मनीष सिसोदिया जी,
बात निकली है तो दूर तलक जाएगी.
ये पंजाब के फाजिल्का का एक सरकारी स्कूल है . फरवरी में इस स्कूल के तीन जर्��र क्लास रूम को गिरा दिया गया था और पंजाब के शिक्षा मंत्री की तरफ से छह महीने में नए क्लासरूम बनवाने का वादा किया गया था .
छह महीने बीत गए . स्कूल के चौथी और पांचवीं के बच्चे एक डेढ़ किमी दूर के स्कूल में भेज दिए गए हैं . क्लास रूम बनना तो दूर अभी बनने की शुरुआत भी नहीं हुई है .
ये रिपोर्ट इंडिया टुडे की ताज़ा रिपोर्ट है .
@msisodia
@SanjayAzadSln
दिल्ली में तारों के जंजाल को सुलझाने और उन्हें व्यवस्थित करने के जो वादे किए गए थे, वे फिलहाल जमीन पर पूरे होते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं। आखिर कब तक दिल्ली की सड़कों और गलियों में तारों का यह जंजाल बना रहेगा? @gupta_rekha@CMODelhi@LtGovDelhi
देश= भारत
राज्य= उत्तर प्रदेश
��िला= बाराबंकी, गाजीपुर (pure deengur)
मुख्यमंत्री= योगी आदित्यनाथ जी
विधायक= सतीश शर्मा (बीजेपी)
ये हमारे गांव की रोड है जहां आज तक कभी भी एक ईट नहीं लगी है
और प्रधान इतना निकम्मा है कि सिर्फ वोट मांगने आता है इसी कारण हर बार प्रधान बदल जाता मगर हमारे गांव की रोड को कायाकल्प नहीं बदलती
वोट मांगने मुंह उठाकर सब चले आते हैं मगर कोई विकास के नाम शक्ल नहीं दिखा��ा
@DM_Barabanki
@CMOfficeUP
@UPGovt
@UpRuralDev
अब आप लोग ही बताइए क्या मैं पानी की टंकी पर चढ़ जाऊं या फिर टावर पर,तो इस गांव की सुनवाई होगी?
ये है वर्ल्ड क्लास नई दिल्ली रेलवे स्टेशन !
यहाँ ट्रेन के आगमन के समय ऊपर जाने वाला Escalator काम नहीं कर रहा। जबकि नीचे आने वाला काम कर रहा है। एक बुजुर्ग बीमार महिला को देख सकते हैं कैसे मुश्किल से चढ़ पा रही हैं। ये तो महज़ एक उदाहरण है।
मौक़े पर जो बातें समझ में आयीं उससे उपजे कुछ सवाल हैं।
ट्रेन के आने के समय ऊपर जान�� वाला escalator बंद होने से भारी सामान के लिए कूली करना पड़ता है। और कूली गले में रेट पट्टी लगे होने से बाद भा मनमाना भाड़ा माँगते हैं। मौक़े पर मौजूद एक नियमित व्यक्ति ने बताया ये अक्सर होता है कि ट्रेन आने के समय ही ऊपर जाने वाला escalator बंद हो जाता है। तो मतलब escalator बंद होना एक बिज़नेस मॉडल है?
या फिर escalator का रख रखाव या capacity घटिया है कि लोड नहीं ले पाता है?
रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw को अधिकारियों से जवाब तलब कर जवाब देना चाहिए। @RailMinIndia
Video shot at 2:19pm
Platform No 12-13
इस महिला ने रक्षाबंधन के शुभ त्यौहार पर, Zepto पर घरेलू सामान ओर्डर किया था, जब आर्डर आया तो महिला भी हैरान रह गई।
2 दिन पहले महिला ने घरेलू किराने सामान, Tata salt, refind oil, Maggi, Semolina, कुल मिलाकर लगभग ₹1500 का सामान ऑर्डर किया था।
जब डिलीवरी बॉय ऑर्डर लाया, महिला ने ऑर्डर चेक किया तो, refind oil पैकिंग ल���क, कॉफी डिब्बा टूटा हुआ, Bread चूहे के काटे हुए, लगभग आधा सामान खराब निकला।
जब zepto कस्टमर केयर कॉल लगाया तो, बोलें यहां से पूरा सामान सही पैकिंग था, महिला बोली ₹1500 रुपए का नुक़सान, Zepto कंपनी चोर कंपनी है, legal action होना चाहिए।
वाराणसी; एक मां अपने बीमार बच्चे को उठा कर, कमर तक गंदे बजबजाते नाले और बरसात के ���ानी से जूझते हुए BHU मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले जा रही है। पूर्वांचल के सबसे बड़े अस्पताल की दुर्दशा।
झकझोर देने वाली तस्वीर है ।
खास लोगों पर असर नहीं होगा ।
*दिल्ली की सड़कों पर अब आम इंसान की जान की कोई कीमत नहीं बची!*
_मंगोलपुरी में बेखौफ़ बदमाशों ने सरेआम चाकूबाज़ी की और आधा दर्जन से ज़्यादा लोगों को घायल कर दिया।_
_कानून-व्यवस्था पूरी तरह पाताल में है और चारों इंजन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। गृह मंत्री अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन आती है—आखिर इस जंगलराज और लोगों की सुरक्षा की ��वाबदेही किसकी है?_
