जब कंगना रनौत को थप्पड़ maa₹रा गया था, तब तुम्हारे च��हरों पर मुस्कान थी।
जब नरेंद्र मोदी के काफिले पर जूता उछाला गया, तब भी तुम ताली बजा रहे थे।
जब पंजाब में प्रधानमंत्री के काफिले को रास्ते में रोककर सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया, तब भी तुम इसे मज़ाक समझ रहे थे।
जब अर्नब ग���स्वामी को विमान में अपमानित किया गया और बाद में अपराधी की तरह घर से उठाकर ले जाया गया, तब भी तुम्हें मनोरंजन दिख रहा था।
जब कंगना का घर तोड़ा गया, तब भी तुम्हें न्याय नहीं, तमाशा दिखाई दिया।
जब Mamata Banerjee ने केंद्रीय संस्थाओं और राजनीतिक विरोधियों पर खुलेआम हमले किए, तब भी तुमने इसे साहस का नाम दिया।
जब जांच एजेंसियों को रोका गया, प्रशासन को चुनौती दी गई और कानून को ताक पर रखा गया, तब भी तुम चुप रह���।
जब भाजपा नेताओं पर हमले हुए, पत्थर चले और राजनीतिक हिंसा हुई, तब भी तुम्हें कोई खतरा नज़र नहीं आया।
जब पालघर मॉब लिचिंग में साधुओं की हत्या हुई, तब भी तुम्हारी संवेदनाएं गायब थीं।
जब राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजा गया और सत्ता का इस्तेमाल प्रतिशोध के लिए हुआ, तब भी तुम लोकतंत्र की दुहाई नहीं दे ��हे थे।
जब बंगाल चुनावों के बाद हिंसा में लोगों के घर जले, परिवार उजड़े और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, तब भी तुम्हारी आवाज़ नहीं निकली।
जब चुनावी मैदान में विरोधियों को धमकाया गया, पीटा गया और डराने की कोशिश हुई, तब भी तुम्हें सब सामान्य लग रहा था।
जब गुंNडागर्दी, वसूली, कT-मनी और राजनीतिक आ टंकी का माहौल बना, तब भी तुमने आंखें बंद रखीं।
जब राजनीतिक कार्यालयों को आग लगाई गई, तब भी तुम्हारा गुस्सा कहीं दिखाई नहीं दिया।
जब राम, हिंदुत्व, सनातन और राम मंदिर पर लगातार कटाक्ष किए गए, तब भी तुम इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताकर बचाव करते रहे।
जब राजनीतिक विरोधियों पर विवादित और सवालों के घेरे में रहने वाले मुकदमे लगाए गए, तब भी तुमने कोई आपत्ति नहीं उठाई।
जब दूसरे देशों के आंदोलनों का हवाला देकर भारत में टकराव की राजनीति को हवा देने की कोशिश हुई, तब भी तुम उत्साहित थे।
सूची ब���ुत लंबी है। हर बा�� जब निशाना तुम्हारे विरोधी बने, तब तुम्हें सब जायज़ लगा। हर बार जब अपमान, हमला या हिंसा तुम्हारी विचारधारा के खिलाफ लोगों पर हुई, तब तुमने उसका बचाव किया।
लेकिन आज जब जनता सवाल पूछ रही है, जवाब मांग रही है, विरोध जता रही है और गुस्सा दिखा रही है, तब अचानक तुम्हें लोकतंत्र संकट में दिखाई देने लगा है।
कल तक जो हर अराजकता पर जश्न मनाते थे, आज वही लोग शालीनता और लोकतांत्रिक मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे ��ैं।
समस्या विरोध से नहीं है, समस्या उस दोहरे मापदंड से है जिसमें अपने पक्ष की हर गलती क्रांति लगती है और विरोधी का हर प्रतिरोध अपराध।
देश की जनता सब देखती है, सब याद रखती है, और समय आने पर हिसाब भी करती है।
A new pattern of "hit-and-run" journalism is emerging among foreign correspondents.
Raising questions but exiting the room the moment facts challenge their narrative.
Norwegian journalist Helle Lyng, who abruptly walked out of a press meet after failing to get an answer that aligned with her pre-set agenda.
@jayeshmatiyal exposes the mechanics behind the curated narrative and foreign media bias.
ममता बनर्जी किस कुंठा में जी रही हैं?
भारत में ये पहला मौका है जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर हों और उनके स्वागत के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री या उनके नियुक्त कोई मंत्री उपस्थित न हों. ममता बनर्जी की सरकार ने एक शहर के मेयर को राष्ट्रपति मुर्मू के स्वागत के लिए भेजा. इतने राष्ट्पति बने, पक्ष-विपक्ष की सरकारें रहीं, ये किसी सीएम ने नहीं किया था.
