जीमेल पर अपनी आईडी अच्छी नहीं लगती, चेंज करने का तरीका जान लीजिए
Gmail का सबसे जरूरी फीचर, जो गूगल ने दिसंबर 2025 में अनाउंस किया था, उसे अमेरिका के बाद अब इंडिया में भी लॉन्च कर दिया गया है. जीमेल आईडी बदलने वाला फीचर अब इंडिया में भी उपलब्ध है. कैसे बदलते हैं जान लीजिए.
छत्तीसगढ़ भाजपा ने अनिल द्विेवेदी से पोस्ट डिलीट करवाई और फिर उन्हें सरकार ने पदमुक्त कर दिया। आरक्षण को ले कर इतनी टची है यह सरकार। अब उन्होंने मुझे कहा है कि उनके परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं ज���तिवादी गुंडों से।
आदरणीय भारतरत्न बाबासाहेब आंबेडकर जी ने शोषितों, वंचितों और भेदभाव के शिकार वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए जो आरक्षण का अधिकार दिया, वह हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। एससी और एसटी के बाद ओबीसी समाज को भी इसका लाभ मिला। हमने हमेशा से महाराष्ट्र में मराठा समाज के आरक्षण की मांग का भी मजबूती से समर्थन किया है।
@ujjwalldeepak दीपक भाई देखे कैसे एक्टिव रहती है उत्तरप्रदेश की पुलिस सोशल मीडिया से लेके मौके तक
एक अपने छत्तीसगढ़ की पुलिस है सोसल ��ीडिया पर टैग कर के कार्यवाही की बात कह दो तो दिखाई भी नहीं देता इनको
‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ का X हैंडल @RHAreforms है। बाकी हैंडलों से हमारा कोई संबंध नही��। शीघ्र ही यह वैरिफाय हो जाएगा और हम यहाँ पर भी चर्चा आरंभ करेंगे।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की ब���टी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर भारत और हमारे छत्तीसगढ़ का नाम ऊँचा है। यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था।
रजत पदक जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी ने कहा कि, उनका लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना था, जिसे उन्होंने हासिल किया। बाकी खिलाड़ी भी काफी मजबूत थीं, इसलिए स्वर्ण पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन रजत पदक से वह बेहद खुश हैं।
Clarification…
इस आंदोलन की अगली दिशा @ajeetbharti और @ARanganathan72 जी तय करेंगे।
तब तक, हम मुद्दों को उजागर करते रहेंगे, कड़े सवाल पूछते रहेंगे और अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते रहेंगे,
सवाल पूछते रहें। एकजुट रहें। अपनी आवाज़ उठाएं।
#EndReservationNow
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन ��र गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्���ा में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी ��ंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के ल���गों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका ��ेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिं���ा कर रहे हैं।
आरक्षण एससी एसटी, यूजीसी एक्ट की समाप्ति के लिए आमरण अनशन की तैयारी इस गुरुपूर्णिमा से शुरू करूँगा पूरा श्रावण हमारा व्रत रहेगा 75 दिन तो आराम से रह लूंगा फिर मेरे ना रहने के बाद कोई और आगे बढ़ाएगा क्योंकि अब ये योग्य बच्चों का ख़राब होता भविष्य नहीं देखा जा रहा ।
-40 में एडमिशन और 250 नंबर वाला घर बैठे ऐसी असमानता दुनिया कैसे बर्दास्त कर रही है , कोई नेता इस पर अपना मुंह क्यों नहीं ख��लता ??
#यूजीसी_रोलबैक
#एससीएसटी_रोलबैक
#आरक्षण_रोलबैक