@kpmaurya1 महोदय ,
आपने कहा था कि एक महीन��� के अंदर #UPSRLM की HR POLICY लागू करवा देंगे 12 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक HR POLICY लागू नही हुई जिससे हम सभी कर्मी ठगा महसूस कर रहे है कृपया संज्ञान ले, HR पालिस��� लागू करवाने की कृपा करें
#upsrlm_hr_policy
@ChiefSecy_UP @myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt प्रिय महोदय, क्या यूपीएसआरएलएम में पिछले 10 वर्ष से एक र���पए भी इंक्रीमेंट ना लगने देना, अन्य कर सारे भत्ते खत्म कर देना, पूरा सरकारी काम अपने मोबाइल इंटरनेट लैपटॉप से जबरदस्ती करवाना और वि��ोध करने पर नौकरी से निकाल देना ।क्या यही यूपीएसआरएलएम की योगी सरकार में उपलब्धि है महोदय?
@ipinkushukla ये ग्राम्य विकास के अंतर्गत UPSRLM कर्मी है 10 वर्षों से लंबित मांगो को लेकर इको गार्डेन धरना दिए 60 दिन ,ये कर्मी सरकार के हर रैली में समूह के महिलाओ को ले जाने का जिम्मा उठाते है इनकी पकड़ चूल्हों तक है हर घर में,लेकिन MD JMD के निजीस्वार्थ में उपेक्षित हुएऔर मंत्री जी मौन रहे
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही माध्यमिक शिक्षा विभाग में खाली 22000+ पद आउटसोर्सिंग से भरेगी।
आखिर सरकार का ये कौन सा कदम है लाखों छात्र वैकेंसी का इंतजार कर रहे है, लेकिन सरकार को आउटसोर्सिंग करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार आखिरकार युवाओं का हक क्यों मारना चाह रही है।
युवाओं के दम पर चुनकर आई सरकार क्यों समूह घ के पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरना चाह रही है..
अब खबर है कि सरकार माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22000+ पद आउटसोर्सिंग से भरना चाह रही है
आप बताइए सरकार आउटसोर्सिंग का रास्ता क्यों अपना रही है?
@narendramodi आदरणीय अन्यदाता कृपया यूपी के परिषदीय विद्यालयों में RTE के तहत 11वर्षो से नियुक्त प्रशिक्षित अनुदेशक शिक्षकों प�� भी रहम करिये हम भी गरीब किसान के ही बच्चे है । हमे मात्र अल्प मानदेय 9 हजार ही दिया जा रहा जिसमे हम अपने घर का पालन पोषण तक नही कर प���ते हमे स्थायी करे
@PinkiYadavMLA@_YogendraYadav सर यूपी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आर्टी एक्ट से 11 वर्षो से नियुक्त प्रशिक्षित स्नातक अनुदेशक मात्र अल्प मानदेय 9 हजार में ��पने परिवार को चलाने दंश झेल रहे है । माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी हमे 17 हजार देने को 2022 में ही कह दिया है पर आज तक न्याय नही मिला
इस बेहताशा बढ़ती मंहगाई के दौर में शिक्षामित्र और अनुदेशको के द्वारा क्रमश 10 हजार और 9 हज़ार रुपए/प्रति महीने में अपना परिवार पालना नामुमकिन है।
बीजेपी सरकार ने बार बार वादा करके इनके साथ सिर्फ धोखा किया है।
मेरा उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि इनका मानदेय बढ़ाकर कम से कम 40 हजार रुपए/महीना किया जाए।
@CMOfficeUP