ममता बनर्जी किस कुंठा में जी रही हैं? एक आदिवासी महिला का राष्ट्र के शिखर पद पर होना वे स्वीकार क्यों नहीं कर पा रही हैं.
एक आधी अधूरी खबर फैला कर ये अफवाह फैलाई जा रही है कि-
अमेरिका से ट्रेड डील मे भारतीय textile को 18% टैक्स देना पड़ेगा जबकि बांग्लादेश को 0%
ये आधी खबर है....
पूरी खबर ये है कि बांग्लादेश को 0% tariff के पीछे एक शर्त भी है शर्त ये कि वो अमेरिकी यार्न (धागे) इस्तेमाल करेगा।
मान लीजिए कि एक कपड़ा 100/- मे बनता है, और उसमे 40/- का यार्न लगता है।
अमेरिकी यार्न भारतीय यार्न से 30% महँगा है, यानी उसकी लागत पडी 52/-
इसके अलावा अमेरिका से मंगाने मे लॉजिस्टिक्स के खर्च 10/- मान लें तो लागत हो गई...62/- रुपए
यानी भारतीय यार्न से 22/- महँगा।
बांग्लादेश को tariff पर 100/- पर 18/- की छुट मिलों है, लेकिन यार्न की वजह से 22/- खर्च हो रहे हैं।
यानि भारतीय कपड़े की कीमत हुई 118/-
जबकि बांग्लादेशी कपड़े की कीमत हुई 122/-
बांग्लादेश पर अमेरिका ने 19% tariff लगाया है। textile को छोड़ कर जबकि भारत पर 18%
भारत हर मामले मे दूसरे देशों के मुकाबले फायदे मे है।
What a downfall for Congress ?
Insulting prime minister of the country that to by spreading this filth material to villages.
Is this allowed @HMOIndia@GoI_MeitY ?
जिसके बाप ने 40 साल पहले हज़ारों सिक्खों के गले, वो आज एकलव्य का अंगूठा किसने काटा इस पर ज्ञान दे रहा है
मतलब ग़ज़ब दोगलापन है……कहाँ तक इस 55 साल के युवा को पढ़ाओगे…….???
@sardesairajdeep Not a tweet from you condemning Bangladesh when innocent Hindus were slaughtered there.
But now crying hoarse when Bangladesh themselves pushed themselves out over an imaginary security concern in India.
Truly inspiring levels of selective outrage. 🙄
Adani: Chor
Ambani: Chor
Modi: Chor
*Delhi Riots Masterminds & Terrorists*
Umar Khalid: STUDENT
Sharjeel Imam: STUDENT
How many jobs did they provide??
What's their contribution in GDP??
क्लिपकटुआ हैशटैग की आड़ में फेकन्यूज फैला रहा है। सत्य जानते हुए कि यह AI जेनेरेटेड है, इसने एक रैंडम अकाउंट से वीडियो लिया और बिना किसी स्पष्ट हेडलाइन के, अपने पंचरछाप मुल्ले समर्थकों को उकसा रहा है।
@GoI_MeitY संज्ञान ले, यह @adgpi को सोच-समझ कर देशद्रोही बताना चाहता है।
What a chutiya Party this Congress is ???
They made this law and are now questioning it.
Under the Law, Application for addition of Voters is accepted up to 10 days before the last date of Nominations.
The addition of 3 Lakh is because of the Forms received from new electors up to Oct 10
Last Date of Nomination was 20 Oct, 2025 in Bihar
अब हम ��पने यूनिवर्सिटियों में आतंकवादियों को पढ़ायेंगे ?
अब हम उनको आगे बढ़ायेंगे जो बड़ी बड़ी डिग्रियाँ लेके हमारे मौत का इंतज़ाम करते है
मामला माता वैष्णों श्राइन बोर्ड मेडिकल इंस्टीट्यूट में मुस्लिमों की सीट बढ़ाने को लेकर मचा घमासान
श्राइन बोर्ड के ख़िलाफ़ वी��चपी ने खोला मोर्चा !!
