinemaHistory
#Birthday: आज बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता और निर्देशक अनु कपूर का जन्मदिन है। इनका असली नाम अनिल कपूर है। वैसे तो इन्होनें कई बेहतरीन किरदार को निभाया, लेकिन साल 1986 में आई बासू चटर्जी निर्देशित 'एक रूका हुआ फैसला' में एक बुजुर्ग के किरदार से इन्होनें अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
कल आज और कल (1971): इस फिल्म में कपूर खानदान की तीन पीढ़ियों ने एक साथ काम किया था। पृथ्वी राज कपूर, राज कपूर और रणधीर कपूर ने इस फिल्म में दादा, बाप और बेटे की कहानी दिखाई गई थी।