@PoddarVaishali Right but,
untouchability jaisi ghinoni rit pure universe me sirf hindu culture me hi pai jati hai..!!
aur yeh to aisi baat huee k main akela thoda kharab hu , mere baju wala bhi kharab hai..!!
India is celebrating the 73rd Republic Day on 26 January 2022. The celebrations this year are special as India is in the 75th year of Independence - being celebrated as 'Azadi ka Amrit Mahotsav'. India is celebrating the 73rd Republic Day on 26 January 2022. India is celebrating
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्षा आदरणीया बहन कुमारी मायावती जी का आज 66 वां जन्मदिन है 15 जनवरी को देश में आज बहुजन समाज के मुख्य राजनेता के तौर पर पूरे देश में आदरणीया बहन कुमारी मायावती जी का नाम लिया जाता है।
@Lecturershweta1 दूल्हा कोंन सी पोस्ट पे है यह नही बताया आपने!!!
और इसी संदर्भ में यह दुसरी बात,
बाबासाहब से शादी करना पूरे यूनिवर्स में किसी भी लड़की के लिए सुभाग्य की बात थी।
ब्राह्मण खुशनसीब निकले जो बाबासाहब के साले/ससुर बन पाए।
ये सिलसिला 1950 से चला आ रहा है, जब भी हमारे देश में कोई हक अधिकार और इंसाफ की बात करता है तो उसे नक्सली,खालिस्तानी, पाकिस्तानी,आंतकवादी बता कर उनके बड़े से बड़े आंदोलन को खत्म किया जाता हैl
सरकार किसी की भी हो उनके पास ये हुनुर है जिसे वो बखूबी से आजमाना जानते हैl
✍RAKESH BAGDA
@seemamaurya07 Brave seema..!!
Pakistan ko 3 baar dhul chatane aur ek hi jatke me Do tukde krne walo Se desh bechne wale hisab mang rahe hai...!
Ee totally wrong number hai..
@SrBachchan sir, kabhi desh ki real problems pe bhi koi tweet kr diya kro..#HathrasHorrorShocksIndia
Kabhi to kisi baat ka stand lijiye..
Apki nazre itni kamzor to nahi ki apko desh me kya ho raha hai woh na dikhta ho..!!!!
@BhimArmyChief भारत में आज जोरशोर से ई.वी. रामास्वामी यानि पेरियार का जन्मदिन मनाया जा रहा है. पेरियार ने ताजिंदगी हिंदू धर्म और ब्राह्मणवाद का जमकर विरोध किया. उन्होंने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया. जाति प्रथा का घोर विरोध किया.
भारत में आज जोरशोर से ई.वी. रामास्वामी यानि पेरियार का जन्मदिन मनाया जा रहा है. पेरियार ने ताजिंदगी हिंदू धर्म और ब्राह्मणवाद का जमकर विरोध किया. उन्होंने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया. जाति प्रथा का घोर विरोध किया.