>इमरजेंसी में 30 मिनट तक दीवार नहीं तोड़ पाए,
>दीवार काटने के इक्विपमेंट नहीं हैं,
>ज्यादा फ्लोर तक फायर ब्रिगेड पानी नहीं पहुंचा पाती है,
>30 मिनट तक पुलिस नहीं आ पाती है,
>फंसे हुए लोगों को निकलने की सुविधा नहीं आपके पास।
और कहते हो विश्वगुरु हैं हम
मेरे 🔔 का विश्वगुरु।
>मोहम्मद बिन कासिम के हमले बंद हो गए,
>गजनी भी मर गया
>गुलाम वंश भी खत्म हो गया
>तैमूर का हमला भी नहीं हो रहा
>मुगल भी चले गए
>अहमद शाह अब्दाली भी लूटने नहीं आ रहा
>अंग्रेज भी चले गए
फिर राम मंदिर को लूटने वाले कौन लोग हैं?
स्टिंग में एक्सपोज हो चुके पाल अंकिल अंबे���कर नगर और अयोध्या से आगे बढ़ते ही नहीं. नोएडा क्या यूपी से बाहर है. गाजियाबाद, मिर्जापुर, शाहजहां��ुर, कानपुर, हरदोई, अमरोहा कब जाएंगे ये ??
आप इनको अयोध्या मंडल का इंचार्ज बना दीजिए ये उसी के लायक हैं. किसी मुसलमान को प्रदेश अध्यक्ष बनाइए. क्योंकि चुनाव हारने के बाद बहनजी आप जो ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ती है उससे आपकी छवि में थोड़ा सुधार आएगा ?
@Mayawati @AnandAkash_BSP
जब से संविधान रक्षक बैरिस्टर ओवैसी साहब ने अखिलेश यादव के फ़र्जी समाजवाद की पोल खोली है कि किस प्रकार भाजपाई मुख्यमंत्री को बचाने के लिए बेचैन है तब से @yadavakhilesh जी ने पूरी यादव ट्रोल आर्मी ओवैसी साहब के विरुद्ध दुष्प्रचार के लिए लगा रखी है।
मैं चुनौती देता हूं अखिलेश यादव जी को अगर हिम्मत है तो मेरे नेता से खुली बहस की चुनौती स्वीकार कर लो तुमको 5 मिनट में मेरे नेता बेनकाब कर देंगे।
जितने यादवों को ओवैसी साहब को बुरा भला कहने लगाना है लगा लीजिए हम जानते हैं कि आपके दिल में दाढ़ी और टोपी से नफरत है,आप सिर्फ दाढ़ी और टोपी वालों का वोट लेना चाहते हो उनको बरा��र में बिठाकर हिस्सेदार बनाना नहीं चाहते लेकिन उत्तर प्रदेश का मुसलमान फैसला ले चुका है अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का AIMIM के नेतृत्व में।
#बसपा_का_बढ़ता_जनाधार
आज दिनांक 25-06-2026 को मेरे निजी आवास, अयोध्या पर जनपद अयोध्या के श्री वंशराज पाल जी एवं श्री मनतराम जी (प्रधान) की अगुवाई में दर्जनों साथियों ने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इ�� अवसर पर श्री दीपांशु जी, सूफियान जी,मोहम्मद कलाम जी, मोहम्मद मुस्लिम जी,मोहम्मद रिहान जी एवं मोहम्मद चांद हुसैन जी सहित अनेक साथियों ने आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी की नीतियों एवं बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
सभी सम्मानित साथियों का बहुजन समाज पार्टी परिवार में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। आशा है कि आप सभी बहुजन समाज ���े मान-सम्मान, सामाजिक न्याय एवं भाईचारे के मिशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
#जयभीम #BSP #बसपा_का_बढ़ता_जनाधार #अयोध्या #मिशन_2027
अखिलेश जी ने आज अपने PDA की नई व्याख्या की। उन्होंने कहा कि PDA में A का मतलब आदिवासी है।
A को अल्पसंख्यक और अगड़ा वो, पहले ही बता चुके हैं।
डर ये लग रहा है कि अखिलेश जी किसी दिन कोई सम्मेलन करते हुए यह न कह दें कि A का मतलब आंकवादी भी होता है!
वैसे भी उनकी सरकार अपने कार्यकाल के दौरान वाराणसी सीरियल ब्लास्ट, लखनऊ और फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट के आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले चुकी है।
और तुष्टीकरण की राजनीति में अपने PDA के A के बारे में यह कह सकते हैं कि सपा के PDA का अर्थ 'अगड़ा, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आतंकवादी' होता है।
अखिलेश जी की यह हरकतें देखकर मुझे "गोविंद" जी की फिल्म "राजा बाबू" याद आ रही है, जिसमें "गोविंदा" जी का किरदार कभी वकील, कभी डॉक्टर, कभी पुलिस अधिकारी और कभी नेता बनता है।
सही मायने में कहा जाए तो अखिलेश जी भारतीय राजनीति के "राजा बाबू" ही हैं।
@yadavakhilesh
हेलो @jaunpurpolice 🖐️🚨
"बाबा साहब अंबेडकर जी" व "आदरणीय बहन कु मायावती जी" की अभद्र प्रतियां प्रसारित करने वाले "आशीष जैसवाल" को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया🤬
आखिर कोतवाली SHO द्वारा उसे क्यों बचाया जा रहा है,पैसे लेकर हिसाब कर रहे हो क्या ?
