पंचकूला के खैर जंगल में रातोंरात हजारों पेड़ों की कटाई, सबूत मिटाने को तनों तक जला दिए गए। सच उजागर करने वाले पुलिसकर्मी सस्पेंड और सरकार मौन। क्या यही पर्यावरण नीति है? जवाब दें राव नरवीर सिंह—जंगल बचेंगे या भ्रष्टाचार?
@RaoNarbir
📍जंतर-मंतर अपडेट
#CJPProtest के प्रदर्शनकारी संसद भवन के सामने रेल भवन तक पहुंच चुके हैं।
छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है, लेकिन इस सरकार ने छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना अपना तरीका बना लिया है।
शिक्षा व्यवस्था चौपट है, परीक्षाएं विवादों में हैं, युवाओं का भविष्य दांव पर है और जवाबदेही से बचने के लिए दमन का सहारा लिया जा रहा है।
जंतर मंतर की भीड़ बता रही है कि देश का युवा अब खामोश नहीं रहेगा। जब जनता के मन से डर निकल जाता है, तो किसी भी सत्ता के लिए यह सबसे बड़ा चेतावनी का संकेत होता है।
प्रधानमंत्री जी संसद में बोल कर चले गए, लेकिन महज़ 2 किलोमीटर दूर अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे युवाओं का ज़िक्र तक नहीं किया। सत्ता का यह मौन ही उसकी सबसे बड़ी विफलता है।
भाजपा सरकार के 24 घंटे बिजली के दावे आज पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। हरियाणा में घंटों बिजली कटौती, सड़कों पर प्रदर्शन और किसानों का आक्रोश सरकार की विफलता का जीवंत प्रमाण है।
बीजेपी के 12 वर्षों में बढ़ती मांग के अनुरूप एक भी नया बड़ा बिजली उत्पादन प्लांट नहीं लगाया गया। जिन ग्रामीणों ने 24 घंटे बिजली के वादे पर अपनी जमीन मुफ्त में दी, आज वही अंधेरे और बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं। यह सरकार विकास नहीं, सिर्फ झूठे प्रचार और खोखले दावों की राजनीति कर रही है। हरियाणा को बिजली नहीं, केवल वि��्ञापन परोसे जा रहे हैं।
Remember the Nirbhaya movement and the Anna Hazare protests.
No one called the protesters anti-national.
No widespread effort to silence their voices.
The media largely focused on the issues they raised.
Twelve years later, many people feel the public space for protest has changed significantly.
मरोड़ क करोड़ न्यू हुआ करे:::
जींद से देश की पहली चली हाइड्रोजन ट्रेन को गोहाना जंक्शन पर पहुंचना था और उसे ट्रेन के स्वागत के लिए दो तगड़ी महिलाएं बैठी हुई है एक साथ जिसमें एक शहर की फर्स्ट लेडी रजनी विरमानी तो दूसरी सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा की धर्मपत्नी रीटा शर्मा लेकिन एक ���ूसरे की तरफ देख भी नहीं रहे भाई इसे बोला करें मरोड क करोड़।
देश की सुरक्षा से जुड़ी खबरें सबसे गंभीर होती हैं। अगर देश के महत्वपूर्ण परमाणु प्र��िष्ठान से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल किसी सरकार या कंपनी का नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा का सवाल है।
बात धर्म की नहीं, देश की है। असली मुद्दा यह है कि सुरक्षा में चूक हुई या नहीं, इसकी निष्पक्ष और जवाबदेही तय करने वाली जांच होनी चाहिए।
पांशुल बंसल को हार्दिक बधाई! 🎉
NEET UG 2026 टॉप कर लिया — 715 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन!
UPSC, NEET, IIT — हरियाणवी युवा हर एग्जाम में देश टॉप कर रहे हैं।
फिर भी HPSC के बिहार वाले चेयरमैन बयान देते हैं — "हरियाणा के बच्चे इतना नहीं पढ़ते कि HPSC में नौकरी ले पाएं"।
अरे साहब, आ��ख खोलिए!
NEET-UPSC टॉपर्स Group-A/B नौकरियों में क्यों बाहर? पर्ची-खर्ची का माल अच्छा मिल रहा है क्या?
अपने बच्चों के रिजल्ट से हरियाणा गौरवान्वित है।
हरियाणा में सरकार का इकबाल ध्वस्त हो चुका है। शासन की पकड़ बिखर चुकी है और कानून का भय समाप्त होता दिखाई दे रहा है। जब अपराधी बेखौफ होकर कथित तौर पर दबंगई का प्रदर्शन करें, तब यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि शासन की विफलता का आईना होता है।
दुर्भाग्य यह है कि जिस मुख्यमंत्री को हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर चौबीसों घंटे निगरानी रखनी चाहिए, उनका राजनीतिक ध्यान प्रदेश से बाहर ज्या��ा दिखाई देता है। उधर राजनीति चमकाई जा रही है, इधर हरियाणा की साख, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सवालों के घेरे में खड़ी है।
@NayabSainiBJP
#गुरुग्राम
निर्माण साइट पर कथित रंगदारी का आरोप..
ठेकेदार का दावा��20 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे 50-60 लोग, "काम करना है तो हिस्सा देना होगा" कहकर दी जान से मारने की धमकी। घटना CCTV में कैद। पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग। सेक्टर 108 थाना क्षेत्र का मामला..
#Gurugram #Breaking #Crime #Haryana #News
@gurgaonpolice
कल प्रधानमंत्री जींद में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने आ रहे हैं। मंच से शायद फिर "एक पेड��� माँ के नाम" का संदेश भी देंगे।
एक तरफ "एक पेड़ माँ के नाम" का प्रचार... दूसरी तरफ जींद रेलवे स्टेशन पर वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई।
फोटो में हरियाली, ज़मीन पर कुल्हाड़ी।
अगर पुराने पेड़ ही नहीं बचेंगे तो नए पौधों के नाम पर होने वाला प्रचार किस काम का?
@NayabSainiBJP @cmohry
जनता का माइलेज घटे तो घटे, सरकार का मुनाफा नहीं घटना चाहिए... शायद यही नई नीति है।
पहले महंगा पेट्रोल, फिर E20 की अनिवार्यता, और अब कोई विकल्प भी नहीं।
कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल के दाम कम नहीं किए जा रहे। मतलब साफ है, जितना ज़्यादा पेट्रोल जलेगा, उतना ज़्यादा टैक्�� सरकार की तिजोरी में जाएगा।
सरकार के लिए यह राजस्व का खेल हो सकता है, लेकिन करोड़ों परिवारों के लिए यह हर महीने बढ़ता हुआ खर्च है।
मंथन जरूरी है…और वोट भी ज़रूरी है!
भारत में गौमाता के नाम पर तनाव फ���लाओ, वोट बैंक जुटाओ...
और न्यूजीलैंड पहुँचकर बीफ-फिश पर लेक्चर दे दो!
ये वही लोग हैं जो...
- घर में "गौमाता की रक्षा" का नारा लगाते हैं
- बाहर जाकर बीफ-फिश का ज्ञान बाँटते हैं।