पंडित जी का मानना था कि जब तक हम समाज के गरीब-से-गरीब व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचाते, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़कर देश की प्रगति में सहभागी नहीं बनाते तब तक देश की स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है।
ऐसे महान विचारक व राष्ट्रसेवक की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन।