Presenting: COCKROACH YUVA PARTY (CYP) Rajasthan Voice of the System Scammed & Unemployed. 🪳✊
Abhi link par jao, Manifesto padho aur apna form fill karke Party (Swarm) join karo! #Cockroach#cypRJ#CYP2029
🔗 https://t.co/QPQStAqngK
What has Hindu-Muslim politics actually given to this country or its youth besides division, distraction, and lost opportunities?
While the world moves ahead with AI, innovation, and jobs, how long are we going to stay trapped in the same old politics? : @abhijeet_dipke
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@JitendraSAlwar PhD, NET, SLET – इतनी मेहनत और डिग्रियों का फल क्या है? सिर्फ ₹28,850 की 'संविदा' (Contract) नौकरी? 🎓❌
राजस्थान सरकार उच्च शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। हमें सम्मान और स्थायित्व चाहिए, शोषण नहीं! ✊🛑
#संविदा_अभिशाप#bycott_teaching_associate
PhD, NET, SLET – इतनी मेहनत और डिग्रियों का फल क्या है? सिर्फ ₹28,850 की 'संविदा' (Contract) नौकरी? 🎓❌
राजस्थान सरकार उच्च शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। हमें सम्मान और स्थायित्व चाहिए, शोष��� नहीं! ✊🛑
#संविदा_अभिशाप
#bycott_teaching_associate
NET, SET, PhD किए हुए राजस्थान के उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक मज़ाक की तरह है। यह युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
राजस्थान में कर्मचारी चयन बोर्ड ने College Education में असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट्स की जगह टीचिंग एसोसिएट नाम से संविदा (Contract) पर भर्तियों का विज्ञापन जारी किया है।
कंप्यूटर से लेकर इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, जियोग्राफी, हिंदी, हिस्ट्री, साइंस सहित कई सब्जेक्ट्स के लिए टीचिंग एसोसिएट की वैकेंसी निकाली गई है। जो पहले असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट होती थी, अब उसे संविदा यानी ठेके पर कर दिया गया है, और बेहद कम सैलेरी रखी गई है।
इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन भी होंगे, परीक्षा भी होगी और Educational Qualification भी वही रखी गई है, जो असि���्टेंट प्रोफेसर के लिए होती थी।
इतना सब कुछ होने के बाद भी युवाओं को जॉब सिक्योरिटी नहीं दी गई है। NET, SET, PhD किए हुए उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक भद्दे मज़ाक की तरह है।
BJP सरकार के इस रवैये से समझ आता है कि ये लोग रिसर्च, इनोवेशन और हायर एजुकेशन के विरोध में खड़े हैं। यह उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
जिन युवाओं को आगे बढ़ाने का काम सरकारों को करना चाहिए, उन युवाओं को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है। PhD किए हुए युवाओं की क्षमता का उपयोग पॉलिसी मेकिंग से लेकर तमाम ऐसे कार्यों में किया जाना चाहिए, जिससे शासन-प्रशासन बेहतर होता हो, देश में growth model तैयार होते हो।
राजस्थान सरकार को अपने इस युवा और शिक्षा विरोधी फैसले को वापस लेना चाहिए।
संविदा पर Teaching Associates की जगह Assistant Professors की परमानेंट पोस्ट निकालनी चाहिए।
युवाओं और उच्च शिक्षा को सम्मान भाजपा सरकार दे नहीं सकती, पर कम से कम Job Security और Career stability तो दे।
#Rajasthan
PhD, NET, SLET – इतनी मेहनत और डिग्रियों का फल क्या है? सिर्फ ₹28,850 की 'संविदा' (Contract) नौकरी? 🎓❌
राजस्थान सरकार उच्च शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। हमें सम्मान और स्थायित्व चाहिए, शोषण नहीं! ✊🛑
#संविदा_अभिशाप#bycott_teaching_associate
NET, SET, PhD किए हुए राजस्थान के उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक मज़ाक की तरह है। यह युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
