अब वक्त आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसले लिए यह सोच कर कि जो चुनाव आयोग के सभी फैसले रद्द करे...
अगर सुप्रीम कोर्ट कुछ नहीं करता तो हमें कुछ तो करना ही पड़ेगा
वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट @KapilSibal जी को सुनिए क्या कह रहे है -
खुलेआम बहन बेटियों के कपड़े नोचते ये भाजपाई, खुलेआम बहन बेटियों की इज्जत पर हमला करते ये भाजपाई, खुलेआम बहन बेटियों के साथ अश्लील हरकत करते ये भाजपाई
मुख्यमंत्री बताएं, प्रधानमंत्री जी बताएं, गृहमंत्री जी बताएं
क्या ये आपकी भाजपा की प्राइवेट सेना है कोई?
महिला सम्मान, महिला सुरक्षा का यही भाजपा का चरित्र है? शर्मनाक
I’ve been fighting Narendra Modi and the RSS for over a decade now. I understand them like you would understand your opponent - inside out, like the back of my hand.
The core characteristic of these people is cowardice.
Narendra Modi, Amit Shah, Mohan Bhagwat, Gyanesh Kumar and Ajit Doval, the villains of this story, are slowly finding the space closing around them. We are closing that space.
Mr. Modi, do whatever you want. Call out all the police: 10,000, 20,000, 50,000, whatever you want.
Arrest all the leaders. Arrest all the young people. Arrest us all.
We are surrounding you, and we are not going to back down. Mark my words: we already have the information we need.
We are going to defend our Constitution. We are going to protect the voice of the Indian people. And we are going to ensure that what was done to India over the last 10-15 years will never, ever be done again.
Youth of India, I am proud of you. Keep protesting. We are standing with you.
We are going to ensure that this regime and the people who have attacked our Constitution are defeated.
मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी ज़्यादा समय से लड़ रहा हूँ। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूँ, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूँ, इनकी हर चाल से वाक़िफ़ हूँ।
इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है - कायरता।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल - इस कहानी के खलनायक - अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं। इनके चारों तरफ़ से दायरा सिमट रहा है।
जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए - 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार, जितनी चाहें बुला लीजिए।
सारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। सारे युवाओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। हम सबको गिरफ़्तार कर लीजिए।
घबराइये मत - हम आपको चारों तरफ़ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मेरी बात याद रखिए - हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है।
हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे। और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो।
हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। अपना विरोध जारी रखिए। हम आपके साथ खड़े हैं।
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले।
क्रांति धरा मेरठ में भी बिगुल बज चुका है, भारतीय किसान यूनियन ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP के आंदोलन के समर्थन में धरना शुरू कर दिया है, दिल्ली जा रहे किसानों को रोका गया तो मेरठ में ही धरना शुरू हो गया।
@CJP_for_India
CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च, खुले रहेंगे मेट्रो स्टेशन और मार्केट, दिल्ली में कहां-कहां पर ट्रैफिक डायवर्जन?
#CJP#Delhi#JantarMantar
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मुझे तो किडनैप किया गया था।
मेरे घर पर करीब 50 लोग सादे कपड़े में आए, जैसे ही मेरी माता जी ने दरवाजा खोला वो लोग मेरे बेडरूम तक चले आए।
मुझे जबरदस्ती सीढ़ियों पर घसीटते हुए अपने गाड़ी में बैठाए इस दौरान मुझे कई जगहों पर चोटें भी आईं।
करीब 20 घंटों तक बैठाये थे
सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को उनके चेंबर से हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक है
वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने और उन्हें डराने-धमकाने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
: प्रदीप राय, अध्यक्ष ( सु्प्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन)
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लीडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह 10 बजे 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया। तीनों को दिल्ली कैंट में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था।
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दिल्ली प्रोटेस्ट में डिटेंशन पर UN ह्यूमन राइट्स ने जारी किया बयान. UN ह्यूमन राइट्स के अकाउंट से किए ट्वीट में लिखा गया कि, दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, प्रोटेस्ट लीडर्स, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़े पैमाने पर डिटेंशन की खबरों से हम चिंतित हैं.
अधिकारियों से अपील करते हैं कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान किया जाए.
रिहाई के बाद बिना मीडिया से बात किए रवाना हुए अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास
◆ एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर CJP नेता रिहा
दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन | #AbhijeetDipke | Abhijeet Dipke | Saurav Das | #SauravDas | Ashutosh Ranka | #AshutoshRanka | CJP | Delhi
दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हो गई. वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान वकीलों की पिटाई की थी. इस दौरान कुछ वकीलों ने कोर्ट में पुलिसकर्मियों के बैठने की जगह को लेकर भी आपत्ति जताई. कल पिटाई का शिकार हुए वकील भी खुद अदालत में पेश हुए.
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#Delhi #DelhiPolice #SupremeCourt
@sanjoomewati@AneeshaMathur
- 50 Metro Stations closed
- Trains cancelled
- Buses canceled
- Border Sealed
- 1000+ people in detention
Why are you so scared Modi?
Your IT cell told us that hardly anyone will come to our protest, so why all these measures? 😂