*दिल्ली की सड़कों पर अब आम इंसान की जान की कोई कीमत नहीं बची!*
_मंगोलपुरी में बेखौफ़ बदमाशों ने सरेआम चाकूबाज़ी की और आधा दर्जन से ज़्यादा लोगों को घायल कर दिया।_
_कानून-व्यवस्था पूरी तरह पाताल में है और चारों इंजन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। गृह मंत्री अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन आती है—आखिर इस जंगलराज और लोगों की सुरक्षा की जवाबदेही किसकी है?_
रेलवे में खुली लूट चल रही है… तत्काल में टिकट बुक किया… पेमेंट कट गया और ऐप घूमता रहा… थोड़ी देर बाद 1 वेटिंग हो गई
ज़ाहिर है टिकट कंफर्म नहीं होना था… चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल हुआ और रिफंड का मैसेज आया
रिफंड में 153 रुपये काट लिए हैं… ऐसा हर दिन करोड़ों लोगों के साथ होता होगा… आखिर यात्री की क्या गल���ी है इसमें
ब्रह्मांड का सबसे घटिया ऐप भी रेलवे का ही है…
@RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @RailwaySeva @IRCTCofficial
मध्यप्रदेश के बड़वानी की आदिवासी बच्चियाँ अपनी समस्याएँ लेकर जिला कलेक्टर से मिलने के लिए 15 किलोमीटर पैदल चलकर पहुँचीं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने के लिए 6 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ा। यह सिर्फ प्रशासनिक संवेदनहीनता नहीं, बल्कि उन बच्चियों की मेहनत, उम्मीद और अधिकारों का अपमान है।
देश के जवान का दर्द...भू-माफियाओं से परेशान परिवार..CM योगी से मिलने और सेना द्वारा 2 बार लेटर जाने के बावजूद दबंग माफियाओं पर नहीं हुई कोई कार्यवाही..!
वीर बहादुर कहते है कि -
मैं यहां LOC पर देश सेवा करूं या अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता में पड़ा रहूं..!
जम्मू-कश्मीर LOC प�� तैनात भारतीय सेना के जवान वीर बहादुर सिंह ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला (चुरिया गांव) से एक भावुक वीडियो जारी किया है..!
जवान का आरोप है कि भू-माफिया और दबंग उनके परिवार (बुजुर्ग माता-पिता और बहनों) को परेशान कर रहे हैं...!
इस वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से परिवार की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई गई है..!
CM योगी और PM मोदी से न्याय की गुहार लगा रहे सेना के जवान की पीड़ा सुनिए.. 👇👇
छात्राओं ने अधिकारियों से पूछा, क्या हम जानवर हैं जो बिना तेल मसाला प्याज की सब्जी खाते हैं, क्या तुम खा सकते हो??
स्कूल के क्लास रूम में पानी टपकता है, स्कूल में बाथरूम नहीं है, एक रूम में सभी को नहाना पड़ता है, छात्राओं के इन सवालों पर अधिकारियों ���ी घिग्घी बंध गई थी।
मुझे दुख है कि ऐसे लोग आज भी जिंदा हैं 🥵
ऐसे लोगों को फांसी हो होनी चाहिए।😭
एक बेटी अपने परिवार को पालने के लिए डिलीवरी का काम करती है।
और उसकी मजबूरी का लोगो ने फायदा उठाया,
घटना कही की भी हो कार्यवाही होनी चाहिए
अगर CCTV नहीं होती तो घटना का पता भी नहीं चलता ,यह घटना रात 10 बजे की है।
हम भारतीय कानून, महिला आधिकारिक न्याय विभाग, से निवेदन करते हैं कि ऐसी सजा मिले जिससे ऐसी सोच रखने वालों की रूह तक काफ़ जाए ✍️🫵🫵
@NCWIndia@India_NHRC@unwomenindia@UN_Women
हम सभी राजनीतिक पार्टियों से निवेदन है राजनीति छोड़ इन दरिन्दों को सज़ा दिलवाए
डिलीवरी के लिए भर्ती महिला को कथित तौर पर तीन दिन तक अस्पताल में रोके रखने का आरोप सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने और अतिरिक्त बिल बढ़ाने के लिए बाहर से दवाइयां व अन्य सामान मंगवाने का आरोप ��गाया।
परिजनों का दावा है कि सीनियर डॉक्टर ने उसी दिन डिलीवरी कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद महिला की डिलीवरी नहीं कराई गई।
महिला के दर्द से परेशान होने की बात भी परिजनों ने कही। इसी को लेकर अस्पताल कर्मचारियों और परिजनों के बीच विवाद बढ़ गया।
मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और यदि किसी की लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगो�� पर कार्रवाई हो।