"Students ended up reaching late to exam hall because of Congress rally...
..Roads were blocked for traffic. The exam date was announced long back & yet Congress organized rally today"
How insulting this is for Hindus, a Hindu girl and boy even had to cut and remove the zipper of her pant pocket, while a Hijaban in full black tent, where the full syllabus books of NEET can be hidden allowed to go inside.
This is discrimination and big insult of Hindus.
भोजपुर जिले के शाहपुर रेफरल अस्प���ाल की यह तस्वीर देखकर दिल दहल जाता है। अस्पताल में सब कुछ है इमारत है, कुर्सियाँ हैं, शायद डॉक्टर भी होंगे, लेकिन जो सबसे जरूरी ��ा, वो नहीं था... "ऑक्सीजन"।
सिस्टम की इस घोर नाकामी और लापरवाही की वजह से आज हमारे मासूम भाई ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। क्या सरकार और स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े दावे सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक ही सीमित हैं?
जब एक रेफरल अस्पताल में जीवन रक्षक ऑक्सीजन ही उपलब्ध नहीं है, तो जनता कहाँ जाए?
भरत तिवारी...
हिंदू था... तिवारी था... सिस्टम से नाराज़ था
इसलिए 4 गोली मार कर मार दिया
खान होता...या भीम होता तो... जिन्दा होता✍️
आतंकवादी सरेंडर करे तो माफ़ी
तिवारी करेंगे तो बिहार पुलिस 4 गोली मारेगी
ई बिहार है बबुआ... इहाँ एही चलत बा 🚨
Note - शायद किसी ने भी नहीं कहा होगा कि
भरत ने गलती नहीं की थी, गलती भी की अपराध भी किया... और सरेंडर भी....
एक भी ऐसा कारण नहीं है जहाँ भरत के इनकाउंटर को जस्टिफाई किया जा सके....
गोली मारने वाले सस्पेंड किये गए...
जबकि गोली मारने का आदेश देने वाला हत्यारा है
और उसपर टार्गेटेड हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहि���....
सहमत हैं तो शेयर करें... और आवाज
हत्यारे सिस्टम तक पंहुचायें ✊
आज यहां 3,000 स्टूडेंट्स हैं।
⦿ 3,000 में सिर्फ 1 IAS बनेगा
⦿ 3,000 में सिर्फ 30 IIT में जाएंगे
⦿ 3,000 में सिर्फ 180 डॉक्टर बनेंगे
हिंदुस्तान में 'सलेक्शन सिस्टम' नहीं, 'रिजेक्शन सिस्टम' है।
- सुनिए नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi और स्टूडेंट्स के बी�� देश के एजुकेशन सिस्टम पर क्या बात हुई 👇
So many of us have looked after our cars like family.
Watching them get damaged right in front of our eyes is painful.
This is unacceptable. This ethanol obsession must stop!
E20 फ्यूल की वजह से गाड़ियों में आ रही दिक्कतों को लेकर एक सर्वे आया है. सर्वे में 50 फीसदी से ज्यादा गाड़ी मालिकों ने माना है कि उनकी 2023 से पहली की पेट्रोल गाड़ियों में एफ़िशिएंसी, परफ़ॉर्मेंस और मेंटेनेंस से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं.
https://t.co/tvFTa0bK6x