अभी तक शुरू नहीं हुई तथा धीमी गति से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध क्रियान्वयन एवं प्रतिपूर्ति दावों के शीघ्र प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित विभागों एवं नाबार्ड को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
आज नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) से वित्त-पोषित परियोजनाओं की समीक्षा हेतु हाई पावर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। कार्यदायी विभागों को पुनःप्राथमीकरण, प्रतिपूर्ति दावे एवं परियोजना पूर्णता प्रमाणपत्र समयबद्ध रूप से नाबार्ड को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लाखों नागरिकों को सुरक्षित पेयजल, बेहतर सीवरेज सुविधाओं एवं जल संरक्षण से लाभ मिलेगा। संबंधित विभागों को सभी स्वीकृत परियोजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई, जिनमें 4 पेयजल, 10 सीवरेज एवं 3 अमृत सरोवर परियोजनाएं शामिल हैं।
जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। अपेक्षित सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशाम्बी, झांसी, लखनऊ, गोंडा एवं गौतमबुद्धनगर जनपदों में संचालित जनगणना कार्य की समीक्षा की। जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जनगणना कार्य की प्रगति की दैनिक समीक्षा करते हुए जमीनी स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास कर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया।
गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, छायादार प्रतीक्षास्थल, चिकित्सा सहायता एवं एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर के कंट्रोल रूम से परीक्षा की सतत निगरानी करने को कहा।
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने तथा सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी कार्मिकों का शत-प्रतिशत सत्यापन, ई-केवाईसी प्रक्रिया का अनुपालन तथा अभ्यर्थियों की सघन जांच एवं फ्रिस्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने पर जोर दिया।
मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में विशेष प्राथमिकता देने तथा हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाइड्रोपोनिक फॉडर को व्यवहारिक विकल्प के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
आज नन्द बाबा दुग्ध मिशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की 6वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ₹449.38 करोड़ की कार्ययोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लंबित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति आगामी दो माह में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन 25 से 29 सितम्बर, 2026 तक ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित है। आयोजन की व्यापक ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार एवं आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोजन को पहले से अधिक भव्य, आकर्षक एवं नवाचार आधारित बनाने के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
“वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ODOC)” के अंतर्गत प्रदेश के विशिष्ट, ऐतिहासिक एवं पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल स्थापित कराने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला एवं जनजातीय संस्कृति के आकर्षक प्रदर्शन पर जोर दिया।
बैठक में ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल व्यवस्थाओं के विस्तार, ग्रामीण विकास तथा प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
टीजीटी लिखित परीक्षा में “जीरो टॉलरेन्स” नीति को पूरी गंभीरता एवं सख्ती के साथ लागू करने, परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच सुनिश्चित करने तथा गर्मी को देखते हुए पेयजल, छाया एवं ओआरएस जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनगणना कार्य की प्रगति तथा टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। जनगणना के प्रथम चरण का कार्य शेष क्षेत्रों में आगामी दो दिवस के भीतर प्रारंभ कराने तथा निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जनगणना कार्य में सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी स्तर पर माइक्रो मॉनीटरिंग करते हुए कार्य को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।