🌎| Sencillamente espectacular, de una majestuosidad única, que nos deleitan la vista, estas Auroras Boreales.
Parecen postales, a disfrutar, lo que nos ofrece nuestro planeta 🌍 ❤️🔁
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सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज़ादी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ़ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है।
यह ज़िम्म���दारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।
मुझे गर्व है कि हमारे देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
क्या चाहिए देश की लड़कियों को? बराबरी, सुरक्षा, अवसर और अपनी बात कहने की आज़ादी।
उन्हें मिला क्या है? असुरक्षा, भेदभाव और अपने असली अधिकारों के लिए बस इंतज़ार।
अब और नहीं। 22 अगस्त | पुणे | छात्रों की गूंज
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अंकिता भंडारी के परिवार से 2 दिन पहले मिला। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं - अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं।
सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "VIP" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की।
मगर, रिज़ॉर्ट में अंकिता के रूम को किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो खुद में संदेहपूर्ण है।
इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य ���रकार खुद आज तक उस "VIP" को संरक्षण दे रही है। क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का बड़ा नेता है।
यही BJP की विकृत मानसिकता है बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उनका राजनीतिक संरक्षण करना, यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्व��गत करना। दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और BJP में ऐसे लोगों की भरमार है।
भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं होती। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी - सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ।
4 din ho gaye... Par har din aisa lagta hai jaise tum abhi bhi darwaze se daudte hue aa jaoge. Miss you Candy ❤️🐾"
"Waqt 4 din aage badh gaya par dil aaj bhi 8 August par hi ruk gaya hai. Rest peacefully. Candy.🕊️🐾"
Pellet guns, Nail-studded lathis, tear gas fired at students who were peacefully asking questions about their own future.
Young women beaten by policemen, many injured on their private parts. Minors with broken bones. This is how the Modi government answers a question.
And the Home Minister? Nearly 20 days and Amit Shah has not come to Parliament to answer for it. Every Opposition motion for a discussion has been rejected.
His silence is not an oversight - it is approval of the violence. He is either culpable or incompetent.
We demand a Supreme Court monitored inquiry. And we will not stop fighting until he is held accountable.