@rohini_sgh Most of the regional parties votes are based on Congress vote bank therefore scared that these votes can return to Congress again
the most bitter truth is they don't want to loose the power which they have enjoyed so far, hopefully will understand sooner or later
@AnilYadavmedia1@grok फ़ॉलोअर्स की संख्या का अर्थ ये नहीं है कि व्यक्ति के पास भावनात्मक सहारा आर्थिक सुरक्षा और संकट के समय साथ खड़ा होने वाला इंसान भी हो
और सबसे महत्वपूर्ण किसी व्यक्ति को लाखों लोगों की जरूरत नहीं होती संकट के समय एक इंसान ही महत्वपूर्ण है लेकिन वो भी छोड़ दे तो लोग टूट जाते है
दरवाजे की चौखट पर बैठी मां की आंखें हर आने-जाने वाले रास्ते को निहार रही हैं। भाई की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे और घर के बाहर जुटी भीड़ भी बस एक खबर का इंतजार कर रही है—कि कहीं से कोई सूचना आए और परिवार को उनकी बेटियों के सकुशल होने की खबर मिल जाए।
प्रयागराज के जंघई क्षेत्र की पतवा ग्राम सभा से दो नाबालिग बच्चियां पिछले 10 दिनों से लापता हैं। परिजनों के मुताबिक, 13 वर्षीय निधि पांडे और 9 वर्षीय अनन्य पांडे स्कूल गई थीं, लेकिन इसके बाद दोनों घर वापस नहीं लौटीं।
दस दिन बीत जाने के बावजूद बच्चियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ है। बच्चियों के सुरक्षित होने को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिजनों की ओर से आशंका जताई जा रही है कि दोनों बच्चियों को किसी ने या बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्चियों के साथ किसी तरह की अनहोनी न हो, इसे लेकर परिवार बेहद चिंतित है। वहीं, समाज के कुछ लोगों ने भी बच्चियों की तलाश तेज कराने और मामले में प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन पर लगातार कार्रवाई का दबाव बनाने की बात कही है।
परिवार की एक ही गुहार है—
निधि और अनन्य जहां भी हों, सुरक्षित हों और जल्द से जल्द अपने घर वापस लौटें।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये दोनों बच्चियां कहां हैं?
क्या उन्हें जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सकेगा?
परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और किसी संभावित सुराग पर टिकी हैं।
@prayagraj_pol@igrangealld@DCPGNagarPRJ@ADGZonPrayagraj@CMOfficeUP
@umashankarsingh ऐसे food and प्रोसेसिंग विभाग बिहार के लिए क्या किया है कोई बता सकते है क्योंकि नेताओं के बयान उनके फायदे के लिए ज्यादा होते है जनता को कुछ मिलता नहीं है। इसलिए मुझे मुद्दे पर बयान पसंद है
@LiveLawIndia ममता दीदी की पार्टी ही बैन करो साहब कितना लोग legality और process समझते रहेंगे।
जब 22 लाख वोटर्स के बिना जब चुनाव हो सकता है तो सिंबल का क्या मतलब।
ऐसे भी तो पूरा चुनाव rigged क्योंकि LOP के प्रश्नों का केचुआ द्वारा उत्तर नहीं देना मतलब 60% लोगो की बातों को नहीं सुनना है
@umashankarsingh छात्र अगर इतनी आगजनी कर रहे हैं तो एक बात क्लियर है, छात्रों को उनके सवालों का जवाब नहीं मिला और छात्रों को लगा होगा लीपापोती हो रही है।
मामला कितना गंभीर है ये पंजाब पुलिस ही बता सकती हैं
@imsayanb@aajtak@sahiljoshii तुम बात करने लायक नहीं हो क्योंकि तुम्हारी भाषा ही बता रही हैं कि conclusion पहले निकाल लिए हो और अब तर्क ढूंढ रहे हो
तो मेरे अनुसार आपको यहां से ब्लॉक किया जाता हैं 👍
@shail2018 फालतू बातों को मजाक से ही हैंडल कर सकते है, जैसे शीशमहल, मैं होता तो बोलता शीशमहल अलाउदीन खिलजी के महल से छोटा है😁
लेकिन आप पार्टी फालतू बातों को इतना सीरियस लेती है कि उनकी ही पिच पर खेलने लग जाती हैं। और खुद के लिए कामों से भटक जाती हैं।
@imsayanb@aajtak@sahiljoshii मैच फिक्सिंग के एक ओवर में सारे 6 बॉल नो नहीं डाले जाते हैं या सारे कैच आप नहीं छोड़ते है नहीं तो खुलेआम लोग समझ जायेंगे
Smartly match को फिक्स किया जाता हैं ताकि लगे कि मैच तो ठीक ही हुआ है वही खेल है तेलंगाना, झारखंड, पंजाब, केरल इत्यादि के केस में
@mandeeppunia1 फूहड़ता का लेवल इतना गिरा है कि IT सेल की लड़ाई में @ssrajputINC ऐसे बड़े प्रवक्ता भी कुछ चीजों को एंडोर्स करते हुए दिखे, जो मेरे लिए shocking था खासकर चरित्र हनन के मामले में 🤔🤔 आप की ओर से कोई बड़ा नेता तो दिखा नहीं, या मेरे टाइमलाइन पर नहीं आया हो
@news24tvchannel@manakgupta@bageshwardham आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण को भी लोग मिल जुलकर खा जाते है तो कल को 60% आर्थिक आरक्षण में कितना लूट खसोट होगा
दूसरी बात गाली और अपमान तो जाति के नाम से ज्यादा करते है और गरीब है तो और ज्यादा करते है।
तो दिल से इन दोनों चीजों जाति और गरीबी को हटाने के लिए क्या कर सकते है