संभव है भाजपा सरकार की व्यवस्था 5/10 हो लेकिन अगर छठ पर्व में केजरीवाल सरकार की व्यवस्था आपको 10/10 लग रही थी तो आप दशकों से दिल्ली में नहीं गलतफहमी में रह रहे है।
जब इंसान चाटुकार बन जाता है तब उसे श्रद्धा से की गई चीज़ अनपढ़ो वाली लगती है,
इसके जैसे लोग की दिक्कत भाजपा नहीं है बल्कि समस्त हिंदू लोग है जो अपनी इच्छापूर्वक श्रद्धा से अपना पटवा मानते है।
TRIGGER WARNING: ये मेंटल हेल्थ पर डिस्कशन नहीं है, ये ब्रांड एंबेसडर बनाने की चुल्ल पर एक व्यंग्य है। इसमें मेंटल हेल्थ बावजह घसीटा गया है। इसमें मैथिली ठाकुर और सुरेश गोपी को भी लपेट लिया गया है जिनका संदर्भ से कोई संबंध नहीं है।
इस क्लिप के खत्म होने से पहले ही आपके मन में कई उत्तेजक ख्याल आएंगे, अनावश्यक क्रोध और उपयुक्त घृणा भी होगी। ये एक सामान्य प्रतिक्रिया है जो उत्तेजना से भरे कटु शब्दों को यहीं पोस्ट कर देने से ठीक हो जाता है। आप में एमपेथी है, ये अच्छी बात है। इसे नितांत घटिया व्यंग्य की श्रेणी में रखकर आप अपने नियमित कार्यों में वापस जा सकते हैं।
क्लिनिकल डिप्रेशन और समान मानसिक तकलीफ आधुनिक औषधियों और मेडिकल इंटरवेंशन से पूरी तरह ठीक हो जाती हैं। यह सब किसी विशेषज्ञ से सलाह के पश्चात ही होना चाहिए। जो वास्तविक रूप से पीड़ित हैं और संघर्ष कर रहे हैं, अगर उन्हें ऐस��� प्रतीत होता है कि उनका मजाक उड़ाया गया है तो हमें खेद है। हालांकि दो बार उन्हें इस दायरे से बाहर रखने का प्रयास किया गया है। तीनों में से कोई विशेषज्ञ नहीं होने के कारण इनकी बातें असंवेदनशील ही लगेंगी क्योंकि विषय संवेदनशील है।
शेष आउटरेज ��रने वालों से निवेदन है कि आप गाली टाइप कर के रिप्लाई में पोस्ट करें और मुक्त हो जाएं। फार्मा कंपनियों के विश्वभर में योगदान पर शोध करने की आवश्यकता नहीं है। इससे आपका समय ही व्यर्थ होगा। कई देशों में नई दवाओं के आगमन के साथ ही प्रचार प्रसार संयोग मात्र है। इसका किसी एक देश या व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।
ट्रिगर वार्निंग पोस्ट से लंबा ही होता है। कुछ विषयों पर व्यंग्य होना ही नहीं चाहिए। मृ���्यु, भक्ति, ईश्वर, गंभीर बीमारियां, और अन्य बीमारियां हास्य और व्यंग्य से ऊपर रहिता है तो सिंपल रहिता है। पर ये कार्यक्रम प्रयास करता है कि जिस मुद्दे के दोनों पक्ष उजागर हों उसके तीसरे पक्ष पर हल्का प्रकाश डाला जाए। इसमें रिस्क रहिता है। आप जिनमें भी हों आपकी जय हो।
कांग्रेस ने जितनी बड़ी भूमिका भारत के निर्माण में की इस से बड़ी बिहार को बर्बाद करने की, आजादी के बाद से ही किसी भी परियोजना से बिहार को बाहर रखा और फ्रेट पॉलिसी से बिहार को हुए नुकसान को कोई नहीं भूल सकता , और राहुल गांधी द्वार�� बिहार को क्राइम कैपिटल कहना पूरे राज्य का अपमान था।
आइस बकेट चैलेंज , किकी चैलेंज खूब वायरल होते हैं और लोग पार्टिसिपेट करते हैं ,
इसी तर्ज पर आप देश के जिस भी कोने में रहते हैं, वहां टूटी सड़क , नाली ,पुल , खड��ंजा , पार्क , से संबंधित फोटो और वीडियो बनाए ,
उनको अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट करते हुए अपने क्षेत्र के पार्षद, विधायक , सांसद को टैग करके #yethikkarkedikhao हैशटैग चलाइए ,
आपको परिवर्तन दिखाई पड़ेगा ।