पानीलाई लिटर, जार, मेगावाटको आँखाले मात्रै हेर्ने गर्नु ठूलो भूल हुन्छ । यसले प्रकृतिको यथास्थितिमा रहँदा पनि अद्भुत जीवन शौन्दर्यको सिर्जना गरी रहेको हुन्छ ।
ग्वाङखोला सिन्धुली
जलवायु परिवर्तन, अधिक दोहन र चरिचरण, मिचाहा प्रजाति र अतिक्रमण, फोहोर र प्रदूषण, युट्रोफिकेसन नै सिमसार संरक्षणका लागि मुख्य चुनौतीहरू हुन् ।
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श्री सशस्त्र प्रहरी
@APF_Nepal
बेलून मुख्य वातावरणीय खतरा हो। यसले नष्ट नहुने र हानिकारक फोहोर उत्पादन गर्छ। पशुपंछीले झुक्किएर खाने, चराहरु अल्झिने जस्ता खतरा निम्तिन्छन। लेटेक्स बेलूनहरू माटोमा सड्न वर्षौं लाग्छ, धातुयुक्त बेलुनहरूले बिजुलीका तारहरूमा आगलागी पनि गराउँछन।
Over 146 million people across Europe and Central Asia live in flood zones, and exposure keeps growing.
Cities need risk-informed planning, early warning systems and resilient infrastructure.
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Climate-resilient infrastructure, renewable energy, and digital connectivity are driving #Uganda’s sustainable growth. The new #UgandaCCDR shows how green investment and #ClimateAndDevelopment can unlock private sector opportunities for a greener future: https://t.co/MT9d87vxln
A new report concludes that 2025’s extreme weather events demonstrate a clear link between human-driven emissions and increasingly severe global climate impacts. https://t.co/eQKZJPc7se
अरावली हमें प्रकृति की दृढ़ता, संतुलन और अमूल्य विरासत की ऐसी कहानी सुनाती है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोना और बचाना हमारी जिम्मेदारी है। #SaveAravalli
🚨 Aravalli Under Threat
A new interpretation refusing to recognise hills below 100 metres as “Aravalli” risks stripping nearly 90% of the world’s oldest mountain range of legal protection.
Why this matters👇
> Aravalli is North India’s green wall against desertification & heatwaves.
> It acts as NCR’s lungs, cutting dust storms & pollution.
> It is a major groundwater recharge zone for Rajasthan, Haryana & Delhi.
Mining smaller hills breaks the continuous ecological chain weaken one brick, the wall collapses.
Experts warn this could accelerate desert spread, water scarcity & climate collapse.
India must judge Aravalli by ecological impact, not height metrics. #SaveAravalli
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ ���रुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, ह��ियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसप���स के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के ��ीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
Climate the Movie: The Cold Truth
The final nail in the coffin for the "human-induced climate change" scam. An absolute MUST-WATCH!
Directed by Martin Durkin (@Martin_Durkin), director of 2007's 'The Great Global Warming Swindle'. Produced by Tom Nelson (@TomANelson).
Please share far and wide!
निलगिरी हिमालको शिर भएको मुस्ताङ जिल्लाको ढुम्बा खोलामा आएको लेदो सहितको निकै ठुलो भयानक बाढी आएकोछ। मुस्ताङको ठाडो खोलाहरुबाट लेदो सहितको बाढी पटकपटक आइरहेको छ। सबैजना सतर्क रहनुहोला।
उत्तराखंड..उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव की खीरगंगा में बादल फटने से आई भयंकर बाढ़, कई होटलों में घुसा पानी और मलबा। कई लोगों के दबने की भी है सूचना आ रही है…