Dalit mother was brutally assaulted for sitting on a seat ment for upper class Hindus.
Explanation for this assault is that the seat has become "impure" now.
In India ,be it her or elite senior Mallikarjun Kharge they will be punished.
बिहार विधानसभा के अभी हाल ही में सम्पन्न हुये आमचुनाव में कैमूर ज़िले की रामगढ़ विधानसभा सीट (संख्या 203) पर बी.एस.पी. के उम्मीदवार श्री सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिये पार्टी के सभी लोगों को बधाई तथा उनका पूरे तहेदिल से आभार प्रकट।
हालाँकि वोटों की गिनती बार-बार कराने के बहाने से वहाँ के प��रशासन व एकजुट होकर सभी विरोधी पार्टियों द्व़ारा बी.एस.पी. उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया, किन्तु पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं का पूरे समय तक डटे रहने से विरोधियों का यह षडयंत्र सफल नहीं हो सका।
इतना ही नहीं बल��कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी विरोधियों को काँटे की टक्कर देने के बावजूद बी.एस.पी. उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, जबकि फीडबैक के अनुसार अगर चुनाव पूरी तरह से फ्री एण्ड फेयर होता तो बी.एस.पी. और भी कई सीटें ज़रूर जीतती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे पार्टी के लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है बल्कि आगे और भी अधिक तैयारी के साथ काम करते रहने की ज़रूरत है।
अन्त में, बिहार विधानसभा के इस चु��ाव में अपने ख़ून-पसीने व पूरी लगन से चुनाव लड़ने के लिये बी.एस.पी. के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं शुभचिन्तकों आदि का तहेदिल से आभार प्रकट तथा आगे बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहने का आह्वान ताकि बिहार, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी के सपनों की, ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की धरती बन सके।
भारत के संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहाँ पर विभिन्न धर्मों एवं जातियों के लोग रहते हैं तथा हर धर्म के लोगों के अपने-अपने पूजास्थल हैं, जिसके तहत् ही कानपुर नगर में बुद्ध पार्क स्थित है जो यह बौद्ध धर्म एवं अम्बेडकर अनुयायियों के आस्था का केन्द्र है। लेकिन प्राप्त जानकारी के मु���ाबिक सरकार द्वारा इस बुद्ध पार्क में जो दूसरे धर्म के पूजा स्थल का निर्माण प्रस्तावित है, यह कतई भी उचित नहीं है। सरकार इसे तत्काल रोके, वरना यहाँ लोगों के बीच अशान्ति एवं घृणा फैल सकती है।
कानपुर के प्रसिद्ध बुद्धा पार्क में शिवालय पार्क बनाने का यह अति-विवादित प्रस्ताव रद्द किये जाने की आज मीडिया में ख़बर छपी है, जिसका स्वागत व यूपी सरकार को इसके लिये धन्यवाद भी है। उम्मीद है कि सरकार आगे अन्यत्र कहीं भी ऐसा कोई विवाद खड़ा करने के षडयंत्र को गंभीरता से लेकर इसके विरुद्ध सख़्ती करेगी ताकि समाज में शान्ति-व्यवस्था, आपसी भाईच��रा एवं सौहार्द का वातावरण बिगड़ने ना पाये।
आज दिल्ली में पूरे दिन स्टूडेंट्स एसएससी परीक्षा ��ें रिफार्म की माँग को लेकर प्रोटेस्ट पर बैठे रहे। टीवी से यह खबर दूर रही ।
इनकी जगह सिर्फ़ -5 स्टूडियो पंडित/मौलवी अगर किसी हड़प्पाकालीन मुद्दे पर बैठते तो सारे प्राइम टाइम डिबेट और उनके कैमरे यहाँ होते । दिनभर LIVE
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय बहन कु @Mayawati जी से बीजेपी को सीख लेना चाहिए।।
राजा भैया का कुंडा में एक तरफ नाम चलता है बहन जी ने अपनी हुकूमत में पोटा और गुंडा एक्ट लगाकर जेल की सलाखों के अंदर रखा था।
परन्तु सपा ने राजा भैया को जेल मंत्री बनाया था।
झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक एवं आदिवासी समाज के जाने-माने दिग्गज नेता श्री शिबू सोरेन का आज इलाज के दौरान निधन हो ज���ने की ख़बर अति-दुखद। उनके पुत्र तथा वर्तमान में झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन व उनके परिवार के साथ-साथ उनके समस्त समर्थकों एवं अनुयाइयों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कु़दरत उन सबको इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
बहन कुमारी मायावती जी ने प्रमोशन में आरक्षण के बिल के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा बीएसपी को।
