सर सरकार चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में 18लाख की स्वीकृति दे सकती है तो एक सरकारी अध्यापक के बच्चे के ईलाज bone marrow transplant के लिए आप सिर्फ 7लाख की स्वीकृति दे रहे हैं जिसके कारण मेरे पुत्र भावेश का ईलाज नहीं हो रहा,आप इस तरह दोहरा व्यवहार क्यों
अफसोस आज दैनिक भास्कर में उदयपुर जिले के कोटडा और झाडोल मां-बाप अपनी बेटियों को बेचने के लिए मजबूर हैं आजादी के 75 साल का जश्न मनाया जा रहा है और दूसरी ओर देश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति की कुर्सी पर एक आदिवासी महिला है और आदिवासी बेटियों का यह हाल है भा जा पा श्रम करो