Parents should know what and how their child is humiliated for the privilege of writing an Exam.
A girl was asked to take her pants down to check her sanitary pad to get entry in her Re-NEET centre.
#amitkilhor#kilhor#reneet#humiliation#securitycheck
वो चाहती तो शादी से मना कर सकती थी
घर से भाग सकती थी
परिवार छोड़ सकती थी
लेकिन उसे बुरा नहीं बनना था परिवार की निगाह में, परिवार के पैसे पर ऐश भी करना था...
बस इसलिये उसने अपने प्रेमी के लिये मंगेतर को मार देना ज़्यादा आसान समझा...
मैं अब समझ नहीं पा रहा हूँ कि भाइयों की शादी बाक़ी है मेरी ख़ुद की शादी होनी है.. किसी पर भरोसा कैसे कर सकूँगा? 😥😭
बड़े अधिकारियों को इन पुलिसवालों को ट्रेनिंग देना था कि मेटल डिटेक्टर पैंट से निकालकर सीधे मुंह में नहीं ठूसना है।
ये मेटल डिटेक्टर पैंट के ऊपर से भी काम करता है।
कल हुए #UP लेखपाल परीक्षा के बाद से ये कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे है 🫢👇
जिसको देखने से लगता है कि परीक्षा में कुछ तो गड़बड़ हुआ है 👇 वैसे भी वर्तमान समय के हिसाब से धांधली होना बड़ी बात नहीं है ❓
आज हमारी तो कल आपकी या आपके परिवार की बारी है ✅ इसीलिए समय रहते आवाज उठाना बताता है कि हमारा जमीर जिंदा है 🙏
लखनऊ के ऐशबाग स्थित रस्तोगी इंटर कॉलेज में लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद हो गया। अभ्यर्थियों ने परीक्षा समय में गड़बड़ी का लगाया आरोप। परीक्षार्थियों का दावा सुबह 10 से 12 बजे तक था पेपर का समय। कुछ अभ्यर्थियों को दोपहर 2 बजे तक दिलवाया गए पेपर का आरोप🫢🚨
इसी तरह एक अन्य विद्यालय दीपचंद्र ग्रामीण इंटर कॉलेज में भी एक पुलिस वाला ही मोबाइल लेके प्रश्न पत्र हल कर रहा था 😣 जिसका विवरण वीडियो में है 🤬
एक बार सभी वीडियो ध्यान से देख���ं और बताएं कि क्या आपको लग रहा है ❓
क्या बच्चे बेकार में बाहर आके हंगामा करेंगे ?
क्या बच्चे की मेहनत और तपस्या को बर्बाद किया जा रहा है ❓
वीडियो शेयर करें और अपने विचार दें 👏
बाकी मैने यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार डाला है बाकी आगे देखना होगा 👏
#लेखपाल #पेपर_लीक
@rojgarwithankit @exampuroficial @VivekGa54515036 @kmrvivek14 @GaganPratapMath @abhinaymaths @TargetwithAnk @abhijeet_dipke
उम्मीदें अक्सर इस लिए आहत करती हैं कि संसार तुम्हारे हिसाब से नहीं चल रहा हो��ा, तुम अपनी चाह को उम्मीद बना लेते हो कि जैसा तुम्हें चाहिए वैसा ही हो पर तुम कौन हो? जिसके लिए कोई तुमसा हो जाए, असल में उम्मीद हमें अंधा करती है पर जब दिखने लगता है तो दुःख होता है...!!!
😟that's true
विराट कोहली ने RCB पॉडकास्ट में बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की वजह पर खुलकर बात की है।
Virat Kohli ने बताया कि,
"अभी हम टेस्ट मैच खेलना चाहते थे क्योंकि मुझे क्रिकेट से प्यार है,
लेकिन बार बार हमारी योग्यता को लेकर सवाल उठाया गया तो मुझे ऐसा फैसला लेना पड़ा।"
यानि जब कुछ मैचों में विराट कोहली की परफोर्मेंस अच्छी नहीं थी तो BCCI और चयनकर्ताओं ने उनपर दबाव बनाया था।
मैं एक दक्षिण भारतीय हूँ। तेलु��ु मेरी मातृभाषा है। मैंने अपना पूरा जीवन तेलुगु भाषा और तेलुगु टेलीविजन के लिए काम करते हुए बिताया है।
लेकिन आज जीवन में पहली बार मैंने हिंदी में एक वीडियो बनाया।
क्यों?