राजस्थान में कर्मचारी चयन बोर्ड ने College Education में असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट्स की जगह टीचिंग एसोसिएट नाम से संविदा (Contract) पर भर्तियों का विज्ञापन जारी किया है।
कंप्यूटर से लेकर इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, जियोग्राफी, हिंदी, हिस्ट्री, साइंस सहित कई सब्जेक्ट्स के लिए टीचिंग एसोसिएट की वैकेंसी निकाली गई है। जो पहले असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट होती थी, अब उसे संविदा यानी ठेके पर कर दिया गया है, और बेहद कम सैलेरी रखी गई है।
इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन भी होंगे, परीक्षा भी होगी और Educational Qualification भी वही रखी गई है, जो असि���्टेंट प्रोफेसर के लिए होती थी।
इतना सब कुछ होने के बाद भी युवाओं को जॉब सिक्योरिटी नहीं दी गई है। NET, SET, PhD किए हुए उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक भद्दे मज़ाक की तरह है।
BJP सरकार के इस रवैये से समझ आता है कि ये लोग रिसर्च, इनोवेशन और हायर एजुकेशन के विरोध में खड़े हैं। यह उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
जिन युवाओं को आगे बढ़ाने का काम सरकारों को करना चाहिए, उन युवाओं को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है। PhD किए हुए युवाओं की क्षमता का उपयोग पॉलिसी मेकिंग से लेकर तमाम ऐसे कार्यों में किया जाना चाहिए, जिससे शासन-प्रशासन बेहतर होता हो, देश में growth model तैयार होते हो।
राजस्थान सरकार को अपने इस युवा और शिक्षा विरोधी फैसले को वापस लेना चाहिए।
संविदा पर Teaching Associates की जगह Assistant Professors की परमानेंट पोस्ट निकालनी चाहिए।
युवाओं और उच्च शिक्षा को सम्मान भाजपा सरकार दे नहीं सकती, पर कम से कम Job Security और Career stability तो दे।
#Rajasthan
NET, SET, PhD किए हुए राजस्थान के उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक मज़ाक की तरह है। यह युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
राजस्थान में कर्मचारी चयन बोर्ड ने College Education में असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट्स की जगह टीचिंग एसोसिएट नाम से संविदा (Contract) पर भर्तियों का विज्ञापन जारी किया है।
कंप्यूटर से लेकर इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, जियोग्राफी, हिंदी, हिस्ट्री, साइंस सहित कई सब्जेक्ट्स के लिए टीचिंग एसोसिएट की वैकेंसी निकाली गई है। जो पहले असिस्टेंट प्रोफेसर की परमानेंट पोस्ट होती थी, अब उसे संविदा यानी ठेके पर कर दिया गया है, और बेहद कम सैलेरी रखी गई है।
इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन भी होंगे, परीक्षा भी होगी और Educational Qualification भी वही रखी गई है, जो असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए होती थी।
इतना सब कुछ होने के बाद भी युवाओं को जॉब सिक्योरिटी नहीं दी गई है। NET, SET, PhD किए हुए उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह एक भ���्दे मज़ाक की तरह है।
BJP सरकार के इस रवैये से समझ आता है कि ये लोग रिसर्च, इनोवेशन और हायर एजुकेशन के विरोध में खड़े हैं। यह उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है।
जिन युवाओं को आगे बढ़ाने का काम सरकारों को करना चाहिए, उन युवाओं को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है। PhD किए हुए युवाओं की क्षमता का उपयोग पॉलिसी मेकिंग से लेकर तमाम ऐसे कार्यों में किया जाना चाहिए, जिससे शासन-प्���शासन बेहतर होता हो, देश में growth model तैयार होते हो।
राजस्थान सरकार को अपने इस युवा और शिक्षा विरोधी फैसले को वापस लेना चाहिए।
संविदा पर Teaching Associates की जगह Assistant Professors की परमानेंट पोस्ट निकालनी चाहिए।
युवाओं और उच्च शिक्षा को सम्मान भाजपा सरकार दे नहीं सकती, पर कम से कम Job Security और Career stability तो दे।
#Rajasthan