हत्या की श्रेणी में डालकर इन अधिकारियों और ठेकेदारों के ऊपर कानूनी कार्रवाई तुरंत की जाए ताकि लगे कि हम ���क रेस्पॉन्सिव सिस्टम में जी रहे हैं और हमारी और हमारे बच्चों की जान की भी कोई कीमत है भगवान ना करें लेकिन एक दिन ऐसा जरूर आएगा की इन लोगों में से किसी के बच्चे की जान इस तरह
द्वारका में दिल्ली नगर निगम द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर करने वाले अपने परिवार के एकमात्र पुत्र की मौत को भी हत्या नहीं माना जा रहा और ऐसे लोगों की के हौसले दिन-दिन बढ़ते जा रहे हैं क्या मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री इस पर भी कोई कानून लाएंगे कि इस दुर्घटना ना मानकर
मैं अभी देखा की नोएडा के युवराज जिसकी मौत नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही से खुद ही गड्ढे की वजह से हुई थी उसकी खबर पहले पन्ने से अखबार के तीसरे पाने तक पहुंच गई 58 दिन होने हो गए लेकिन आज तक एसआईटी रिपोर्ट भी सबमिट नहीं हो पाई लगभग ऐसा ही किस्सा दिल्ली के द्वारका में ��पनी जान गंवाने
अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदारों के साथ मिली भगत ने कितने परिवारों के इकलौते बच्चों की जान ले ली है यह जानकर कलेजा मुंह को आता है यह सब अधिकारी गण और ठेकेदार खूब पैसे कंकर कम अंडर और सरकार से हर महीने पगार लेकर अपने-अपने बच्चों को भरपूर प्यार देकर चैन की बंसी बजाते हैं
बल पर है और इनमें से किसी को भी एक खरोच तक नहीं आने दी गई उनकी सुरक्षा व्यवस्था जो कि क्यों है जिसका फायदा अपनी इम्यूनिटी के लिए यह परिवार उठना चला आया है अब देखना यह है कि इस सब के अलावा एलपीजी गैस का समय से पूर्व अंदाजा ना लगा लेना भी मोदी जी की छवि को दिन पर दिन नुकसान पह���ंचता
की तरह इसको भी झेलते चले जा रहे हैं मोदी जी को शायद अंदाजा नहीं के दिन पर दिन इन छिछोरों की वजह से उनकी छवि जनता की नजरों में एक निपुंसक और कर प्रधानमंत्री की बनती जा रही है इतने सारे केसेस राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हैं हिंदुस्तान के कोने-कोने में नेशनल हिरल में तो पूरा परिवार ही
लेकिन नरेंद्र मोदी जो न केवल अपने देश के बल्कि पूरे विश्व के पावरफुल लोगों में से एक है वह भी इसका कुछ नहीं कर पा रहे छोटे से छोटे इलाके का शो भी मोहल्ले के बदमाश को पकड़ कर हवालात में बंद कर उसे तब तक नहीं छोड़ना जब तक के उसके चूतड़ लाल नहीं हो जाते और नरेंद्र मोदी केजरीवाल
सर्वोच्च सम्मान लेकर आता है उसे नरेंद्र मोदी को नाम लेकर तू तड़प से बात करता है अभी कल ही हार्दिक पुरी साहब जो हमारे रसायन और तेल मंत्री हैं उनको भी उसने इसी भाषा में संबोधित किया मैं तो हैरान हूं कि हमारा तो उसने कुछ सीधे तौर पर बिगड़ा नहीं देश और समाज का नुकसान जरूर किया है
कब तक और किस हद तक हम इस डाउटफुल आप की औलाद राहुल गांधी को खेलेंगे खेलेंगे यह दिन पर दिन बदतमीज पर्वत तमीज होता जा रहा है ना इसे अपने से बड़ों की उम्र का ख्याल है और ना ही उनकी इज्जत और सम्मान का वह नरेंद्र मोदी जिसकी सारी दुनिया में तारीफ होती है और जो जहां भी जाता है उसे देश का
आम जनता के पैसों से करोड��ों रुपए बताओ फीस अदा किए गए और इस फैसले ने इसी कारण निचली अदालत के विवेक और ईमानदारी पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है हमें देखना है कि यह सारे फैसला अपराधियों के खिलाफ न होकर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ ही क्यों होते हैं एक आंदोलन की इसमें भी जरूरत है
और करो इत्यादि की सुविधा भोंकते हैं साल भर में केवल डेढ़ ��ौ दिन वह भी पूरे नहीं काम करते हैं और कई बार उनके फैसले बहुत बचकानी एक तरफा और कानून से परे होते हैं केजरीवाल के केस में हाईकोर्ट ने जमानत देने से मना किया सुप्रीम कोर्ट ने कई शर्तों के साथ जमानत दी और बड़े-बड़े वकीलों को
ऊंट के सामने रखें और कोर्ट ने अभियुक्तों को बड़ी करके जांच अधिकारियों के खिलाफ ही खिलाफ ही फैसला दिया और उनके खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की जज के घरों से करोड़ों रूपए नकद बराम�� होते हैं कुछ नहीं होता सारे जज एशु आराम की जिंदगी जीते हैं सरकारी पैसे से बड़े-बड़े बंगलो और कानून और
केजरीवाल के खिलाफ मुकदमे का फैसला एक तरफा और ज्यूडिशरी के ऊपर बड़ा सवाल उठाने वाला है वैसे तो जज कहते हैं की एनसीईआरटी की किताब में ज्यूडिशरी को बदनाम ना करें हम इस फैसले में जहां सीबीआई ने दोस्त ढाई साल मेहनत करी इतनी लंबी चार सीट सप्लीमेंट्री चार सीट तैयार करें सारे सीक्वेंस
People of the family who lost their young son are in a state which you probably cannot imagine. Please take out sometime and act. Transferring or suspending couple of officers will not suffice and this needs a wider and immediate stern action please
Respectable prime minister it was great to see you celebrating with kids for examinations but just on top of this news in today's newspaper day sad news of yet another young man dying in a pit right in the middle of the road was shameful and painful to see
Is it not surprising that procession in the name of I ♥️ Mohammad is happening only in the states which are led by BJP only. Be it UP, Maharashtra or Uttarakhand but nothing in states like Bengal, Kerala, Himachal Pradesh
These people think the general public in India are idiots