3 सितंबर 2024 का वीडियो है। मैंने तब भी कहा था कि प्रशांत किशोर को अतिमहत्वाकांक्षी होने के स्थान पर रियलिस्टिक होते हुए 2029-2030 के चुनावों पर ध्यान देना चाहिए।
जो विषय उठाए, सब उचित थे, परंतु एक नई पार्टी के लिए तीन बड़ी, समानांतर शक्ति की पार्टियों के मध्य पहली ही बार में स्थान बनाना दुष्कर है। मैं अभी भी मानता हूँ कि बिहार में उन्हें 238 की जगह 25-30 सीट पर फोकस्ड हो कर चुनाव लड़ना चाहिए था।
राजनीति करते समय एक्सेल सीट और फंड मैनेजमेंट समानांतर नहीं चल सकते। वो यदि डँटे रहे, लगे रहे तो 2029 में कुछ सांसद और ��गले वर्ष कुछ विधायक अवश्य ले आएँगे। अब इनके पास ‘नेता बनाने’ का समय है।
राहुल को जीतता दिखाना, उसकी हार में में षड्यंत्र ढूँढना, उसकी हर थ्योरी पर विश्वास ‘दिखाना’, उसमें भविष्य देखना आदि मूर्खता ��ा प्रमाण नहीं है। यह कोई कुतर्की मस्तिष्क की कृति नहीं।
जो भी ऐसा करते हैं, वो जानते हैं कि यह छवि-निर्माण उनकी आय का स्थिर स्रोत है। इससे थोड़ा भी अलग जाने पर उन्हें न तो पार्टी से पैसे मिलेंगे, न ही व्यूअरशिप, इसीलिए वो टीवी पर हर जगह NDA के जीतते रुझानों के मध्य भी, अपने ग्राफिक्स वाले को उल्टा परिणाम तब तक दिखाने कहते हैं, जब तक संभव हो सके।
हार निश्चित होते ही, पुरानी बातें रीसायकल होने लगती हैं। कल तक जिन्हें जनता पर विश्वास था, जो आश्वस्त थे कि उन्हीं की सरकार बनेगी, जिन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पहरा दिया, सीसीटीवी पर दृष्टि रखी… हारते ही SIR, ईवीएम, चुनाव आयोग सबको लपेटने लगे।
विपक्ष और उनका सर हाथ में ले कर सहलाती मीडिय���/सोशल मीडिया वाले जो बात नहीं समझ पा रहे, वह यह है कि जनता की सामूहिक निर्णय क्षमता और विवेक, उनकी संकीर्ण कॉन्सपिरेसी थ्योरी से अलग है। जनता इन्हें उठल्लू मानती है, और इन्हें जो देखते हैं, वो स्वयं को अपनी ही हायपोथिसिस के सही होने की धागे भर की आस पकड़े रहते हैं।
यही चक्र हर चुनाव के बाद रिपीट होता रहता है। दोनों तंत्र इसी अन्योन्याश्रय संबंध से चलते रहते हैं।
Is PM Modi really offering ₹2,00,000 on investment of ₹21,000 ⁉️
A video embedded in a #Facebook Advertisement shows Prime Minister @narendramodi promoting an investment platform offering daily easy income.
#PIBFactCheck
🚫Fake Alert! The video is digitally altered!
The Government of India has made NO such announcement or launched any such scheme!
🚨 Beware! Fraudsters often lure people into investment scams to deceive & steal their money!
✅ Always cross-check such claims with official sources before believing or sharing them.
🔒 Stay alert. Stay informed. Don’t let digital scams profit from your trust!
@PMOIndia@FinMinIndia
🚨 DEEPFAKE VIDEO ALERT!
Several Pakistani propaganda handles are circulating a 'doctored video' falsely showing Air Marshal Ashutosh Dixit making political remarks about losing Rafale jets.
#PIBFactCheck
❌ Air Marshal Ashutosh Dixit has NOT made any such statement! The video has been AI-generated to spread misinformation and undermine faith in the #IndianArmedForces.
✅ Watch the original, unedited video from his address at the CAPSS-IMR Seminar here:
https://t.co/KhIBk0HZ9n
⚠️ Don’t fall for AI-generated lies designed to sow distrust and division.
📵 Stay alert. Don’t forward such fake content.
🔍 For verified updates, always rely on official sources.
@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD@HQ_IDS_India@adgpi
प्रो- पाकिस्तानी हैंडल्स द्वारा प्रधानमंत्री @narendramodi का #AI जनरेटेड #फर्ज��� वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया है कि दिल्ली में हुआ यह हादसा संस्थाओं की नाकामी और असुरक्षा की निशानी है। साथ ही वीडियो में प्रधानमंत्री को यह स्वीकार करते हुए दिखाया गया है कि दिल्ली में हुआ यह विस्��ोट एक #FalseFlag ऑपरेशन था, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए किया गया था
🔎 #PIBFactCheck:
✅ प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दिया है
👉 यहां देखें मूल और प्रमाणिक वीडियो: 🔗 https://t.co/BX5G72UXxy
⚠️ ऐसे वीडियो समाज में भ्रम फैलाने और आपसी सौहार्द को आहत करने की मंशा से बनाए जाते हैं
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