@ipskunwaranupam संज्ञान ले🙏
बसपा नेता मध्यप्रदेश प्रभारी माननीय राजाराम जी, इंजी. रमाकांत पिप्पल जी प्रदेश में घूम -घूम कर विचार गोष्टी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
इसके माध्यम से पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। हर कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ रही है।
#RajaRam@PippalRamakant#BSP#madhyapradesh
सपा से आजम खान उनका पूरा परिवार,इरफान सोलंकी,आरिफ अनवर हाशमी,रिजवान ज़हीर, मुख्तार अंसारी,अतीक अहमद,अब्बास अंसारी ज़ाहिद बेग, रफीक अंसारी ये सब जेल गए लेकिन अखिलेश यादव का पूरा परिवार सेफ है ऐसे कैसे हो सकता है सर अंदर से कोई डील हुई है क्या ? तुम क्या बोलोगे यार तुम खुद मीठे हो
भाजपा यूपी में किसी यादव को मुख्यमंत्री बना दे तो अखिलेश यादव की राजनीति ही खत्म हो जाएगी ।
वह तो भाजपाई मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ बोल ही नहीं पाएंगे।
कितनी संकीर्ण राजनीति है सपा प्रमुख की।
पूरी उम्मीद है किउद्धव, ममता और शरद पवार की तरह अगला तू���ान ये झेल नहीं पाएंगे।
हरि ॐ।
फिर चुनाव हारने के बाद कहते फिरते है कि चुनाव आयोग भाजपा से मिला हुआ है
मतलब जब अपनी जात ही की राजनीति करनी है तो काहे जनता का काट रहे हो
सीधा सीधा लिख दो यादववादी पार्टी
अखिलेश यादव जी के पास इतने सांसद है कि राष्ट्रीय मुख्य पार्टियो से अलग इस बार महत्व मिल रहा है। इससे जिम्मेदारी भी पैदा होती है जिसमे केंद्र सरकार के कार्यो की आलोचना के अवसर न चूक सके।
आज एक अवसर मिला। इस अवसर पर श्री अखिलेश के सामने दो ऑप्शन थे;
1.जाति का व्यक्ति है इसलिए पार्टी बादमे।
2.जाति का है तो क्या हुआ, पार्टी के साथ करोड़ो लोगो की आस है जिन्होंने वोट दिया है। विशेष तौर से 95% से ऊपर वोट देने वाले मुस्लिम समाज की।
अब श्री अखिलेश यादव ने;
"जाति का व्यक्ति है। इसे चुना"
प्रश्न : क्या कभी श्री अखिलेश ने गैर यादव भाजपा मुख्यमंत्री का बचाव किया है। अगर मोहन यादव की जगह अन्य सरनेम होता तो क्या तब भी करते?
उत्तर : नही।।
अभी आपको याद है न। सूरजपाल जाटव । जो अपने आप को भगवान बताते है। श्री अखिलेश यादव भी उनके दरबार मे माथा टेकने जाते है । उनके कार्यक्रम में भगदड़ मची। सैकड़ो मार�� गए। सूरजपाल के खिलाफ कड़ी कारवाई की माँग;
"बहन कुमारी मायावती जी ने सबसे पहले करी। और मजबूती के साथ करी"
श्री अखिलेश यादव के सामने 2019 में भी 2 ऑप्शन थे;
1.राज्यसभा चुनाव में बसपा कैंडिडेट भीमराव अंबेडकर को जितवाया जाए, उन्हें जया बच्चन से ज्यादा महत्व दिया जाए। जिससे बसपा से गठबंधन मजबूत हो सके। क्योंकि भाजपा चाह रही थी कि बसपा कैंडिडेट हार जाए ओर बहनजी गुस्से में गठबन्धन न करे
2.जया बच्चन क��� प्राथमिकता दी जाए। बसपा कैंडिडेट चाहे हार जाए।
श्री अखिलेश यादव ने दूसरे ऑप्शन को चुना। बसपा के पास वैलिड व स्ट्रांग कारण था कि वो गठबंधन न करे और लोगो को जया बच्चन को प्राथमिकता देने के बारे में बताये। लेकिन बहनजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करी ओर कहा कि भाजपा वाले समझते है कि बहनजी ग़ुस्सैल है, गठबन्धन नही करेगी। लेकिन हम करेंगे।
इस बार भी "मोहन यादव" को वेटेज देकर श्री अखिलेश यादव भाजपा को ल��भ पहचा रहे है।
विकास कुमार जाटव
उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई।
उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
अब क्षेत्रीय पार्टी भी सरकार का जाति देख कर विरोध करेगी, अगर उसकी जाति का मंत्री, CM है तो साज़िश है, और कोई अन्य जाति का है तो करप्ट है... ये लोग ऐसे लड़ेंगे.. चुनाव
ऑपरेशन लोटस में अगर शिवपाल यादव फंस गए होते तो आज केशव प्रसाद मौर्य की जगह वो उत्तरप्रदेश के डिप्टी सीएम होते.!
लेकिन शिवपाल यादव को उनके बड़े भाई मुलायम सिंह यादव की वो कसम अपने परिवार की सैफई की वो यादें अपनी पत्नी और डिम्पल यादव से वो मजबूत रिश्ते उन्हें ऑपरेशन लोटस में कैद नहीं कर पाए।
अखिलेश यादव मोहन यादव का समर्थन इसलिए कर रहे है क्योंकि वो OBC है
–– सपा के उजड़ समर्थक
फिर तो प्रधान से इस्तीफा मांगना भी गलत है वो भी OBC है।
केशव मौर्या को टार्गेट करना भी गलत है ��ो भी OBC है।
✅ये सीधा नही बोलेंगे की अखिलेश भाईचारा निभा रहे है सपा समर्थकों के दबाव मे।