सेक्स के आनंद को वक्त के पैमाने से नहीं नाप��� जा सकता। यह बस दो लोगों के बीच का साझा सुख, आनंद और संतुष्टि का भाव है। सेक्स में कितना वक्त गुजारा गया है या कितनी बार किया गया है इससे जरूरी है इसमें दोनों को मिलने वाला संतोष। ऐसा जरूरी नहीं कि रोजाना सेक्स करने से इसका सुख मिलता है