इस वीडियो में देख सकते हो सपा बीजेपी एससी एसटी के लोगों का प्रमोशन में आरक्षण का बिल पड़ा था।
समाजवादी पार्टी दलित विरोधी गुंडो की पार्टी।
बहन @Mayawati जी भाई @AnandAkash_BSP जी
’मित्र’ देश बताने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय आयात पर कल दिनांक 1 अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क तथा रूस से तेल आयात करने पर पेनाल्टी लगाने की भी नई उभरी चुनौती को केन्द्र सरकार इसे अवसर एवं आत्मनिर्भरता में बदलकर देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित नहीं होने देगी, तथा इसको लेकर देश को दिये गये इस आश्वासन पर कि ’किसान, छोटे व मंझोले उद्योग और राष्ट्रहित से कोई ��मझौता नहीं करेगी’, इस पर सरकार खरी उतरकर दिखाएगी भी, ऐसी देश को आशा।
भारत दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला अधिकतर ग़रीबों और मेहनतकश लोगों का देश है, जिसे हर हाथ को काम देने वाली श्रम शक्ति के बल पर देश को आगे बढ़ाने की नीति बनाकर उस पर सही से अमल किया जाये तो देश निश्चय ही आत्मनिर्भरता के साथ-साथ ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ वाला सुखी व सम्पन्न देश बन सकता है, जिसमें ही संविधान के मानवतावाद�� एवं कल्याणकारी उद्देश्य के हिसाब से जन व देशहित पूरी तरह से निहित है व यह सुरक्षित भी रह सकता है।
#मानसून_सत्र_चल_रहा_है करोड़ बहुजन समाज की आवाज संसद में नहीं है इस बात का दुख है।
आज बहन मायावती जी का पार्लियामेंट में ना होना मुझे बहुत खलता है दुख भी देता है।
पुन 2027 में बहनजी के हाथों को मजबूत करिए।
जय भीम। जय संविधान। जय बसपा।
बहन @Mayawati जी भाई @AnandAkash_BSP जी
संसद का आज से शुरू हो रहा बहुप्रतीक्षित सत्र, पिछले सत्रों की तरह देशहित व जनहित के अहम् और अति-ज़रूरी मुद्दों पर उचित एवं समुचित बहस तथा किसी बेहतर परिणाम के बिना ही, सरकार और विपक्ष के बीच टकराव, आरोप-प्रत्यारोप, हंगामा तथा देश के करोड़ों ग़रीब व अन्य मेहनतकश बहुजनों के थोड़े ’अच्छे दिन’ की ओर सही से आगे बढ़ने के भरोसे के बेगै़र ज़्यादातर निराश करने वाला ना हो, इसकी सभी देशवासियों को चिन्ता स्वाभाविक।
वैसे भी देश के सामने ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी व बेरोज़गारी, महिला अ���ुरक्षा तथा ख़ासकर क्षेत्र व भाषा आदि को लेकर बढ़ता आपसी विवाद व हिंसक टकराव आदि के जनहित की समस्यायें के साथ ही आन्तरिक व बाहरी/सीमा सुरक्षा जैसी देशहित के मुद्दे लोगों की सुख-शान्ति व समृद्धि के संघर्ष को प्रभावित कर रहे हैं, तथा इन मामलों पर सार्थक बहस के आधार पर आगे की दीर्घकालीन ठोस नीति व रणनीति बनाकर उन पर अमल के लिए संसद का सुचारू रूप से संचालन जनता ज़रूरी समझती है, ताकि देश विकास व लोग तरक्की के रास्ते पर सही/आसानी से चल ��कंे, जिसमें ही देश के सर्वसमाज एवं बहुजनों का हित निहित है।
इसके अलावा, विश्व के राजनीतिक व आर्थिक हालात जिस तेज़ी से लगातार नई करवटें बदल रहे हैं उसमें भारत सहित विभिन्न देशों के लोकतंत्र व उसकी संप्रभूता आदि को नई चुनौतियाँ एवं नया ख़तरा भी मंडलाने लगा है, जिसके प्रति भारत सरकार की अपनी राजनीतिक सजगता व कुशलता ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही से मुकाबला करने क�� लिए सरकार अगर विपक्ष के माध्यम से पूरे देश की जनता को विश्वास में लेकर आगे बढ़े तो यह उचित होगा। वास्तव में सरकार और विपक्ष दोनों पार्टी हित से ऊपर उठकर इन मुद्दों पर एकता बनायें, यही देश के बहुजनों की चाहत है।
इसके साथ ही, संसद के वर्तमान मानसून सत्र के दौरान पहलगाम नरसंहार के मामले में भारत के ’आपरेशन सिन्दूर’ पर चर्चा के लिये सरकार को सकारात्मक होना चाहिये तो यह बेहतर होगा, क्योंकि देश की जनता व सीमाओं की सुरक्षा अन्ततः सरकार का पूर्ण उत्तरदायित्व बनता है, जिसके प्रति प्रतिपक्ष द्वारा भी पार्टी हित से ऊपर उठकर सरकार से सहयोग का रवैया अपनाना ज़रूरी अर्थात् सरकार व विपक्ष दोनों के लिए देश व जन सुरक्षा सर्वोपरि है।
"कांवड़ ढोने सिर्फ SC, ST और OBC के लोग जाते हैं. ये लोग कहीं पढ़ ना लें, अपना दीपक स्वयं ना बन जाए, इसे रोकने के लिए ही मेरे उपर FIR दर्ज की गई है..."
- रजनीश गंगवार, शिक्षक