सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है याचिका
◆ याचिका में सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाकर जबरन इलाज कराने की मांग की गई है
◆ जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं
◆ वांगचुक पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं
#SonamWangchuk | @Wangchuk66 | Sonam Wangchuk
SWARA CALLS OUT BOLLYWOOD’S FEAR UNDER BJP 🔥
REPORTER: Anna movement had actors on the street. Why is Bollywood silent now?
SWARA BHASKER 🛑: Because everyone knows what this government does. Speak too much and you get the Swara Bhasker treatment.
REPORTER: So celebrities are scared?
SWARA ⚠️: Of course. This government jailed activists and students for years. Father Stan Swamy died in jail. People know the price of dissent.
REPORTER: Does CJP need Bollywood?
SWARA 🎯: No. The cause is bigger than celebrities. I came as a citizen and a mother because this is my child’s future too.
3 Idiots me sabse 'loser' character real life mein sabse courageous nikle... aur baaki teen 'heroes' sabse bade losers. Who would've thought? More power to you, bhai. ❤️
We thank @ArvindKejriwal ji for extending his support to the Cockroach movement, and for urging Sonam ji to end his hunger strike.
It is a matter of great concern to us that Sonam ji is losing muscle mass at a very fast pace. That he and other students have to sacrifice their lives just to get the Modi government to HEAR them is a travesty. We are saddened but our hearts rage at the apathy of the government!
मध्य प्रदेश के छतरपुर में आदिवासी समुदाय के लोग चिता पर लेटकर 'जल-सत्याग्रह' कर रहे हैं।
BJP सरकार 'केन-बेतवा परियोजना' के नाम पर आदिवासियों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर रही है, उनके घर उजाड़ रही है- जो सरासर अन्याय है।
हमेशा पूंजीपतियों और रसूखदारों के लिए काम करने वाली BJP को इन आदिवासियों का दर्द नजर नहीं आ रहा, उनके आंसू दिखाई नहीं दे रहे।
आदिवासियों की बात सुनना, उचित मुआवजे के साथ सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, जिससे वो भाग रही है।
BJP सरकार आदिवासी परिवारों की आवाज को गंभीरता से सुने और न्यायपूर्ण समाधान निकाले, क्योंकि लोकतंत्र में ऐसी तानाशाही की कोई जगह नहीं है।
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए गए 20 टन चांदी के चढ़ावे में से 95%, जिसकी कीमत लगभग ₹550 करोड़ बताई जा रही है, नकली पाया गया।
यह मुमकिन ही नहीं है कि कोई भक्त श्रद्धा से माता के दर्शन के लिए जाए और वहाँ नकली चांदी का चढ़ावा चढ़ाकर आ जाए। ऐसा मानना ही हिंदुओं की आस्था का अपमान है।
इसलिए यह साफ़ है कि मंदिर में चांदी के चढ़ावे की अदला-बदली और हेराफेरी हुई है।
राम मंदिर से लेकर बद्रीनाथ और अब श्री माता वैष्णो देवी तक — कहानी एक ही नज़र आ रही है।
भक्तों की आस्था का नाजायज़ फ़ायदा उठाया गया है। उनके दिए गए दान और चढ़ावे को दिनदहाड़े लूटा गया है।
लेकिन हर मौके पर भगवान का नाम लेने वाले और ख़ुद को भगवान का अवतार के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री अब तक इस गंभीर पाप पर एक शब्द बोलने को तैयार नहीं हैं।
जिस धर्म की दुहाई देकर वे इस कुर्सी पर बैठे हैं, अगर वे उसी धर्म, उसकी आस्था और उसकी प्रतिष्ठा की चिंता भी नहीं कर सकते, तो उन्हें इस कुर्सी पर बैठे रहने का कोई अधिकार नहीं।
“अगर आप मेरी बात से सहमत हैं, तो मुझ पर दबाव क्यों? सरकार पर दबाव क्यों नहीं?”
सोनम वांगचुक जी का यह सवाल अनशन से बड़ा है। यह पूछता है कि लोकतंत्र में संवाद की पहल नागरिक करे, या सत्ता?
#SansadChalo#StandWithSonamWangchuk@Cockroachisback@Wangchuk66
आज भूख हड़ताल के 17 दिन हो गए है,और लगातार वाइटल्स गिरते जा रहे है लेकिन हम अभी भी अपने हिम्मत और मांगो से एक इंच भी नहीं डगमगाएं है!
@dpradhanbjp के इस्तीफे तक,
संघर्ष जारी है और जारी रहेगी।