मोहतरमा रायपुर छत्तीसगढ़ की रहने वाली लूजिना खान है,
#OperationSindhoor इसको टैम्परेरी वाहवाही लूटने मासूम बच्चों को मारने वाली अपने फायदे के लिए की गई गंदी सियायत वाली हरकत लग रही है।
@RaipurPoliceCG से अनुरोध है देश के विरुद्ध बयानबाजी कर माहौल बिगाड़ने वाले पर कार्यवाही करे।
हुतीयो की गिनती इसी हुतीये से शुरू होती है,
अपनी B टीम को आगे कर देश लोगों को
भड़काने का काम करने वालों इस बार तुम्हारी दाल नहीं गलेगी,
वैसे टिकट ब्लैकिए ने पप्पू की बिकाऊ प्रवृत्तियों
को उजागर किया है,
शाबाशी तो दे देता पर क्या करे हमको तो ब्लॉक कर रखा है।
लग रहा है अतीक के टीपू को गोरखपुर के विकास से कुछ अधिक ही जलन हो रही है। जिस शहर को आपने केवल अपराध और उपेक्षा दी, आज वह पूर्वांचल का सबसे बड़ा इकोनॉमिक और मेडिकल हब बन चुका है।
बर���ात के दो दिनों के जलभराव पर राजनीति करने वाले ज़रा अपने समय के सै��ई महोत्सव और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी याद कर लें।
@SupriyaShrinate साल 2003 में हनुमानगढ़ी स्थित महंत ज्ञान दास के आश्रम में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया. इस रोजा इफ्तार में मुस्लिम पक्ष से बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी और मुस्लिम नेता सादिक अली उर्फ बाबू टेलर समेत कई मुस्लिम प्रतिनिधि शामिल हुए थे,
शर्मा करो
“राम मंदिर में चोरी हुई है, वहां बुलडोज़र क्यों नहीं चला”~ डिंपल यादव
ये वही समाजवादी पार्टी है जो अयोध्या में टॉयलेट बनाने की माँग करती थी अब राम मंदिर बन जाने पर वहाँ बुलडोजर चलाने की माँग कर रही है। अखिलेश की संगति का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है।
आमिर खान का कहना है कि जब वो 3 इडियट्स फिल्म कर रहे थे तो वो सोनम वांगचुक के बारे में जानते भी नहीं थे और उनका यह रोल सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था।
आमिर के अनुसार हाल में आया ‘चतुर’ का बयान तथ्यात्मक रूप से ठीक नहीं है।
आमिर के बयान के बाद रवीश, वरुण इत्यादि छछूंदरो की पूंछ में आग लग गई है जो एक बार फिर क्रांति का सपना देख रहे थे।
जौहर विश्वविद्यालय की जांच के दौरान यह सामने आया कि विश्वविद्यालय परिसर में कुल 40 भवनों का निर्माण किया गया है. इनमें से केवल 2 भवनों का नक्शा (मानचित्र) जिला पंचायत से स्वीकृत है, जबकि शेष 38 भवनों का निर्माण बिना किसी पूर्व अनुमति या स्वीकृत नक्शे के किया गया है।
पहले यह क्षेत्र जिला पंचायत के अधीन था और बाद में इसे RDA के अंतर्गत शामिल किया गया। जिला पंचायत के समय भी केवल 2 ही भवनों के नक्शे पास कराए गए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रबंधन को नियमों की पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद अन्य 38 भवनो��� के निर्माण में नियमों की अनदेखी की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन को इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर वे इस निर्माण को नहीं हटाते हैं, तो रामपुर विकास प्राधिकरण स्वयं भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा।
6 मार्च 2012 को सत्ता का जनादेश मिलते ही सपाई गुंडों का अनुसूचित -पिछड़ों के खिलाफ नंगा नाच शुरू हो गया था। जनादेश मिलने के दो दिन के अंदर ही 8 मार्च 2016 को सपाई गुंडों ने सीतापुर के रेवसा के बिंबिया गांव में दलितों के 13 घर जला दिए। सिर्फ इसलिए क्योंकि दलितों ने सपा को वोट नहीं दिया था।
साल 2012 चुनाव के बाद सपाई गुंडों ने पूरे प्रदेश में जातीय और धार्मिक हिंसा शुरू कर दी। उत्तर प्रदेश को पश्चिम बंगाल जैसा बना दिया गया था।
समाजवादी पार्टी की जीत के 36 घंटे के अंदर अखिलेश के कार्यकर्ताओं ने यूं तो हर ज़िले में हंगामा किया था लेकिन यूपी के9 जिलों के अति पिछड़ों एवं दलित गांवों को आग के हवाले करने क�� घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस आगजनी में हत्याएं भी की गईं और पुलिस बेबस रह कर तमाशा देखती रही।
सीतापुर में 21 दिसंबर 2015 को लहरपुर थाने के पट्टी देहलिया गांव में दलित बस्ती के 35 घरों में आग लगा दी गई। बस इसलिए क्योंकि दलितों ने प्रधानी चुनाव में सपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया। दो मासूम दलित बच्चों को जिंदा जला दिया गया। अखिलेश का सपाई प्रधान स्वयं अपने हाथों से घरों में आग लगा रहा ��ा। परिवार रो-रोकर गिड़गिड़ाते रहे, पर सपाई गुंडों ने कोई रहम नहीं किया। बच्चे जलकर राख हो गए, बस्ती खाक हो गई।
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर विरोधियों की राजनीति पर ताला लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जाँ�� की माँग अस्वीकारते हुए केवल SIT रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
जो लोग लगातार जांच राममंदिर का विरोध करते रहे आज मंदिर की चिं��ा कर रहे हैं। अगर कांग्रेस और सपा सनातनी होने का दावा करती है तो क्यों नहीं वे कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का समर्थन करते?
जो भी दोषी है उनको सजा मिल रही है पर जो स्वयं को नास्तिक होने की घोषणा करते थे वे आज सुंदर कांड का पाठ कर रहे हैं यही भाजपा की विचारधारा की जीत है।
@JyotiDevSpeaks हमारे तरफ एक कहावत है,
एक क���लिहा (सियार) चिल्लाता है तो उसके देखा
देखी सब कोलिहा चिल्लाने लगते है,
आज वही हो रहा है नमाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ,
इंग्लिश पढ़ना नहीं आता हिंदी भी नहीं आती है क्या।
@nishikant_dubey जी ने कहा माफी मांगी अखिलेश यादव से थोड़ा बताना।
@Manoj_Yadav_ कौन से नशे में हो यादव जी,
पढ़ना नहीं आता या आप भी नम्बर की रेस में लगे हो,
@nishikant_dubey जी के वकील के जवाब को अच्छे से पढ़ो मियां अखिलेश का कही नाम तक नहीं है।