India की Eastern Border पर क्या बदल रहा है?
India की Eastern Border से कुछ ही किलोमीटर दूर Bangladesh के Sylhet में शुरू हुआ Military Exercise अब सिर्फ एक Exercise नहीं, बल्कि बदलते Strategic Equations का बड़ा Signal बनता दिख रहा है।
एक तरफ US Commandos Indian Border के पास Training कर रहे हैं, दूसरी तरफ Bangladesh के Army Chief Turkey के दौरे पर हैं, जबकि Pakistan-Turkey की बढ़ती नज़दीकियां नए सवाल खड़े कर रही हैं।
@RitikaChandola से जानिए क्या भारत की Eastern Border पर कोई नया Strategic Game शुरू हो चुका है?
बारिश के बाद मेंढक आवाज करे और सांप शिकार के लिए बिल से बाहर न निकले ??? हो ही नहीं सकता...
जंतर मंतर भी ऐसा ही जंगल है अब...पहले कॉकरोच निकले, फिर उन्हें हजम करने तमाम विपक्षी दलों के मेढ़क निकले...मेढ़को की आवाज सुनकर आज सफेद सांप भी बिल से बाहर आए...और अब इन सांपों पर बाज की नजर पड़ चुकी है...
वक्त के गर्भ में क्या छुपा है, कोई नहीं जानता मगर इतना तो तय है कि अब सरकार भी पूर्व की गलतियों से सबक लेकर इनकी झाड़ू इनके पीछे डालकर मोर बनाकर जरूर नचायेगी...
मैंने कहा था न कि जूतो में दाल बंटेगी ???
3 अग्निवीर जवानो ने जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के समर्थन मे वीडियो पोस्ट किया जिसमे प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा समर्थको को देख लेने की धमकी दी...
चेहरे ढककर बनाई गई वीडियो के बावजूद इनमे से 2 की पहचान इनकी कम्पनी के अन्य देशभक्त अग्निवीरों द्वारा उजागर कर दी गयी..
इनके नाम है अभिषेक यादव और विनय कुमार यादव जो पोस्टेड हैं लेह मे
इनके अन्य वीडियो खंगालने पर पता चला की ये #अखिलेश यादव के पक्के वाले समर्थक हैँ और प्रधानमंत्री मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ लगातार कन्टेट ड़ालते रहते हैँ
इन्होने वीडियो मे दिल्ली पुलिस तक को धमकी दी है ये भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की धमकी दे रहे हैँ
किसी फ़ौजी व सुरक्षा बल के सैनिक व अधिकारी से अपेक्षा की जाती है की वह बिना राजनीति से प्रेरित हुए तटस्थ रहकर सेना के लक्ष्य व हित के लिए समर्पित रहेंगे लेकिन इनके कन्टेट को देखकर पता चलता है की यह तो सेना का हिस्सा बनकर भी राजनितिक कीड़े से ग्रस्त हैँ
ADGPI - Indian Army को चाहिए की पॉलिटिकली मोटिवेटेड जवानों को तत्काल सेवामुक्त करके राजनीति करने के लिए इनके गाँव वापस भेज दे..
ताकि ये सेना की वर्दी का गलत इस्तेमाल तो न करें..
भारत सरकार के प्रति नफरत से भरे सैनिक तो वैसे भी देश के लिए खतरा हैँ क्यूंकि इन जैसों की तलाश मे तो पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी घूमती रहती हैँ।
दिल्ली के कृष्णा नगर में कैब चालक की हत्या
ड्राइविंग सीट पर मिला खून से लथपथ शव
लूट के विरोध में हत्या की आशंका
चार युवकों के भागने की मिली सूचना...
#DelhiMurder#KrishnaNagar#CabDriver
संजय सिंह:- पुलिस ने मुझे भी कई लाठी मारा
पत्रकार:- आप झूठ बोल रहे हैं किसी ने आपको मारते नहीं देखा
टिकट ब्लैक करने वाला संजय सिंह:- मेरे फोन में फोटो और वीडियो है कहो तो दिखा दूँ ?
