आज #रजाकार देखी। 10 कश्मीर फाइल्स, 10 केरला स्टोरी और 10 बस्तर मिलाकर एक रजाकार बनती है। बस हिन्दुओं की नींद ना टूट जाए इसलिए शायद हिन्दू अभी एसी में बैठकर #IPL देख रहा है।
अकल के अंधे हिन्दुओं पर अब मुझे अफसोस होना भी बंद हो गया है।
2022 की घटना
मुंबई में एक 18 साल की लड़की सोनम शुक्ला जो नीट की तैयारी कर रही थी उसके बॉयफ्रेंड का नाम मोहम्मद अंसारी (22 साल) था
मां बाप ने सोनम शुक्ला को कई बार समझाया कि तुम मोहम्मद अंसारी से रिश्ता तोड़ दो लेकिन वह नहीं मान रही थी
वह अक्सर ���ोहम्मद अंसारी से मिलने उसके फ्लैट पर जाती थी
एक दिन सोनम मोहम्मद अंसारी के साथ उसके फ्लैट पर थी दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ फिर मोहम्मद अंसारी ने एक वायर से उसका गला घोट दिया उसके शरीर के टुकड़े किए थैले में रखा और मलाड की खाड़ी में दबा दिया
लड़की के परिवार वालों ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी की तस्वीर पोस्ट करके सब से मदद मांगी थी मुंबई पुलिस भी तलाश कर रही थी अंत में पूरा भेद खुला
@ChandanSharmaG मुहल्ले भर को इकट्ठा करके वोट डालों, हिंदुओं! नहीं तो मुहल्ला ही नहीं बचेगा।
कान में घुसा दो सबको ये बात।
बाकी, आपकी इक्षा! ना तो देश मेरा अकेले का है ना मैं अकेला हिंदू हूं।
कटेंगे तो सब ही कटेंगे मैं अकेले तो बिल्कुल नहीं। तो अकेले हम ही क्यूँ हाय हाय करें!
जातिवादी मूर्खों को एक बात अपने दिमाग में डाल लेना चाहिए कि अगर धर्म नहीं रहा तो तुम जाति का अचार डालोगे? तुम्हारा जाति भी नहीं रहेगा
जिस दिन धर्म खत्म हो गया उस दिन तुम्हारे जाति को तुम क्या, तुम्हारा बाप भी नहीं बचा पाएगा
अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में तुम्हारे जाति के कितने लोग हैं? जरा यह डिटेल निकालकर बताना, मुझे भी जानकारी मिल जाएगा और तुम्हें भी तुम्हारा औकात पता लग जाएगा
भूलों मत, तुम चाहे किसी जाति के हो लेकिन उनके लिए बस एक काफिर हो, जो एक अच्छे मौका के इंतजार में बैठे हैं, इसलिए समझदार बनें और पहचानें कि आपका अपना कौन है।
बदायूँ में मुसलमान सादिक द्वारा दो बच्चों के गला रेतने की घटना पर आम मुसलमान की राय- रोजे में हूँ, उसने गलत नहीं किया!
