तुम अपना रंजोगम अपनी परीशानी मुझे दे दो
मुझे अपनी कसम, यह दुख, यह हैरानी मुझे दे दो
मैं देखूं तो सही, यह दुनिया तुझे कैसे सताते है
कोई दिन के लिये तुम अपनी निगहबानी मुझे दे दो
ये माना मैं किसी काबिल नहीं इन निगाहों में
बुरा क्या है अगर इस दिल की वीरानी मुझे दे दो
-साहिर लुधियानवी
आँखों में सावन छलका हुआ है
आंसू है कोई अटका हुआ है
आँखों की हिचकी रूकती नहीं है
रोने से कब दिल हल्का हुआ है
सीने में टूटी है चीज कोई
खामोश से एक खटका हुआ है
च���रों तरफ तू, बस तू ही तू है
मुझसे ज़ियादा भटका हुआ है
#Shair #Gulzar 🎂💐