वीर भूमि राजस्थान के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
विविध कला, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिपूर्ण राजस्थान, भारत की अमूल्य धरोहर है। यहां की परंपराएं और विरासत हमारा गौरव हैं।
आज जयपुर के भट्टा बस्ती में आयोजित 'रोज़ा इफ्तार' कार्यक्रम में शामिल हुआ।
रमजान का यह पवित्र महीना हमें प्रेम, भाईचारे और त्याग का संदेश देता है। प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत बनाए रखना ही हमारी असली ताकत है।
सभी को रमजान की मुबारकबाद।
राजस्थान पत्रिका अखबार के संस्थापक स्व. श्री कर्पूर चन्द्र कुलिश की 100वीं जयंती पर उन्हें नमन करता हूं।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने एक नया आयाम स्थापित किया जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा।
मैं इस घटना को सिर्फ़ एक राजनीतिक या सामाजिक विवाद के रूप में ही नहीं देखता।
मेरे ���़याल से यह उस समय की याद दिला रहा है, जिसमें मानव चेतना की विफलता हमारे सामने आकर नाच रही है। इन्सानियत का सरोवर सूख गया है और राजनीति राजसत्ता के अहंकार के आख़िरी छोर पर आकर अनीति पर उतर आई है। लोकसमाज में कोई ऐसा नहीं है, जो ऐसा करने वाले व्यक्ति के सामने कह सके कि उसने कितनी ग़लत हरकत की है।
हम सब इस समय इन्सानियत की वर्णमाला से बाहर आ चुके हैं और एक ऐसी प्रजाति के सदस्य हैं, जिसके लिए घृणात्मक कृत्य करना सुख और आनंद का विषय है। इस मामले में हमारी आज़ादी एक विफल प्रयास रही है। हमारा लोकतंत्र एक नाकाम प्रक्रिया रहा है। कहाँ तो हमें अपने ही दर्शन में सैकड़ों ऋषियों मुनियों ने बताया था कि ब्रह्म और ब्रह्मांड की विशालता के सामने हमारी सीमाएँ, हमारी जातियाँ, हमारे धर्म तुच्छ हैं।
हमारी आने वाली पीढ़ियाँ जब अंतरिक्ष से इस जर्जर पृथ्वी को देखेंगी तो वहाँ कोई सीमा रेखा, कोई राज��ीतिक दल, कोई सनातन-पुरातन, कोई इस्लाम, कोई ईसाई या कोई सत्ता का अहंकार नहीं दिखेगा। बस पूरी पृथिवी एक साझा घर दिखेगी। उस समय लोग अगर सुनेंगे कि सार्वजनिक जीवन में रहते कोई व्यक्ति किसी ज़रूरतमंद महिला को केवल उसके धर्म के कारण कंबल देने से इनकार करता है तो यह “कॉस्मिक पर्सपेक्टिव” की पूर्ण अनुपस्थिति ��ै। यह निर्णय करुणा या तर्क से नहीं, संकीर्ण पहचान की घृणास्पद राजनीति से संचालित है।
यह उस धर्म के साथ खुलेआम द्रोह है, जहाँ एक कबूतर राजा शिबि की गोद में आ गिरता है और राजा शिबि उसके वज़न के बराबर अपनी जाँघ का माँस सार्वजनिक रूप से तोल कर देता है और जब उस कबूतर का वज़न अधिक रहता है तो वह तुला के एक पलड़े में खुद बैठ जाता है। ऐसे लोग उस देश के नहीं हो सकते, जिस देश में एक राक्षस भी अपना वैद्य युद्ध में मूर्च्छित हुए ख़तरनाक़ शत्रु को पुनर्जीवन देने के लिए भेजने में संकोच नहीं करता।
हमारा ज्ञान और हमारी दृष्टि केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रही है। एक नैतिक दृष्टि भी हमारी संस्कृति, हमारे धर्म और हमारी जीवन शैली में रही है, हमें सिखाती है कि हम सब एक ही जैविक विरासत से आते हैं। हमारी पीड़ा समान है। और हमारी मानवता साझा है। परहित सरिस धरम ��हि भाई। पर पीड़ा सम नहि अधमाई और कीरति भनिति भूति भलि सोई। सुरसरि सम सब कहँ हित होई॥ जैसे तुलसीदास के शब्दों को कौन भूल सकता है? यह साझा मानवता का ही संदेश है।
और किसी ज़रूरतमंद को उसकी आस्था के आधार पर मदद से वंचित करना उस साझा मानवता का अपमान है। यह सिर्फ़ भेदभाव नहीं, सहानुभूति की कमी का प्रमाण है। हम अज्ञान, पूर्वग्रह और भय को तर्क और करुणा पर हावी होने देते हैं तो राजनीति में जीत भले मिलती हो, लेकिन इन्सानियत का पाँव पीछे की ओर जाता है।
किसी ठंड में काँपती महिला से पहले उसका धर्म पूछना, यह हमारे नैतिक विकास की पराजय है। ऐसी मानसिकता “इन्सानी संस्कृति के दायरे से बाहर की चीज़” इसलिए है; क्योंकि यह हमें हमारे सबसे मूल सत्य से दूर ले जाती है: हम सब एक ही आकाश के नीचे, एक ही पृथ्वी पर, एक ही मानव परिवार का हिस्सा हैं। जिसे आए दिन कुछ लोग वसुधैव कुटु��बकम के नाम से कहते थकते और अघाते नहीं।
आप सभी साथियों के विश्वास से मुझे NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इंटरव्यू में चयन होने का अवसर मिला। यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। सबसे बड़ी बात यह रही कि स्वयं राहुल गांधी जी से मिलने और उनसे लम्बी बातचीत करने का अवसर मिला..
