जब खाना 10 Minutes में घर पहुँच सकता है तो Ambulance क्यों नही��?
आज देश में सिर्फ 28,830 एम्बुलेंस हैं और उनमें से भी केवल करीब 10% ही Advanced Life Support एम्बुलेंस हैं।
कई जगह Ambulance घंटों में पहुँचती है, और Private Ambulance मुँह माँगे पैसे वसूलती हैं।
आज संसद में मैंने Ambulances की संख्या बढ��ाने, प्राइवेट एम्बुलेंस की लूट रोकने और एक सरकारी App शुरू करने की माँग रखी।
प्राइवेट हॉस्पिटल को लेकर सांसद स्वाति मालीवाल जो कुछ कह रही हैं वह बेहद गंभीर है।
यह सही है कि प्राइवेट हॉस्पिटल बेलगाम हो गए हैं। इतना ज्यादा पैसा लेते हैं कि पूरी बचत खत्म हो जाती है।
मेडिकल इंश्यो��ेंस का भी लाभ नजर नहीं आता।
Private Hospital में इलाज करवाने की ज़रूरत पड़ ज��ए तो एक आम परिवार का घर-गहने गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती है।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही ₹50,000-1,00,000 तक Advance रखवाया जाता है। अस्पतालों के कमरों का रेंट 5 स्टार के होटल से महँगे।
बेड मिलते ही बिल में thermometer-sanitizer-masks-gloves सब बिल में जुड़ना शुरू हो जाते हैं। जो दवाएँ बाहर डिस्काउंट पर मिलती हैं वो अस्पताल में पूरे रेट पर मिलती है। लैब टेस्ट मान्य होती है तो सिर्फ़ अस्पताल की।
आज संसद में ये ज़रूरी मुद���दा रखा।
"कुछ लोगों का भ्रम तोड़ता हूं, जो 10 मिनट डिलीवरी के चक्कर में खाना ऑर्डर कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कुछ लोग उनका खाना तैयार करने हो बैठे हैं। सबकुछ फ्रोजन है।"
इसके बाद ब्लॉगर फ्रिज में जमी डाल,चावल, कड़ी, पराठे यहां तक की रसमलाई तक फ्रोजन की हुई दिखाता है।
IRCTC से तत्काल टिकट बुक करना = रेगिस्तान में पानी ढूँढना।
कागजो में नियम है >>
एक आधार कार्ड से 3 से ज़्यादा तत्काल टिकट नहीं।
जमीनी हक़ीक़त ये है कि टिकट तभी मिलेगी जब सिस्टम काम करेगा।
09:45 बजते ही IRCTC का सर्वर घुलने लगता है >
पेज घूमता है , OTP अटकता है,
पेमेंट से पहले “Connection Lost”.
और जैसे ही सारे टिकट बिक जाते हैं ,
सर्वर अचानक ठीक होकर वापस आ जाता है।
सवाल ये है >>
एजेंटों पर रोक सिर्फ़ आम यात्रियों के लिए है क्या?
क्या एजेंटों का सर्वर अलग चलता है?
क्या रेलवे को ये नहीं दिखता कि डिमांड सप्लाई नहीं, सिस्टम फेल है?
हर रोज़ लाखों लोग परेशान हैं ,
लेकिन देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट सिस्टम के पास
एक ढंग की , भरोसेमंद टिकट बुकिंग व्यवस्था तक नहीं।
सरकार डिमांड-सप्लाई सुधारे न सुधारे ,
कम से कम IRCTC का ऐप और सर्वर तो ठीक कर ले।