इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर जातिवादी हिंसा और संगठित गुंडागर्दी का अखाड़ा बना, जहाँ दिशा छात्र संगठन के छात्र शांतिपूर्वक बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे थे उनका “अपराध” सिर्फ इतना थ�� कि उन���होंने पूर्व में UGC के समता नियमों के समर्थन में आवाज़ उठाई था।
इसी बात से बौखलाए बजरंग दल और ABVP से जुड़े तत्वों ने छात्रों पर सुनियोजित हमला किया। हमलावरों ने न सिर्फ जातीय सूचक गालियाँ दीं, बल्कि बेरहमी से मारपीट कर कई छात्रों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह हमला किसी तात्कालिक विवाद का नहीं, बल्कि वैचारिक और जातिगत नफरत से प्रेरित एक पूर्व नियोजित हिंसक हमला था।
सबसे चिंताजनक और शर्मना�� भूमिका कर्नलगंज, प्रयागराज पुलिस की सामने आई है पीड़ित छात्रों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया और हमलावरों को बचाने में जुट गई। सवाल यह है कि:-
♟️क्या अब विश्वविद्यालय परिसर में ��ढ़ाई करना भी अपराध हो गया है?
♟️क्या UGC के पक्ष में बोलना इतना बड़ा जुर्म है कि उसकी सज़ा जातीय गालियाँ और लाठियाँ हों और क्या पुलिस का काम अब संविधान की रक्षा नहीं, बल्कि सत्तासंरक्षित संगठनों के गुंडों को बचाना रह गया है?
यह घटना केवल कुछ छात्रों पर हमला नहीं है, बल्कि यह संविधान, सामाजिक न्याय, अभिव्यक्ति की आज़ादी और विश्वविद्यालय की आत्मा पर सीधा हमला है अगर इस मामले में तुरंत FIR दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो यह साफ संदेश होगा कि प्रयागराज में कानून नहीं, बल्कि मनुस्मृति और संघ–परिवार की लाठी चल रही है।
@Uppolice @prayagraj_pol @dgpup
ज्योतिबा फुले के स्मृति दिवस (28 दिसम्बर) पर दिशा छात्र संगठन की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय, ईश्वरशरण डिग्री कॉलेज और सीएमपी डिग्री कॉलेज में कक्षावार अभियान चलाया गया और ज्योतिबा फुले के उद्धरणों के पोस्टर चिपकाये गये और व्यपाक पर्चा वितरण किया ग���ा।
RWPI condemns the repression of Arundhati Roy and Dr. Sheikh Showkat Hussain!
Repeal UAPA!
Release all political prisoners!
https://t.co/bq8MuWsnDo
#ArundhatiRoy#UAPA#RepealAllPoliticalPrisoners