क्योंकि मैं अपने उत्तर भारतीय ��ाइयों और बहनों से दिल से बात करना चाहता था।
आज जिस परिसीमन की बात हो रही है, उससे दक्षिण भारत के राज्यों को कितना नुकसान हो सकता है, यह समझाना जरूरी लगा। यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है, यह हमारे देश के संतुलन और न्याय का सवाल है।
मैं आपसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि
यह महान भारतवर्ष हम सबका है।
जितना अधिकार उत्तर भारत का है, उतना ही अधिकार दक्षिण भारत का भी है। और अगर दक्षिण भारत के साथ कोई ���ाइंसाफी होती है, तो यह सिर्फ दक्षिण की नहीं, पूरे भारत की चिंता होनी चाहिए।
इसलिए मैंने आज पहली बार हिंदी में बात करने की कोशिश की, ताकि हम एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें और एक-दूसरे के साथ खड़े हो सकें।
उम्मीद है आपको मेरी हिंदी समझ आई होगी, और अगर कहीं कोई त्रुटि रह गई हो तो दिल से क्षमा चाहता हूँ।
आइए, भाषा से नहीं, भावना से जुड़ें।
क्योंकि हम सब मिलकर ही भारत हैं। 🇮🇳❤️
यूपी में अभी 80 सांसद हैं। इसमें 34 ओबीसी वर्ग के हैं। 18 दलित वर्ग के हैं। दलित वर्ग के लिए 17 सीट रिजर्व है। अवधेश प्रसाद अयोध्या से जनरल सीट पर चुनाव जीते थे।
नए परसीमन के बाद 33% महिलाओं के लिए सीट आरक्षित हो जाएगी। सपा की मांग है कि इसमें पिछड़ा और अल्पसंख्यक के लिए व्यवस्था की जाए।
प्रधानी, जिला पंचायत, बीडीसी के चुनाव में पिछड़ों के लिए आरक्षित होता है, वह उचित लगता है, लेकिन सांसदी-विधायकी की सीटें भी आरक्षित हो, यह उचित नहीं लगता।
पार्टियां क्षेत्र के जातीय समीकरण को देखकर टिकट देती हैं। जैसे मेरी फूलपुर लोकसभा में पटेल बाहुल्य ह��ं, अक्सर इन्हीं को टिकट मिलता है। कई बार तो सभी पार्टियां एक ही वर्ग के कैंडिटेट को उतार देती हैं।
मान लीजिए सीटें आरक्षित भी कर दीजिए, तो अगर आप यह मान रहे कि किसी दबे-कुचले व्यक्ति को उठाकर सांसदी का टिकट दे देंगे तो ऐसा नहीं होने वाला। वह उसी को देंगे जो संपन्न है। जो पहले से किसी पद पर रह चुके हों। क्योंकि यह बड़े स्तर का चुनाव होता है।
जैसे सोनभद्र की रॉबर्सगंज सीट ST वर्ग के लिए है, यहां कई और चीजें रिजर्व हैं, आप देखिए यहां पकौड़ीलाल का परिवार है, वही हर चुनाव लड़ता है। मतलब सांसद लड़ेंगे, विधायक बनेंगे, जिला पंचायत अध्यक्ष तक। मतलब सब एक-दो परिवार तक सीमित हो गया है।
दलित वर्ग के लिए जो सीटें आरक्षित हैं, वह उचित हैं लेकिन पिछड़े वर्ग के लिए सीटें आरक्षित करना ठीक नहीं। ध्यान रहे, मैं पिछड़े वर्ग से ही आता हूं। मोदी जी वाले पिछड़े वर्ग से।
UGC रेगुलेशन के खिलाफ़ सुनवाई के दौरान सरकारी वकील यानी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया मौजूद थे, मगर कोई आपत्ति नहीं जताए।
इसके बचाव में एक शब्द नहीं बोले।
��ताओ, मोदी सरकार किसके साथ है?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसका बेटा या बेटी बेरोजगार हो?
किसी एक नेता का नाम ब���ाइए जिसके परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु अस्पताल में इलाज न मिलने से हुई हो?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसके बच्चे को अच्छी शिक्षा न मिली हो?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने जाते हों?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसकी बेटी का रेप हुआ हो?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसको न्याय मिलने में देर हुई हो?
किसी एक नेता का नाम बताइए जिसके बच्चों को कभी पुलिस वाले ने थप्पड़ मारा हो?
जब जनता से चुनकर जाने वाले इन नेताओं के बच्चों और परिवार वालों को अच्छी शिक्षा और इलाज मिल सकता है,उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है, तो फिर आम जनता के बच्चों को ये सब नसीब क्यों नहीं है?