आदिवासियों को हर बार वोट बैंक समझा गया है, जब न्याय और अधिकार मांगते हैं तो सरकार चुप हो जाती हैं।
हर बार अन्याय होता है, सरकार चुप क्यों?
क्या यही है आदिवासी हितैषीपन?
क्या आदिवासियों को न्याय के साथ जीने का अधिकार नहीं है?
#सुभाष_भील_को_न्याय_दो@BhajanlalBjp@roat_mla
डूंगरपुर जिले में बिना लाइसेंस पेट्रोल के भंडारण एवं विक्रय को लेकर प्रशासन और रसद विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से यह कार्रवाई आवश्यक भी है, क्योंकि पेट्रोल जैसी ज्वलनशील वस्तु का अनियमित भंडारण दुर्घटनाओं को जन्म दे सकता है। कानून का पालन करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
लेकिन इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है। क्या जिले में केवल छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों द्वारा किए जा रहे नियम उल्लंघन ही दिखाई देते हैं? क्या प्रशासन की नजर उन स्थानों तक नहीं पहुंचती जहाँ खुलेआम अवैध शराब का कारोबार, बिना अनुमति संचालित होटल-ढाबे या अन्य अवैध गतिविधियाँ वर्षों से चल रही हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक गरीब परिवार आजीविका के सीमित साधनों के कारण छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन वही नियम और वही सख्ती जिले के हर व्यक्ति, हर व्यवसाय और हर अवैध गतिविधि पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
जनता यह महसूस न करे कि कार्रवाई केवल कमजोर और गरीब वर्ग तक सीमित है, जबकि प्रभावशाली लोगों या बड़े अवैध कारोबारों पर प्रशासन की नजर नहीं जाती। लोकतंत्र और कानून की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्षता होती है। यदि कानून का डंडा केवल कुछ लोगों पर चले और अन्य लोग बचते नजर आएं, तो इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि जिले में संचालित सभी प्रकार की अवैध गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर समान रूप से कार्रवाई की जाए। चाहे मामला अवैध पेट्रोल विक्रय का हो, अवैध शराब कारोबार का हो या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि का — कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।
@roat_mla@mla__katara@mla_umesh_aspur@DungarpurP@DmDungarpur@RajCMO@PoliceRajasthan@DIPRRajasthan
#Dungarpur #RuleOfLaw #JusticeForAll #Rajasthan
@alokrajRSSB चले तो सीधे रस्ते थे, महोदय
लेकिन PTET काउंसलिंग में मिली कॉलेज में 4th year exam के बाद अन्य डिग्री को लेकर कोई समस्या आई तो, BED वालो के स्काॅलरशिप आवेदन होल्ड कर दिये गए हैं,
आगे क्या दिक्कत हो सकती है, महोदय निवारण का मार्ग बताएं
अब जब मैडम बोल रहे हैं, मैने आपसे शादी नहीं की है मान लिया।
लेकिन जब विधवा प्रमाण पत्र बनवाया तब आप कहा थे, महोदय
कही ऐसा ना हो, धन भी जाए और धरम भी....
जवाब तो देना पड़ेगा, चाहे हमें दो या किसी और को।।।।।
@RaviKantMina111@tribalvoice99@Pawankhera आदिवासी समाज के नेता ही नहीं चाहते, कोई राज्यसभा जाए।
वरना कितने नेता पार्टियों(बीजेपी+कांग्रेस)में है, वो मांग नहीं कर सकते क्या?
खुद की आरक्षित सीटों पर भी टिकट, सिफारिश से लाने वाले क्या समाज की पैरवी करेंगे।
@DrSatishPoonia बधाई और शुभकामनाएं,जोहार sir
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सदन में आदिवासी समाज के हक अधिकार और जगह जगह हो रहे अत्याचार पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करवायेंगे।
निवेदन-दक्षिण राज.का आदिवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है,थोड़ा ध्यान इस ओर भी देने की कृपा करना 🙏 @DrSatishPoonia
कांग्रेस को आदिवासी समाज के वोट साधने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वो तो पुश्तैनी वोट है!!
क्या किसी भी आदिवासी नेता में हिम्मत नहीं है, जो आरक्षित सीटों के अलावा, कोई और टिकट भी लाए।।
इन नेताओं ने ही आदिवासी समाज को कमजोर किया है,
सीटें आरक्षित है फिर भी सिफारिशों से लाते हैं।
@DrSatishPoonia जी को राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर हार्दिक शुभकामनाएं,जोहार 🎉🏹
एक दिन पहले ही आपके पक्ष में पोस्ट की थी, पार्टी का समर्थन नहीं करता,लेकिन आपकी संयमता और कुशल नेतृत्व का प्रशंसक हु।
धन्यवाद @BJP4India@BJP4Rajasthan सही व्यक्ति को मौका दिया।।।
पार्टी का नहीं, व्यक्ति का समर्थक हूं
आदरणीय @DrSatishPoonia जी को राजस्थान से राज्य सभा में भेजा जाना चाहिए।
सरल स्वभाव के अनुभवी व्यक्ति को @BJP4India@BJP4Rajasthan राज्य सभा जरूर भेजे।।।।
अब राज. में भी त्यागपत्र पर प्रतीक्षा सूची जारी करने का नियम बन गया है।
यह नियम नई भर्तियों के लिए ही मान्य है
यानी आज या आज के बाद जो भर्तियां आयेगी, उनमें यह नियम लागू किया जायेगा।
🔖1 वर्ष के अंदर जो पद त्यागपत्र,मृत्यु,पदच्युति होने से रिक्त पद को वेटिंग का पद माना जायेगा।