यही विचार आपको कुछ लोग बोलते दिख जाएँगे, और बाकी इसे चुपचाप समर्थन देता है। स्मरण रहे: हिन्दू बच्चों का गला रेतना इनके लिए गलत नहीं।
शादियों में डांस और प्रीवेडिंग शूट के नाम पर हो रही नग्नता एवं फ़ूहड़पन पर कड़वा सच बोलने पर महाराज जी आपको प्रणाम करती हू,इसी प्रकार के संत गण चाहिए समाज को,ध्यान दे,
कुरान की आयत हिंदी मे,
1- ”फिर, जब पवित्र महीने बीत जाऐं, तो ‘मुश्रिको’ (मूर्तिपूजको ) को जहाँ-कहीं पाओ कत्ल करो, और पकड़ो और उन्हें घेरो और हर घात की जगह उनकी ताक में बैठो। ( कुरान मजीद, सूरा 9, आयत 5) (कुरान 9:5) . https://t.co/V0yykmJCtJ https://t.co/7k9bcVNRqY
2- ”हे ‘ईमान’ लाने व���लो (केवल एक आल्ला को मानने वालो ) ‘मुश्रिक’ (मूर्तिपूजक) नापाक (अपवित्र) हैं।” (कुरान सूरा 9, आयत 28) . https://t.co/MQbaIpAeDI https://t.co/gfPqmTAcuv
3- ”निःसंदेह ‘काफिर (गैर-मुस्लिम) तुम्हारे खुले दुश्मन हैं।” (कुरान सूरा 4, आयत 101) . https://t.co/jvnoGe83oK https://t.co/SDupqOrlfZ
4- ”हे ‘ईमान’ लाने वालों! (मुसलमानों) उन ‘काफिरों’ (गैर-मुस्लिमो) से लड़ो जो तुम्हारे आस पास हैं, और चाहिए कि वे तुममें सखती पायें।” (कुरान सूरा 9, आयत 123) . https://t.co/mf3FHfg9vJ https://t.co/9iFX5ZQ1ow
5- ”जिन लो���ों ने हमारी ”आयतों” का इन्कार किया (इस्लाम व कुरान को मानने से इंकार) , उन्हें हम जल्द अग्नि में झोंक देंगे। जब उनकी खालें पक जाएंगी तो हम उन्हें दूसरी खालों से बदल देंगे ताकि वे यातना का रसास्वादन कर लें। निःसन्देह अल्लाह प्रभुत्वशाली तत्वदर्शी हैं” (कुरान सूरा 4, आयत 56) https://t.co/fGXQXkSiGm https://t.co/jXaPEbsmR0
6- ”हे ‘ईमान’ लाने वालों! (मुसलमानों) अपने बापों और भाईयों को अपना मित्र मत बनाओ यदि वे ईमान की अपेक्षा ‘कुफ्र’ को पसन्द करें। और तुम में से जो कोई उनसे मित्रता का नाता जोड़ेगा, तो ऐसे ही लोग जालिम होंगे” (कुरान सूरा 9, आयत 23) . https://t.co/Qu3xcuHzXY . . https://t.co/f6FFH77QMI .
7- ”अल्लाह ‘काफिर’ लोगों को मार्ग नहीं दिखाता” (कुरान सूरा 9, आयत 37) . https://t.co/1XhicNkiCq . https://t.co/oKAj4kix9h .
8- ” ऐ ईमान (अल्ला पर यकिन) लानेवालो! तुमसे पहले जिनको किताब दी ���ई थी, जिन्होंने तुम्हारे धर्म को हँसी-खेल बना लिया है, उन्हें और इनकार करनेवालों को अपना मित्र न बनाओ। और अल्लाह का डर रखों यदि तुम ईमानवाले हो (कुरान सूरा 5, आयत 57) . https://t.co/e1C3fPmsnt https://t.co/48DbNrIcWB
9- ”फिटकारे हुए, (मुनाफिक) जहां कही पाए जाऐंगे पकड़े जाएंगे और बुरी तरह कत्ल किए जाएंगे।” (कुरान सूरा 33, आयत 61) . https://t.co/lfPoIzdgep https://t.co/bYey74Mtfn
10- ”(कहा जाऐगा): निश्चय ही तुम और वह जिसे तुम अल्लाह के सिवा पूजते थे ‘जहन्नम’ का ईधन हो। तुम अवश्य उसके घाट उतरोगे।” ( कुरान सूरा 21, आयत 98 . https://t.co/tZtdOB6lDe https://t.co/J4941Xtgu4
11- ‘और उस से बढ़कर जालिम कौन होगा जिसे उसके ‘रब’ की आयतों के द्वारा चेताया जाये और फिर वह उनसे मुँह फेर ले। निश्चय ही हमें ऐसे अपराधियों से बदला लेना है।” (कुरान सूरा 32, आयत 22) . https://t.co/GOQiX28ZbX https://t.co/KkkaSfDbwD
12- ‘अल्लाह ने तुमसे बहुत सी ‘गनीमतों’ का वादा किया है जो तुम्हारे हाथ आयेंगी,”(लूट का माल) (कुरान सूरा 48, आयत 20) . https://t.co/SStTbckmA5 https://t.co/6LuORnv2sM
13- ”तो जो कुछ गनीमत (लूट का माल जैसे लूटा हुआ धन या औरते) तुमने हासिल किया है उसे हलाल (valid) व पाक समझ कर खाओ (उपयोग करो)’ (कुरान सूरा 8, आयत 69) . https://t.co/9Kmz9zR7Ym https://t.co/C1x9Wvoe3k