पत्रकार:- जी हां जरूर दिखाइए
संजय सिंह:- अभी मेरे फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है इसीलिए मैं नहीं दिखा पा रहा हूँ
यह दोगला खुद को पढ़ा लिखा कहता है और इस दोगले को ऐसा लगता है कि देश की जनता इतनी मूर्ख है कि वह मान लेगी की फोन में फोन की गैलरी से फोटो और वीडियो दिखाने के लिए मोबाइल में नेटवर्क आना चाहिए
इस पूरे प्रकरण में अगर सबसे ज़्यादा मूर्ख कोई बना है तो वो हैं सामान्य वर्ग के युवा। तुम्हें क्या मिला भाई? तुम क्यों उछल रहे थे? तुम्हें तो नुक़सान ही हुआ।
तुमने नीला झंडा उठाने वालों का समर्थन किया। तुम चंद्रशेखर 'रावण' के भक्त बन गए। तुम गर्व से जिस आंदोलन को अपने बताते फिर रहे हो उसके नेता अमेरिका से आंबेडकर की तस्वीर लेकर भारत की धरती पर उतरा। जिस प्रोटेस्ट्स के सहारे तुमने मोदी को गालियाँ दीं उनमें UGC रेगुलेशंस की एक बार भी चर्चा तक नहीं हुई। स्टैंड तक क्लियर नहीं है इसपर।
तुम्हारे तो आंदोलन में इतनी ताक़त भी नहीं थी कि कोई वार्ड पार्षद तक अपना बयान दे सके, कम से कम नीले झंडों के कारण प्रधानमंत्री को तो पोर्ट्रेट मोड में कैमरा करके वीडियो बनाना पड़ा। आरक्षण को लेकर इस आंदोलन के जोकरों के क्या विचार थे, ये तुमने नहीं पूछा। प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की घोषणा करने वाली कांग्रेस इस आंदोलन का हिस्सा थी। AAP वालों के आरक्षण पर क्या विचार हैं, तुम्हें पता है फिर भी तुम सिर्फ़ इसीलिए कूदते रहे क्योंकि तुम्हारे हिसाब से मोदी परेशान है।
उस मंच से भगवान श्रीराम के लिए अपशब्द कहे गए, फिर भी तुम एक अदद विरोध तक न दर्ज करा पाए। तुम अपने मंच से आंबेडकर को एक शब्द तक कहकर देखो, जिनका तुम समर्थन कर रहे हो वही तुम्हारी फाड़कर रख देंगे। अपने अस्तित्व का सोचो, ऐसे फूहड़ आंदोलनों का समर्थन करके स्वयं का मजाक मत बनाओ।
असल में पहली बात तो ये है कि सामान्य वर्ग के युवाओं की अब हैसियत नहीं बची है ख़ुद के दम पर कोई आंदोलन करने की, इसी बेचारगी में उधार के आंदोलनों में बिन बुलाए मेहमान की तरह घुसकर उसे अपना बता रहे हैं। दूसरी बात ये है कि तुम्हारी बात सुनेगा भी नहीं कोई, एक तो संख्या नहीं है ऊपर से एकता नहीं है। तीसरी बात, तुम्हारे अपने चुने हुए नेता तुम्हारी माँगों पर तुम्हारे साथ नहीं हैं, चाहे वो किसी भी पार्टी में हों।
सच में, सामान्य वर्ग के युवाओं से बड़ा मूर्ख कोई नहीं है आज की तारीख़ में। अपनी भद पिटवाकर रख दी तुम सबने!
"आपने जगह-जगह से लोगों को बुलवाया और फिर लट्ठ बजवा दिए"
Protest में उठे CJP लीडरशिप पर सवाल, जिम्मेदारी नहीं ले रहे मंच पर खड़े होने लोग
@RitikaChandola
आपको विश्वास नहीं होगा...
पूरे कश्मीर में मोहन दास गांधी और भीम राव अंबेडकर की एक भी प्रतिमा नहीं है !!
यही कश्मीरी मुxलिम... कल धारा 370 हटाने का विरोध अंबेडकर का चित्र लेकर कर रहे थे...
-Journalist ; Congress says Uniform Civil Code (UCC) in MP is RSS agenda.
-CM @DrMohanYadav51 : If the RSS agenda is nationalist, then we won't implement it just once, we will implement it a hundred times.
Absolute chad😂😂
देश की करोड़ों महिलाएँ और छात्र अब प्रधानमंत्री जी के समर्थन में Social Media पर उतर आए और
अब सवाल पूछ रहे हैं के भाजपा ने तो कमियों को स्वीकारा बाक़ी सरकारें कुछ बोलेंगे कहेंगी माफ़ी माँगेंगी
या बस राजनीति ही करेंगी शिक्षा पर ???
सोनम वांगचुक स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट का चेहरा नहीं हैं। सोनम बेवफा हैं, सरकार के साथ समझौता कर लिया। - कांग्रेस
राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन दिखावटी - सोनम वांगचुक की पत्नी