फेक स्टिंग ऑपरेशन करके उमा खुराना को बदनाम करने में, जेएनयू परिसर और छात्रों को आतंकवादी साबित करने में सबसे बड़ा हाथ सुधीर चौधरी जैसे दो कौड़ी के पत्रकारों का है |
2026 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों में से 157वें स्थान पर सिर्फ इन सत्ताधारी पार्टी के दलाल पत्रकारों की वजह से है |
सिरोही उस समय कहां थे जब 100 से ज्यादा पेपर लीक हो गए, कई बच्चों ने ���त्महत्या कर ली, गांजा पीने वाले को स्वास्थ्य मंत्री बना दिया, पेड़ काटने वाले को वन मंत्री और पेपर लीक करने वाले को शिक्षा मंत्री |
प्रशासन से अनुरोध इस टपोरी सिरोहि की बढ़िया से खातिरदारी करें | प्रदर्शन करना सबका मौलिक अधिकार है यह कौन होता है रो��ने वाला |
आ गई त्रिपाठी नेताओं क़े तलवे चाटने |
100 से ज्यादा पेपर लीक हो गये, कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली, गांजा पीने वाले को स्वास्थ्य मंत्री बना दिया, पेड़ काटने वाले को वन मंत्री, पेपर लिक कर���े वाले को शिक्षा मंत्री इस पर तो त्रिपाठी जी नहीं बोल पाई |
@chitraaum
@aajtak@anjanaomkashyap ठीक है फिर धर्मेंद्र प्रधान क़े इस्तिफे को भी बोल कर दिखाओ | 100 से ज्यादा पेपर लिक हों गए, कई बच्चों में आत्महत्या कर ली, CBSE क़े जरूरी कागज जल गए, गांजा पीने वाला स्��ास्थ्य मंत्री बन गया, पेड़ काटने वाला वन मंत्री इस पर भी बोलो |
पर आजतक ने तोह तलवे चाट लिये है मंत्रियों के |
@aajtak@Himanshu_Aajtak@anjanaomkashyap आज तक वालो पहले अंजना ओम कश्यप को अपने चैनल से निकालो इनका मुंह देखकर पूरा मूड खराब हो जाता है |
स्वास्थ्य मंत्री गांजा पीने वाला, मुख्यमंत्री खैनी खाने वाला, वन मंत्री पेड़ काटने वाला और शिक्षा मंत्री पेपर लिक करने वाला पर तो तुम बोल नहीं पाये तो छात्रों के लिए क्या ही बोलोगे |
ठीक है टीचर बच्चों को लूट रहे हैं पर आप क्या कर रही हैं, आप भी तो तलवे चाट रही है |
सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है, 100 से ज्यादा पेपर लिक हों गए, कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली, गांजा पीने वाले को स्वास्थ्य मंत्री दिया, पेड़ काटने वाले को वन मंत्री और चारों तरफ करप्शन अलग उस पर तो आप बोल नहीं पा रही है |
इस देश को खतरा किसी और से हो ना हो पर 157/180 वाली अंजना ओम कश्यप जैसे दलाल से जरूर है |
सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है, 100 से ज्यादा पेपर लिक हों गए, कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली, गांजा पीने वाले को स्वास्थ्य मंत्री दिया, पेड़ काटने वाले को वन मंत्री और चारों तरफ करप्शन अलग उस पर तो आप बोल नहीं पा रहे है |
उमा खुराना को बदनाम करना और मोरब��� पुल गिरने में लोगों को खुद उनकी मौत का जिम्मेदार बता कर ही अपने 157/180 रैंकिंग अर्जित की है |
I will put Sanjay Dixit also in second category of chor, uchakke, Gendu.
Hundred of paper are leaked, many of students committed suicide, all country is facing corruption and you are only endorsing your personal propaganda.
सायद ज्यादा उम्र होने की वजह से संजय जी का दिमाग काम नहीं कर रहा है |
अपूर्वा जी जब ज्ञान ना हो तो बीच में नहीं बोलना चाहिए और यह महिला विरोधी फेक विक्टिम कार्ड हर समय नहीं चलता है |
इतना ही कहूंगा सैकड़ों पेपर लीक हो चुके हैं, कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, पूरा देश भ्रष्टाचार से जूझ रहा है और चुनाव आ रहे हैं, इसीलिए अंजना और पैसे लेकर काम करने वाली दलाल भारतीय मीडिया मुख्य मुद्दे से सब���ा ध्यान भटका रही हैं।
>आपने उन मासूम बच्चों के कितनी बार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा?
>कितनी बार आपने सरकार से सवाल किया?
>कितनी बार NTA को रद्द करने की मांग की?
>कितनी बार आप में सड़क में आंदोलन करने वालों का सपोर्ट किया?
जो आप का काम है वो करो,
>मेलोडी का टेस्ट बताओ
>झालमुडी में मिर्ची बताओ
>पूछो, आम काट कर खाते हो या चूसकर
>आप थकते ���्यों नहीं ये पूछो
>आपको जनता इतना प्यार क्यों देती है ये पूछो
मैं सारी जेंजिस और देश की युवाओं को कहना चाहता हूं आज समय है अपनी क्षमता दिखाने का |
सभी लोग अंजना, श्वेता सिंह, चित्रा त्रिपाठी, सुधीर चौधरी जैसे जितने भी दो कौड़ी के दलाल पत्रकार है आज उनको और उनके चैनलों को अनफॉलो एंड म्यूट करे और उनकी औकात दिखाएं | 100 से ज्यादा पेपर लीक हो गए कई बच्चो ने आत्महत्या कर ली पर इन्होंने कोई आवाज नहीं उठाई |