14- ”हे नबी! ‘काफिरों’ और ‘मुनाफिकों’ के साथ जिहाद कर��, और उन पर सखती करो और उनका ठिकाना ‘जहन्नम’ है, और बुरी जगह है जहाँ पहुँचे” (कुरान सूरा 66, आयत 9) . https://t.co/R6dEOubRAk https://t.co/oUL0IOJioP
15- ‘तो अवश्य हम ‘कुफ्र’ (इस्लाम को धोखा देने वालो) करने वालों को यातना का मजा चखायेंगे, और अवश्य ही हम उन्हें सबसे बुरा बदला देंगे उस कर्म का जो वे करते थे।” (कुरान सूरा 41, आयत 27) . https://t.co/6165ya0yKx https://t.co/Mm4MRlJwUM
कुरान में काफिर कौन है, कुरान मैं गैर मुस्लिमों को काफिर कहा जाता है जिसमे हिन्दू, सिख,ई��ाई,बोद्ध अन्य सभी धर्मो के लोग आ जाते है।
कुरान मैं गैर मुस्लिमों अथवा काफिरो के लिए कही गई बातो से साफ पता चलता है मुस्लिमों को दूसरे धर्म के लोगो से दिक्कतें क्यों है खासकर मूर्ति की पूजा करने वाले हिंदुओं से।
अब सवाल यह उठता है की जिस मजहब के धर्म-ग्रन्थ में किसी दूसरे धर्म के लोगो के लिए यह सब लिखा हो उस धर्म के लोग गंगा जमुनी तहजीब व भाईचारे की बात किस मुँह से करते है?
और ये सब करते हैं ता���ि जन्नत में हूरें मिल सकें।
जिस देश के पास ऐसी नारी शक्ति हो उसे कोई नहीं मिटा सक��ा। फिल्म एक्ट्रेस नोवा तिश्बी ने वेस्टर्न मीडिया, सोशल मीडिया, यूनिवर्सिटीज को चुनौती देते हुए कहा कि कि 7 अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने हमारे बच्चों का जेनोसाइड किया, बलात्कार किया और तुमने जश्न मनाया था, हमास की बर्बरता को सही ठहरा कर अच्छा नहीं किया। ये रेडिकल इस्लामी नाजी है। ये हमे मिटाएंगे, हम इन्हे मिटा देंगे।
इजराइल जिस समय नोवा फेस्टिवल में खुशियाँ मना रहा था... रक्त पिपासू पिस्सू अल्ला हू अखबार के नारे लगाते हुए ये सब कर रहा था।
पांच हजार बम एकसाथ अलग अलग दिशाओं से दागे गये।
जब यहूदियों को मार रहे थे तब विश्वभर के मुसलमान जश्न में थे, एक ने भी आलोचना नहीं की।
लेकिन जब इजराइल मारने प�� आया तो दुनिया को यह दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि जैसे रक्त पिपासू बेगुनाह और मासूम हैं।
1400 वर्षों में इन्होंने यही किया है। हर घटना की पहल इन्होंने की और प्रतिकार होने पर विधवा विलाप किया।
महिलाओं के अपमान पर सबसे बडे विश्वयुद्ध पहले भी हुए हैं और जब भी हुए हैं आर या पार के फैसले के बाद ही रुके हैं।
क्या जहरीली कौम नहीं जानती थी कि उनका क्या हश्र होगा? या यहाँ भी इनको Forgiveness का Grace चाहिए? क्य�� इन्होंने आजतक किसी को बख्शा है? हम पृथ्वीराज चौहान का इतिहास जानते हैं।
हम पीठ पर, छिपकर, रात को, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाली कौम को बहुत बेहतरी से जानते हैं।
आज रोने वालो से सबसे पहला सवाल यह कीजिए कि जिनको तुम आम नागरिक बता रहे हो कि इजराइल उनको मार रहा है वो मासूम उस समय कहां थे जब हमास दशकों से हमले कर रहा था, जब वो बम बना रहा था, जब वो तुम्हारे लडको को रिक्रूट कर रहा था, जब वो बच्चो�� पर बम दाग रहा था और यहूदी लड़कियों की नग्न परेड निकाल रहा था। उनके लिए जकात इकट्ठा करते समय तुमको नहीं पता था कि जैसा व्यवहार तुम उनके साथ करोगे वो आराम से नहीं बैठेंगे।
मुझे पता है वो कहेंगे कि 1948 के बाद यहूदियों ने उनकी जगह छीन ली थी, जो कि मिथ्या है। पहले उनसे पूछो कि 1400 सालों में तुमने क्या क्या छीना पहले उसका हिसाब दो। उनके पास जवाब नहीं होगा, इसलिए वो कहेंगे कि तुम उनके लिए क्यो वकालत कर रहे हो क्या वो तुम्हारे रिश्तेदार हैं?
