सुभाष चंद्रा के लिए राहत चार दिन की चांदनी रही।
आमजन के आक्रोश के बाद उनके 22 हज़ार करोड़ की कर्जमाफी के आदेश को पलटा।
अब सुभाष चंद्रा ने फ़ैसला बहाल रखने के लिए गुहार लगाते हुए याचिका दी है।
यही बदला है समय। अगर कुछ साल पहले यह फ़ैसला आया होता तो न सिर्फ़ यह बरकरार रहता बल्कि जो भी सवाल करता उसे बुली कर चुप करा दिया जाता!
@Benarasiyaa एक बात ये blo बताना भूल गए, फॉर्म देने के बाद फॉर्म वितरण की शुरुआत में ही blo पर दबाव बनाकर ऐप में 100% फार्म वितरण दिखवा दिया, गजब है सिस्टम😯