1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की माँग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति ��गाने की अनुमति माननीय कोर्ट द्वारा ��ी गई तथा कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया व मूर्ति भी बनकर तैयार हुई।
हाल ही में आगरा में एक निजी अस्पताल की छत पर लगी टाइल के मामले में भीम आर्मी व पुलिस की झड़प हुई थी
आगरा दौरे पर रहे चन्द्रशेखर आजाद ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि- समय आने पर इसका हिसाब लिया जाएगा....!!
@BhimArmyChief
ग्वालियर में माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंच��तों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न ,परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा की स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक अपमानजनक मोड़ पर पहुँच गया है।
आज स्थिति यह हो गई है कि उच्च न्यायालय परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा को प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
यह विरोध किसी और ने नहीं, बल्कि स्वयं कुछ वकीलों द्वारा किया जा रहा है — जो संविधान की शपथ लेकर न्याय की लड़ाई लड़ने का दावा करते हैं।
यह वही बाबा साहेब हैं जिनकी बदौलत इन वकीलों को आज यह मंच और यह अधिकार मिला कि वे न्याय की बात कर सकें।आज उन्हीं की प्रतिमा को हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश तक नहीं करने देना — यह सिर्फ एक मूर्ति नहीं, संविधान, सामाजिक न्याय और करोड़ों वंचितों की च���तना को ठुकराने की कोशिश है।
17 मई को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय सुरेश कुमार कैथ जी द्वारा इस प्रतिमा का अनावरण प्रस्तावित है — फिर कुछ वकीलों द्वारा यह असहमति — किस मानसिकता को दर्शाती है?
क्या बाबा साहेब की प्रतिमा से संविधान विरोधी सोच को डर लगता है?
क्या न्याय की कुर्सियों पर बैठ कर सामाजिक न्याय का विरोध करना अब सामान्य हो गया है?
हम स्पष्ट कहना चाहते हैं: बाबा साहेब किसी जाति या वर्ग के नहीं नेता नहीं — भारत के लोकतंत्र, कानून और न्याय की नींव हैं।उनकी प्रतिमा का विरोध, इस देश की आत्मा पर हमला है।
हम @MP_MyGov माँग करते हैं कि:-
1. बाबा साहेब की प्रतिमा को तत्काल उच्च न्यायालय परिसर में सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाए।
2. इस रोक के पीछे जिम्मेदार तत्वों की पहचान कर कार्यवाही की जाए।
बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे!
@CMMadhyaPradesh
@DrMohanYadav51
जय भीम से इतनी नफरत क्यों ? ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं। इस वायरल वीडियो में एक युवा दुकानदार और कुछ लोगों के बीच बहस हो रही है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो बिहार के बोधगया के पास स्थित डुंगेश्वरी गुफा का है।
वायरल वीडियो के मुताबिक जब ये दलित टूरिस्ट सीढ़िया चढ़ते हुए जय भीम बोल रहे थे तो वहां बैठे दुकानदार लड़के ने उनके जय भीम बोलने पर तंज कसा और फिर दोनों में विवाद हो गया।
ये दुकानदार इतना आग बबूला हो जाता है कि टूरिस्ट महिला को मारने के लिए डंडा उठा लेता है और लोगों को धमकाते हुए उनपर हमला कर देता है। @bihar_police से कार्रवाई की मांग हो रही है।
भारत के पहले बुद्धिस्ट चीफ जस्टिस बनने पर जस्टिस बी. आर. गवई को ढेर सारी मंगलकामनाएं। बतौर जज हम उनके कई फैसलों से असहमत रहे हैं लेकिन दलित-बहुजन समाज के लिए ये गर्व का पल है कि बाबा साहब डॉ आंबेडकर के संविधान की बदौलत महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी (आदिवासी) और जस्टिस गवई (दलित) को शपथ दिला रही हैं।
1. कांग्रेस पार्टी जिन राज्यों में मजबूत है या जहाँ उनकी सरकारें हैं वहाँ बीएसपी व उनके अनुयाइयों के साथ द्वेष व जातिवादी रवैया है, किन्तु यूपी जैसे राज्य में जहाँ कांग्रेस कमजोर है वहाँ बीएसपी से गठबंधन की वरग़लाने वाली बातें करना यह उस पार्टी का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?
मध्य प्रदेश के जबलपुर में दलित बच्चों को कुएं के पानी पीना महा पाप बन गया आज भी कुछ जातिवादी गंदी मानसिकता के लोग संविधान को न तो जानते हैं ना पढ़ते हैं इस अपराध पर कठोर से कठोर कार्रवाई करना अति आवश्यकता है l Aaj Tak @CMMadhyaPradesh@MPPoliceDeptt@jabalpurpolice@dmjabalpur
ये है बीजेपी का अमृतकाल और अमृत काल में बीजेपी के नारे एक रहोगे,तो सेफ रहोगे,बटोगे तो कटोगे,कैसे एक रहे दलितो को घोड़ी पर बैठने नहीं दिया जा रहा है घोड़ी को बग्गी वालो को पीटा जा रहा है ना अब दलित हिंदू है ये बीजेपी का कैसा रामराज्य है कैसा अमृत काल है
न्याय की लड़ाई में SC ST OBC वर्ग एक साथ आइए और भाई नरेश मीणा की आवाज़ बनिए।
क्या आप इस मुहिम में शामिल हो? अगर हो तो जल्दी-जल्दी इस ट्वीट को रिट्वीट कीजिए और इस हैशटैग में शामिल हो जाइए।
#नरेश_मीणा_को_रिहा_करो
1. राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा ’भंगी, नीच, भिखारी, मंगनी’ आदि शब्द कहने वाले आरोपियों के ऊपर लगे एससी-एसटी एक्ट की धारा को हटाने के हाल के फैसले से ��ातिवादी व असमाजिक तत्वों के हौंसले बढ़ सकते हैं, जिसे राज्य सरकार को गंभीरता से लेते हुए आगे अपील में जाना चाहिए, बीएसपी की यह माँग।