जम्मू-कश्मीर में राहुल गांधी का काफी प्रभाव है, लेकिन उसका लाभ NC ने उठाया। कांग्र���स इस स्थिति में खुद को मजबूत करने के बजाय, NC को फायदा पहुंचाने में लगी रही, जो कांग्रेस के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की जीत में कांग्रेस का बहुत बड़ा योगदान है। अगर NC अकेले चुनाव लड़ती तो अवाम उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जाने के शक के दायरे में देखती। लेकिन INC ��े साथ गठबंधन में आकर NC को यह स्पष्ट जनादेश मिला कि वे BJP की प्रॉक्सी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस का 6 सीटों तक सिमट जाना कांग्रेस की अपनी गलतियों का नतीजा है। हमेशा NC को अपनी झोली में बिठाना और कश्मीर में गठबंधन में चुनाव लड़ना, कांग्रेस के लिए उसके खात्मे का कारण बन सकता है।
Who do you believe is the stronger candidate in the Anantnag-Rajouri parliamentary constituency: DPAP's stalwart or JKNC's contender? Share your opinion! #Election2024#AnantnagRajouri