"हम ब्राह्मण हैं, तुम छोटी जाति हो। अगर ब्राह्मण के सामने हाथ जोड़ लोगे, तो तुम्हारा क्या चला जाएगा?"
यह कहना है एक ब्राह्मण महिला का, एक शूद्र लोधी समाज के सीएमओ के पद पर कार्यरत व्यक्ति से।
ब्राह्मण हो तो क्या तुम्हारे सिर पर सींग लगे हैं? ब्राह्मणों की इन्हीं हरकतों की वजह से इनका व���रोध होता है।
इसी को ब्राह्मणवाद कहा गया है और इस देश के अंबेडकरवादी इस ब्राह्मणवाद को जड़ से खत्म करके ही रहेंगे।
@UttamYadav_10 सपा दलितों की कब से हितैषी हो गई ठेकेदारी में,बाबा साहेब का चौक का नाम बदला, प्रमोशन रिजवान को खत्म किया, और प्रमोशन बिल फाड़ा यह सब करने के बाद और चुनाव आते ही दलित हितैषी और चुनाव खत्म काम खत्म
जब अंग्रेजों से लड़ना था तब दलाली करके जंग बहादुर , रायबहादुर की उपाधि लेने और अपनी जागीर बचाने के लिए कभी भी हद तक गिरने को तैयार थे, आज बन्दूक -पिस्तौल दिखा रहे. कायर ...
अब संविधान और कलम का राज है अपना बन्दूक पिस्तौल म्यूजियम में रख दो, पांच रूपये का टिकट कटाकर बच्चे देखेंगे ...
@PushprajVibes जब से आरक्षण आया तबसे भारत में मुख,पेट, भुजाओं,मछली, दोना, पत्तल, घड़ा, छींक, पैरों से पैदा होना बन्द हो गया और तो और यहां तक देवी देवता धरती पर भ्रमण करने आते हैं और राक्षसों का संहार करने वह भी बन्द हो गया तो मुख पुत्रों का पाखंडी भी बन्द हो रही है इसलिए भिखारियों का पालन-पोषण