@KripaSh75508777 Ek bar mere bhai ne aise hi mamle me beech bachav krne ka prayas kiya tha to parents bolne lge ki aap beech me n bolo, ye mere ghar ka mamla h.
पत्रकार महोदय, कुछ तो शर्म करो,
जी हजूरी छोड़ो, अपना कर्म करो।
देश समस्याओं से देखो जूझ रहा,
लोगों को कुछ भी नहीं सूझ रहा।
रोजगार शिक्षा और महंगाई ,
समस्या जैसे आसमां छू आई।
हर तरफ देखो, पसरी लाचारी,
त्राह��माम करती जनता बेचारी।
तुम्हारा तो धर्म था सच दिखाना,
कर्म था वाजिब सवाल उठाना।
जनमानस की तकलीफ बताना,
सच्चाई लोगों तक था पहुंचाना।
तुम तो सत्ता से ऐसे डरने लगे,
सरकार का ही भजन करने लगे।
शान में उनकी कसीदे पढ़ते हो
उनके लिए लड़ते औ झगड़ते हो।
तुम्हे गल�� कुछ लगता ही नहीं,
जो नेता जी कह दें, वो ही सही।
कानून कैसे भी बनाए जा रहे,
तुम अभिनंदन गीत गाए जा रहे।
हर फैसले को सही ठहराते हो,
नुकसान को भी नफा बताते हो।
साहिब का गुण गाकर सुनाते हो,
लोगों को तुम तो बस भरमाते हो।
खबर बताते नहीं, तुम बनाते हो,
फरमान सरकार का सुनाते हो।
प्रचार में ऐसे तुम रम जाते हो,
पार्टी प्रवक्ता खुद बन जाते हो।
सरकार की दलाली में सब भूले,
सत्ता के झूले में तुम तो ऐसे झूले।
नेताओं की जूतियां तक उठाते हो,
जूठन भी उनकी शौक से खाते हो।
तुम्हें तनिक भी लाज ना आई,
अपनी रोज़ी की गरिमा बिसराई।
अब भी समय है, थोड़ा मनन करो,
पत्रकार महोदय, कुछ तो शर्म करो,
जी हजूरी छोड़ो, अपना कर्म करो।
~ हनुमान गोपे
जो भी मजबूर, असहाय और व्यवस्था के सताए लोगों की निंदा कर रहे हैं, इसे भी इतिहास में लिखा जाएगा...और एक दिन आएगा जब आपको या आपकी किसी पीढ़ी को आपके इस वक्तव्य के लिए अफसोस होगा...लिख कर रख लीजिए...
कुमार विश्वास आप तो एक धार्मिक कथावाचक है, और आपके लिए कॉकरोच भी ईश्वर की बनाई इस सृष्टि का हिस्सा होना चाहिए था...आपको तो समभाव ही रखना था...आप क्यों बहक गए...आश्चर्य कि आपने यह तक समझने का प्रयास नहीं किया कि किसने किसे कॉकरोच कहा है...!!
आप जैसे लोगों के कारण त्याज्य तो शबरी और अहिल्या भी थी @DrKumarVishwas पर राम ने उन्हें सम्मान दिया, आपने राम की केवल कथा कही पैसे के लिए उन्हें आचरण में नहीं उतार पाए |