राजस्थान गै GK मै जद कद भी राजस्थानी भासा गी बात होवै तो सदां ई बागड़ी अर बागड़ गी अनदेखी होइ है।
कदी बागड़ अर वागड़ नै एक बता दयै,कदी बागड़ी नै वागड़ी, मारवाङी तो कदी शेखावटी गो रूप बता दयै। आ एक भांत हूं बागड़ियां गी तौहीन ई है
चुरू,आधो बीकानेर,हड़मानगढ़,गंगानगर RJ गो बागड़ है
अमूमन आ बात सुनण मै आज्ये कै-
"बागड़ी एक रळी मिळी बोली है इंगो आपगो कोई वजूद कोनी आ तो हरयाणवी पंजाबी अर राजस्थानी गै टप्पा हुँ रळ मिळ'र बणेड़ी है"
बण असल मै बागड़ी आप एक संस्कृति है जकी 55 हजार वर्ग किलोमीटर मै फेलेड़ी है अर बागड़ी भासा गी आपगी लोक बातां, लोक गीत हर इतिहास है"
गौर करण आरी बात है कै बागड़ियाँ नै पेलै दिन स्यूँ लेर आज तांई राजस्थान गै राज अर लोकां सदां ई नजरअंदाज करया है राजस्थान गै बागड़ (आधो बीकानेर,हनुमानगढ़,गंगानगर,चुरू) सागै सदां ई दो भांत होइ ह�� अठै कोई मोटै स्तर गी यूनिवर्सिटी, हस्पताल,कॉलेज,ढंग गी सड़कां आद चिज्यां कोनी बणाई।