जीन नेताओं को कांग्रेस ने कई दशकों तक सत्ता में पद दिया सांसद विधायक मंत्री मुख्यमंत्री तक बनाया वह आज कहते हैं कि कांग्रेस में उनकी उपेक्षा हो रही है इससे तो कांग्रेसका वह कार्यकर्ता अच्छा है जो बिना पद के आज भी पार्टी के साथ निष्ठा से खड़ा है @RahulGandhi@digvijaya_28@INCMP
निःशुल्क ब्रज दर्शन एवं गिरिराज जी परिक्रमा यात्रा के 26 वें चरण के सफल पूर्ण होने पर कांग्रेस नेता आशीष ओझा के पिता श्री मिथलेश कुमार ओझा के स्नेह, सराहना एवं आशीर्वाद ��े अभिभूत हूँ। उनकी आत्मीयता और मार्गदर्शन मेरे लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत हैं।
मध्यप्रदेश की जनता फिर एक बार @OfficeOfKNath जी को मुख्यमंत्री देखना चाहतीं हैं छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जबरन बसों में भरकर ले जाएं गए लोग असमय काल के गाल में समा गए और जो गम्भीर रूप से घायल हैं उन्हें प्रयाप्त सहायता नहीं मिली @NakulKNath
🔺*परमपूज्य जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरान्द जी से उनके “*शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगने वाले*” अंधभक्त/भाजपाई और संघी अब यह बतायें कि कथित “*व्यभिचारी आध्यात्मिक गुरु उत्तम स्वामी*” से भाजपा / संघ के किन-किन बड़े नेताओं / पदाधिकारियों /रसूखदारों से क्या-क्या / व्यावसायिक संबंध हैं*…..❗️
♦️ “*भगवान की प्रेरणा (❓) से अपने ही भक्त की बेटी से अपने ही आश्रम से लेकर कई महंगी-मंहगी होटलों में बलात्कार करने वाले इस “*अधार्मिक अपराधी*” को अब सत्ता /भाजपा संगठन / RSS के रसूखदारों और सत्ता की मलाई खाने वाले सरकारी संत-महात्माओं/ प्रवचनकारों /कथाकारों की पूर्व की भांति चुप्पी नसीब होगी या राजनैतिक/ अधार्मिक संरक्षण*”…..❓
🔴 👉🏽 “*स्मरण रहे मप्र को समूचे विश्व में बदनाम करने और करोड़ों योग्य नौजवानों के जीवन में अंधेरा परोसने वाले 90 अरब रू. के “*व्यापामं महाघोटाले*” में भी मैंने ही ��स व्यभिचारी का नाम प्रमाणों के साथ उजागर किया था, तब तत्कालीन शासकों ने इन्हें बचा लिया था, अब देखना होगा कि मौजूदा शासक इनके ख़िलाफ़ अपना संवैधानिक / राजधर्म निभाते हैं या इनके (कु) प्रताप के भय / राजनैतिक संरक्षण के आगे आत्म समर्पण करते हैं*”…..⁉️
����🚩*जय श्रीराम*🚩🚩
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यह आम आदमी है सा��ब इसे घर चलना होता है बच्चे पालने होते हैं वोट करना होता है यह आपकी जिम्मेदारी है की सरकार उसकी हर संभव मदद करें ��ेकिन अब हद हो रही है कहीं यह गुस्सा लोकतंत्र के लिए घातक ना हो जाए कलेक्टर क्या सिर्फ VIP के लिए बनें है क्यों यह आम आदमी से कतराते हैं
इंदौर में मंगलवार को हस्बमामूल कलेक्टर की जन सुनवाई थी।
SIR में नाम कटने की शिकायत लेकर एक व्यक्ति अपनी मां के साथ आया था। पर वह किसी वज़ह कर उन���े मिल नहीं पाया, कुछ का कहना है, उसने मिलने की पर्ची नहीं बनवाई थी।
वह गुस्से में चिल्लाने लगा।
"हमारा नाम SIR में से काट दिया है। BLO सुन नहीं रहे। पिता की मौत हो गई है, माता को आंख से दिखता नहीं है और मैं मज़दूरी करता हूं, रोज़ रोज़ नहीं आ सकता। मैं सारे कागज़ लेकर आया हूं लेकिन कलेक्टर साहब सुनने को तैयार नहीं हैं। सुनना चाहिए ना?"
��ंगामा होते ही सब वीडियो बनाने लगे। अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। लेकिन तब तक मीडिया वाले उसकी बाइट ले चुके थे।
मीडिया वालों से कहा गया कि वह इस वीडियो को ना चलाए, ख़बर ना बनाएं। इस वज़ह कर मीडिया वालों ने उसका नाम, पता और कागज़ नहीं लिया।
लगभग संस्थाओं ने यह ख़बर नहीं चलाई लेकिन 1/2 सोशल प्लेटफॉर्म वाले ख़बरी ने वीडियो चला दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी इस व्यक्ति को ट्रेस करने की कोशिश कर रहे है। फ़िलहाल ज़िला प्रशासन की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
#Indore #Viralvideo #JanSunwai
आदरणीय क्या कांग्रेस कार्यकर्ता अब भाजपा और संघ की विचारधारा से प्रभावित होकर कांग्रेस को मजबूत करेगा माफ किजिए हमारे पास आज भी गांधी की विचारधारा जीवित है हमें गोडसे की विचारधारा की आवश्यकता नहीं @Drsanjaykamle1@jitupatwari@KunalChoudhary_@INCMP
हम यह कांग्रेस में क्यों नहीं कर पाए यह प्रश्न आज कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं पर और संगठन पर भी उठता है क्या चाटुकारिता और चरण वंदना ही कांग्रेस में आगे बढ़ने की कुंजी है प्रश्न चिन्ह तो उन नेताओं पर भी उठता है जो कई सालों तक कांग्रेस सरकार में और संगठन में नेतृत्व करते रहे
जब भोपाल में ठंड को देखते हुए कक्षा आठवीं तक सभी स्कूलों को सुबह 8.30 के बाद लगाने के आदेश हुए हैं वहीं सागर पब्लिक स्कूल अपनी मनमानी करते हुए बच्चों को सुबह 7.45 पर आने का फरमान सुनाया है @CollectorBhopal इस पर कार्यवाही करेंगे @CMMadhyaPradesh@bhopalcomm
@jitupatwari@CMMadhyaPradesh@PMOIndia एक जिले से ��लायन कर रोजगार की तलाश में दूसरे जिले में जाकर400 रुपए दिहाड़ी में काम करना यह प्रमाणित करता है कि मध्य प्रदेश में रोजगार की उपलब्धता नहीं है और मनरेगा योजना का फायदा भी मजदूर को नहीं मिलता