Today, What is the difference between a Hindu and Muslim in India?
That a policeman calls 4-6 Times MPs Ateek Ahmed, and Mukhtar Ansari, gangsters and Lawrence Bishnoi Sahab.🤪
सारी बात तुम्हारी सही है लेकिन सवाल है जिस नबी का जिक्र करते हो क्या उसका सम्मान मक्का के लोगों ने किया था या अब जो है वो करते है ?
सऊदी अरबके लोग काफ़िर से भी बुरे है मै एक मुस्लिम होकर ये बात कह रहा हूँ।
ये अपनी काम करने वाली को नहीं छोड़ते दूसरों को ये क्या ज्ञान देंगे?
सऊदी अरब वाले मामले पर अभी तक मैंने कुछ नहीं लिखा
लेकिन अब पूरा सच जान ले आप लोग
सोशल मीडिया पर सिर्फ झूठ फैलाया गया कि वो दोनों शौहर बीवी है थे और उनकी एक 8 साल की बेटी है और दोनों हज यात्री थे ये सब बिल्कुल झूठ और अफवाह है।
पूरा सच मैं बताता हूं
14 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के मक्का में जिन दो लोगों को मौत का हुकुम सुनाया गया वो बांग्लादेश के नजरूल इस्लाम अब्दुल बासित और सिती अख्तर थे और वो पति पत्नी बिल्कुल भी नहीं थे जो वीडियो बच्ची रो रही है सब फ़ेंक और अफवाह है।
बांग्लादेश की मीडिया के मुताबिक नजरूल 2022 में क्लीनर का काम करने सऊदी अरब गया था और सिति अख्तर वही काम कर रहीं थीं।
मई 2023 में हज से तकरीबन एक महीना पहले दोनों को मक्का की एक मस्जिद के अंदर सऊदी सुरक्षा बलों ने कथित तौर अनैतिक कृत्य करते हुए पकड़ लिया था।
उसके बाद तीन साल से ज्यादा दोनों जेल में रहे जेद्दा की अदालत में सुनवाई चली और दोषी पाए जाने पर शाही आदेश के बाद 14 अक्टूबर 2026 को मक्का में फांसी दी गई 18 अक्टूबर को लाश शव बांग्लादेश भेज दिया गया।
लोग कहते है सजा इतनी सख्त क्यूँ है???????
मक्का की हर मस्जिद का अपना ऐहतराम है वो हमारे नबी ﷺ से जुड़ी हुई हैं।
सऊदी के पब्लिक डिफेंस कानून में मस्जिद में इस तरह के अश्लीलता वाले कृत्य सख्त वर्जित है और मक्का की मस्जिद में पवित्रता नष्ट करने पर मामला ताज़ीर के तहत बहोत गंभीर हो जाता है जिसमें मौत फांसी की सजा है।
सऊदी गृह मंत्रालय के मुताबिक दोनों पर मस्जिद के अंदर गंभीर यौन प्रकृति का अश्लील कृत्य करने का आरोप सिद्ध हुआ था।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबायेद इस्लाम ने खुद 17 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
अल्लाह के घर की पाकीज़गी रखना पूरी दुनियां के मुसलमानों रखना चाहिए।
मस्जिद अल्लाह की इबादत की एक पाक जगह है।
वहाँ बेहायाइ नहीं कर सकते मक्का जैसी पाक सर ज़मीन को बदनाम करना बंद करे यूरोपीय गोदी मीडिया।
अक्षरा से एक विनती है आप आगे जा रहीं है सीधे जो अब पीछे मुड़ने की जरूरत नहीं यदि अपनी किस्मत और जीवन दोनों बर्बाद करना है तो थैली पीने वाले के साथ जा सकती हो।
@AKSHARASINGH1
जनाब असदुद्दीन ओवैसी साहब कह रहे है कि हम किसी नेहरू गाँधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे !
यार @grok तू बता सदर साहब क्या कहना चाहते है सदर साहब यूपी में किसको नुक़सान पहुंचाएंगे और किसको फायदा पहुंचाएंगे !
जिन्ना की मज़ार पर मोहब्बत की चादर चढ़ाने वाले आज देश को अस्थिर करने के विदेशी टूलकिट पर उतर आए है
जिन्होंने ज़िंदगी भर देश के दुश्मनों के सामने घुटने टेके हैं,
वो आज देश में आग लगाने की साज़िश कर रहे हैं।
कांग्रेस का ये घिनौना चेहरा देश के सामने अब पूरी तरह बेनकाब!
Part 1👇🏼
लॉरेंस बिश्नोई भाई का नाम गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
लॉरेंस भाई को बदनाम करने की साजिश है।
सलमान खान माफी मांग लेते तो सारा विवाद खत्म हो जाता और फिर लॉरेंस भाई का नाम कोई इस्तेमाल नहीं कर पाता ।
#काला_हिरण
@ChhotaMv वीडियो में मर्दों संग एंजॉय स्पष्ट नहीं। सऊदी में शादी के बाहर संबंध (ज़िना) इस्लाम और क़ानून में हराम। सज़ा आमतौर पर जेल-जुर्माना। शादीशुदा के लिए रजम सैद्धांतिक संभव, पर 4 गवाह या कबूल जैसी सख्त शर्त से बहुत दुर्लभ। फांसी आम नहीं। ये सऊदी का आंतरिक मामला।
@grok अब बता इसकी सजा क्या हो सकती है सऊदी अरब के अंदर ?
ये मर्दो के साथ जो एंजॉय कर रही है क्या इस्लाम में जायज है ?
इसको सजा में फांसी होनी चाहिए या नहीं या सऊदी का बोल कर छोड़ देना चाहिए?
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যেটা আরবদের জন্য সঠিক, সেটা অন্যদের জন্য ভুল। আর সেই ভুল থেকে মৃত্যুদণ্ড! Bangladesh Foreign Policy প্রায় ধ্বংস!
আরবরা বেশ্যাবৃত্তি করলে সমস্যা নেই..! শালা, আইন কি শুধু ভিখারি দেশের মানুষের জন্য প্রযোজ্য? ধনীদের জন্য এক আইন, আর গরিবদের জন্য আরেক আইন এই ভণ্ডামির শেষ কোথায়, বালের Foreign কূটনীতি!
@grok लेकिन जिसको तोहफा में दिया गया वो एप्स्टाइन फाइल का अपराधी था जिसने बच्चे बच्चियां का मांस खाया उसके साथ ब्लात्कार किया ।
इस्लामिक शरीया में इसकी सजा क्या हो सकती है।
@ChhotaMv मैं जिंदा हूं। सऊदी अरब काबा का गिलाफ बेचता नहीं, पुराने किस्वा के टुकड़े तोहफे में बांटता है। शरिया में इसके लिए कोई निर्धारित सजा नहीं क्योंकि यह अपराध नहीं माना जाता। ऐतिहासिक रूप से आयशा और इब्न अब्बास ने बेचकर दान में खर्च करने की अनुमति दी।