उनका स्नेह, सरलता और अपनापन सच में प्रेरणादायक ह��। यह पल मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा।”
राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार जी और सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी जी का धन्यवाद..
लड़ेंगे और जीतेंगे
@RahulGandhi @kanhaiyakumar @anshultrivedi47 @vidyarthee #rahulgandhi #leader
बीकानेर के रणजीतपुरा में परीक्षा ���ेने जा रही नाबालिग छात्रा के साथ अपहरण, दुष्कर्म और फिर निर्मम हत्या की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि राजस्थान के माथे पर गहरा कलंक है।
प्रदेश में 'पर्ची सरकार' के आने के बाद कानून व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है। आज हालात यह हैं कि हमारी बेटियाँ घर से बाहर कदम रखने से भी डरने लगी हैं। आखिर राजस्थान को अपराध की किस आग में झोंक दिया गया है?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी, कोरी घोषणाओं और फोटोबाजी से बाहर निकलकर प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभालिए। मेरी मांग है कि इस प्रकरण के दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाए और अपराधियों को ऐसी कठोरतम सजा मिले जो एक नजीर बने।
प्रदेश अब और चीखें नहीं सुन सकता। जवाब दीजिए मुख्यमंत्री जी!
क्या हाल हैं लक्ष्मीकांत जी, इनमें से क्या कम कर दिया आपने सवा दो साल में, वो बता दीजिए।
@jethanandani14 जी, आप तो निष्पक्ष पत्रकार हैं, बताइए न क्या क्या सही हो गया है इनमें से?
हर योजना में DBT का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन जिस बच्चे पर शिक्षा का अधिकार कानून लागू है, उसे सीधे पैसे देने के बजाय रकम स्कूलों को भेजी जाती है। परिणाम यह कि नियम-वेरिफिकेशन के नाम पर बाबू लोग स्कूलों के 900 करोड़ रुपए रोककर बैठे हैं। अरे, सीधा पैसा मासिक किश्तों में बच्चे के खाते में ट्रांसफर करो स्कूल अपने-आप एडमिशन दे देगा। और जिसे एडमिशन न भी मिले, वह किताबें और स्टडी मटीरियल खरीदकर पढ़ तो सकता है। पिछले ही साल RTE में कोर्ट-कचहरी की वजह से एडमिशन 6–7 महीने देरी से हुए। @RajGovOfficial
राजस्थान की IAS लॉबी के लिए सबक यही है अपनी सीनियोरिटी, मर्यादा और पेशेवर गरिमा से कभी समझौता न करें। पतन की मूल वजह अक्सर स्वाभिमान को किनारे कर पोस्टिंग और पैसों की होड़ में लग जाना होती है। पोस्टिंग और पैसा भले कम मिले, पर सुकून-संतोष और आत्मसम्मान हमेशा ज़्यादा मूल्यवान होते ह��ं।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण के साथ हो रहा निरंतर खिलवाड़ बेहद चिंताजनक है।
LDC भर्ती में 21% के बजाय मात्र 15% आरक्षण देना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। चतुर्थ श्रेणी, वनपाल और द्वितीय श्रेणी भर्तियों में भी इसी तरह नियमों की अनदेखी कर आरक्षित वर्गों के साथ सुनियोजित अन्याय किया गया है।
रोस्टर की आड़ में युवाओं के हक छीनना बंद करे भाजपा सरकार। मुख्यमंत्री जी तत्काल दखल देकर आरक्षण की इन विसंगतियों को दूर करें और युवाओं को न्याय दें।
AICC के निर्देशानुसार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित “मनरेगा बचाओ संग्राम” के एक दिवसीय उपवास एवं धरना कार्यक्रम में शामिल हुआ।
स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय पंडित श्री दुर्गा प्रसाद शर्मा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏
आजादी की लड़ाई में उनका अटूट योगदान और दे��� के प्रति उनका समर्पण हमारे लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत है।
पंडित जी राजनीति में ईमानदारी और नैतिकता के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन के हर क्षण में उच्च आदर्शों और शुचिता को सर्वोपरि रखा।
उनका सादा जीवन, अनुशासन और पारिवारिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है।
बाबा, आपका स्नेह, आशीर्वाद और संस्कार सदैव हमारे हृदय में हमेशा जीव��त रहेंगे।
विख्यात इकोलॉजिस्ट श्री माधव गाडगिल के निधन का समाचार दुखद है। पश्चिमी घाट के संरक्षण के लिए उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र ने श्री गाडगिल को ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
ऐसे समय जब देश में आज पर्यावरण संरक्षण बड़ा मुद्दा बन रहा है, उनके जैसे व्यक्तित्व की कमी महसूस की जाएगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को धैर्य एवं संबल दें।
ॐ शांति।
एक अशोक गहलोत समर्थक की पहचान
रेली सचिन पायलट साहब की है समर्थक अशोक गहलोत जी का है ।
रेली में आए है क्��ोंकि मुद्दा पसंद न पसंद से बढ़कर हमारी जीवन रेखा अरावली संरक्षण का हैं।
इस���िए गहलोत जी के समर्थक की बात ही अलग है ।
@ashokgehlot51 @AshokGehlot2028 @iRishabhKSharma