The most complete exposition of the full case of CAPF officers in a most hard hitting speech by TMC Lok Sabha MP Ms Mahua Moitra in the Parliament today. The treasury benches had no defence except empty rhetoric. We shall prevail.
CAPF बिल राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी हुआ पास। @nityanandraibjp ने कहा विपक्ष जानबूझकर फैला रहा भ्रम। CAPF कैडर और पूर्व अधिकारियों का कहना, सरकार ने यह सही नहीं किया,इससे बढ़ेगा टकराव। @NBTDilli
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क्या CAPF बिल 2026 बीजेपी के पतन की शुरुआत है?
न मांग… न जरूरत…
फिर भी बिल लागू।
और पहली बार—
बीजेपी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर रक्षात्मक दिखी।
19 = 10
29 = 11 (नौ दो ग्यारह)
“जब नाश मनुज पर छाता है…”
@narendramodi@AmitShah@RahulGandhi#CAPFBill2026#IndianPolitics
Lok Sabha MP @MahuaMoitra’s moving an amendment to The Central Armed Police Forces (General Administration) Bill, 2026 to refer it to a Select Committee
असिस्टेंट कमांडेंट अ���य मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
लेकिन इस बलिदान के बदले उन्हें मिला क्या?
15 साल से ज्यादा की सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
ये सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
मोदी सरकार द्वारा लाया जा रहा ये विधेयक सिर्फ करियर रोकने की कोशिश नहीं है, बल्कि उन लोगों का मनोबल तोड़ने का प्रयास है, जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं।
कांग्रेस का वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा, क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे न���तृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
और इस बलिदान के बदले मिला क्या?
15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।
खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
यह विधेयक केवल एक कर���यर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।
हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
ये बेक़रारी क्यूँ हो रही है सरकार जाने ना जाने जवान जानते हैं अब । पुरानी पेंशन कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं, 100 दिन छुट्टी गई तेल लेने, लेकिन चूँकि कोर्ट क��� फ़ैसला पलटना है तो इसकी बहुत जल्दी है । आज चुनाव हो जाए लोकसभा का तो झोला उठाना पड़ जाएगा महामानव जी को ।
#CAPFBill_काला_कानून #capfvoicesignored #CAPFBill_रद्द_करो
Imagine being told that “we want you to take a bullet for the country but we will not let you lead your own force.”
This is exactly what the Modi Govt is doing to our CAPF officers through a new Bill.
CAPF officers who work in combat conditions will now be led by IPS officers on 5-year deputations who are being placed there to do the bidding of politicians.
Personnel of CAPF get ZERO facilities & work in the harshest conditions.
Instead of bringing a Bill to improve facilities & working conditions for the CAPF, the Modi Govt has instead chosen to discriminate against them.
My speech in Parliament yesterday 👇
CRPF, SSB, CISF, ITBP ये सभी कैफ़ के जवान हैं ये भी सीमा पर शहीद होते है तो नरेंद्र मोदी इनकी शहादत के नाम पर वोट ज़रूर माँगते हैं लेकिन इन्हें शहीद क�� दर्जा नहीं देते।
@SanjayAzadSln का राज्यसभा का ये स्पीच सुनिए
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Such authoritarian attitudes towards their own controlled force is beyond comprehension. Is this so urgent national issue they want exemption? HM don’t have points to make in favour of the bill when opposition has thrashed the gov in RS #CAPFBill_रद्द_करो#CAPFBill_काला_कानून
GOI insistence to get the #CAFPbill passed in LS in haste looks strange & inexplicable. Significant HHM @AmitShah deputed MOS in RS to reply to our questions & doubts ; realising its strong divisive potential ; will be a non starter law. Final word will be Supreme Ct.
चुंकि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सीएपीएफ के पक्ष में दिए गए निर्णय के विरुद्ध "सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) बिल 2026" को उच्च सदन में 01 अप्रैल को पास कराया है। इसलिए अप्रैल फूल वाले दिन पास हुए इस काले बिल को मूर्खों द्वारा पास बिल की संज्ञा देने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
Dear @ajaydevgn@SunielVShetty@DeolBoby you played role of CAPF personnel in movies. CAPF now being muzzled of their rights given by @indSupremeCourt in its judgements. Gov rather than giving relief has introduced #CAPFBill_काला_कानून of devoid personnel of their rights. Speakup
MoS नित्यानंद राय ने #CAPF (GA) Bill 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, CAPF के ग्रुप ए कैडर अफसरों को 4 पदोन्नति मिल रही हैं। मतलब, #BSF#CRPF के वे 'AC, जिन्हें 15 साल में पहली पदोन्नति नहीं मिली, अब अगली आधी सर्��िस में 4 मिल जाएंगी। यानी वे DIG बन जाएंगे। तो IG-ADG...?
दुख की बात है कि देश के 15 हज़ार किलोमीटर की रक्षा करने वाले हमारे जवान और CAPF के अधिकारियों के हक को मारने के लिए सरकार कानून लेकर आई है।
देश के 11 लाख CAPF जवान सरकार की तानाशाही देख रहे हैं और वक्त आने पर जवाब देंगे
- संजय सिंह