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ये आंकड़े देखिए। ये IIT,NIT और IIM जैसे बड़े संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के आँकड़े हैं।
मरने वालों में ज़्यादा संख्या सामान्य वर्ग के छात्रों की है। लेकिन आपने कभी कोई चर्चा सुनी?
छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे इस पर चर्चा की बजाए चर्चा चल रही है जातिवाद पर।
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद @roypranesh को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
@news24tvchannel मेरे पिता की दिनदहाड़े मर्डर कर दिया गया #jamui में और आरोपी Lalkishor yadav खुलेआम घूम रहा है, #biharpolice जवाब दीजिए क्यूँ Chandramandih थाना के ASI Nandan Kumar आरोपी को बचाने में अपनी वर्दी को भी दाव पर लगा रहा है। case no.-40/2026. बिहार को बर्बाद करने के पीछे यही लोग है।