हमारा जवाब तो यही है कि मानवता का रिश्ता है, लेकिन दानव लोग मानवता का रिश्ता नहीं मानते।
बस उनसे ये पूछ लेना कि उसकी कौन सी खाला हमास की बहू है बस इतना बता दे।
उसके पास इसका भी जवाब नहीं होगा, वो कहेगा कि मेरे दीन का सवाल है। हमासी हमारे दीनी भाई हैं। बस यही जवाब तुम्हारे लिए पर्याप्त है...
वो आतंकवाद का, अन्याय का, हिंसा का सपोर्ट सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ��ो उनके मजहबी भाई हैं जबकि वो इनको घास तक नहीं डालते।
लेकिन कभी इन्होंने कश्मीर में मरते अपने देश की संतान, अपने देसी भाईयों की फिक्र नहीं की।
पाकिस्तान में मारे जा रहे हिन्दुओं की फिक्र नहीं की।
सिर्फ हमेशा अपने कौमी आतंकवादियों को सपोर्ट और डिफेंड किया और एक तुम हो जो अपने भाई को सपोर्ट करने से पहले हजार बार सोचते हो।
इजराइल की जमीन वैसे ही छीनी गयी जैसे भारत से इरान, अफगानिस्तान, पाकिस्त���न और बांग्लादेश छीना गया कश्मीर छीना गया... ये रिश्ता है हमारा।
यहूदियों से उनके पूजा स्थल उसी प्रकार छीने गये जिस प्रकार हमारे अयोध्या, काशी मथुरा छीने गये.... ये रिश्ता है हमारा।
यहूदियों को समाप्त कर उनकी जमीन को लाल और झंडे को हरा करने की हदीसे लिखी गयी जैसे गजवा ए हिन्द की लिखी गयी... ये रिश्ता है हमारा।
उनको भी खतम किया गया जब वो कन्वर्ट नहीं हुए जैसे हमारे करोड़ों लोगो का नरसंहार हुआ ... ये र���श्ता है हमारा।
जब तुम्हारा असली बाप पाकिस्तान हमारे देश पर हमला करता है तो इजराइल ही है जो बदला लेने के लिए हर दम तैयार खडा मिलता है... ये रिश्ता है हमारा।
जब तुम्हारे यहाँ देशभक्ति का कोई Concept ही नहीं, काफिरों को दोस्त ना बनाओ, वो तुम्हारे खुले दुश्मन हैं पढाया जाता है। सिवाय उम्मत की चाटने के तो तुम क्या जानों क्या होता है किसी और से दोस्ती का रिश्ता।
ये जहर तुमको निगल जाएगा जेहादियों।
मैं सुरुचि शुक्ला हूं, मेरी उम्र महज़ 16 साल की थी. मैं बड़ी होकर पापा का नाम रोशन करने अका सपना देखी थी. लेकिन गुरफान, जावेद और फैजान ने मुझे घर में घुसकर जिंदा जला दिया. मेरे साथ पहले भी कई बार छेड़छाड़ हुई थी. किसी भी मीडिया चैनल ने मेरे मामले पर चर्चा नहीं की. कहीं कोई डिबेट नहीं हुई. क्यों? क्या मुझे न्याय नहीं मिलना चाहिए? मेरा कसूर ��्या है? दिल दहला देने वाली घटना UP के अमेठी की.